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पीएनबी से बड़ा झटका लोगों को दे गए ये मामा-भांजा, 4 लाख करोड़ डुबाए

मामा-भांजे की जोड़ी की वजह से निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए।

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नई दिल्ली.  पीएनबी में फ्रॉड मामला सामने आने के बाद मामा-भांजे की चोड़ी चर्चा में है। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने पीएनबी को 11,400 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। पीएनबी को हजारों करोड़ों का चूना लगाने के बाद मामा-भांजे की जोड़ी ने निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूबो दिए।

 

निवेशकों के डुबोए 4 लाख करोड़

पीएनबी में हुए फ्रॉड की खबर आने के बाद से लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन में बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है। बैंकिंग शेयरों में दबाव का असर शेयर बाजार पड़ा और स्टॉक्स में गिरावट से निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए। 12 फरवरी को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,49,06,949 करोड़ रुपए था, जो 19 फरवरी को 4,17,554 करोड़ रुपए घटकर 1,44,89,395 करोड़ रुपए पर आ गया।

 

क्यों चर्चा में है मामा-भांजे की जोड़ी

11,400 करोड़ रुपए से ज्यादा के PNB स्कैम को लेकर डायमंड मर्चेंट नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी इन दिनों भारत ही नहीं दुनिया भर में सुर्खियों में हैं। वह इस वक्‍त विदेश में भाग कर छिप गए हैं। इस फ्रॉड के चलते पीएनबी से लेकर सरकार तक हिली हुई है।

 

आगे पढ़ें : कैसे सामने आया पीएनबी घोटाला

ऐसे सामने आया मामला

 

- पंजाब नेशनल बैंक ने बुधवार को स्‍टॉक एक्‍सचेंज बीएसई को बताया कि उसने 1.8 अरब डॉलर (करीब 11,356 करोड़ रुपए) का संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पकड़ा है।
- यह फ्रॉड कुछ चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए किए गए थे।
- बैंक के अनुसार, ऐसा लगता है कि इन ट्रांजैक्‍शन के आधार पर विदेश में कुछ बैंकों ने उन्हें (चुनिंदा अकाउंट होल्‍डर्स को) कर्ज दिया है। ये अकाउंट्स कितने थे, कितने लोगों को फायदा हुआ? इस बारे में अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। यह मामला 2011 से जुड़ा है।

 

आगे पढ़ें- कैसे हुआ फ्रॉड?

LoU के जरिए दिया अंजाम

 

- इस पूरे फ्रॉड को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के जरिए अंजाम दिया गया। यह एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक अकाउंटहोल्डर को पैसा मुहैया करा देते हैं। अब यदि अकाउंटहोल्डर डिफॉल्ट कर जाता है तो एलओयू मुहैया कराने वाले बैंक की यह जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को बकाये का भुगतान करे।

- पीएनबी के कुछ अफसरों ने नीरव मोदी को गलत तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दी। इसी एलओयू के आधार पर मोदी और उनके सहयोगियों ने दूसरे बैंकों से विदेश में कर्ज ले लिया। पीएनबी ने भले ही दूसरे लेंडर्स के नाम का उल्लेख नहीं किया, लेकिन समझा जाता है कि पीएनबी द्वारा जारी एलओयू के आधार पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक ने भी क्रेडिट ऑफर कर दिया था।

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