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इस सरकारी कंपनी पर विदेशी निवेशकों को नहीं भरोसा, IPO 1.21 गुना भरा

मिधानि आईपीओ पर फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने बिड नहीं लगाई।

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नई दिल्ली. सरकारी कंपनी मिश्र धातु निगम (मिधानि) पर विदेशी निवेशकों को भरोसा नहीं है। वो इसलिए कि मिधानि के इनिशल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) पर फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने बिड नहीं लगाई।

 

1.21 गुना भरा आईपीओ

- कंपनी का 438 करोड़ रुपए का आईपीओ आखिरी दिन 1.21 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- रिटेल इन्वेस्टर्स का हिस्सा 72 फीसदी और हाई नेटवर्थ इन्डविजूअल का हिस्सा 12 फीसदी सब्सक्राइब हुआ।
- सरकार आईपीओ के जरिए अपनी 26 फीसदी हिस्सा बेच रही है।
- एसबीआई कैप्स और आईडीबीआई बैंक इस इश्यू के बुक रनिंग मैनेजर हैं।
- इस साल सरकारी कंपनियों का यह तीसरा आईपीओ है। इससे पहले भारत डायनामिक्स और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स का आईपीओ आया था।


5170 करोड़ रु का ऑर्डर बुक

- कंपनी के पास फिलहाल 5,170 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है जिसमें 50 पर्सेंट डिफेंस सेक्टर, 32 पर्सेंट स्पेस और बाकी ऑयल एंड गैस सेक्टर का शेयर है।
- 2016 से 2021 तक कंपनी के स्पेशियलिटी स्टील, सुपर एलॉय और टाइटेनियम एलॉय की डिमांड में क्रमश: 4%, 9% और 5% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
- मिधानि के पास हैदराबाद में एक प्लांट है। कंपनी ने हरियाणा के रोहतक और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में नए प्लांट लगाने के लिए अगले तीन साल में 100 करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान बनाया है।

 

कंपनी का बिजनेस

- कंपनी डिफेंस और स्पेस प्रोग्राम्स के लिए जरूरी अलॉय बनाती है। मिसाल के तौर पर यह डिफेंस, स्पेस और एनर्जी सेक्टर के लिए प्रॉडक्ट्स बनाती है जहां बहुत दबाव, ताप और क्षरण होता है।
- कंपनी के प्रॉडक्ट्स की सबसे बड़ी खरीदार सरकार है, इसलिए उसकी प्राइसिंग पावर लिमिटेड है।
- कंपनी की फ्यूचर ग्रोथ भी डिफेंस सेक्टर को लेकर बनने वाली सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगी। 

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