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ल्यूपिन को Q3 में 152 करोड़ रु का लॉस, यूरोप के कानूनी विवाद से लगा झटका    

दवा कंपनी ल्यूपिन (Lupin) ने दिसंबर, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान 151.75 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

Lupin reports Rs 152 cr loss in Q3 on one-time provisioning for litigation expenses


नई दिल्ली. दवा कंपनी ल्यूपिन (Lupin) ने दिसंबर, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान 151.75 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। कंपनी को नुकसान की वजह 342.22 करोड़ रुपए की एकमुश्त प्रोविजनिंग रही, जो उसे यूरोप में अपनी ब्लड प्रेशर की दवार पेरिंडोप्रिल (Perindopril) से संबंधित एक कानूनी विवाद में करनी पड़ी थी। ल्यूपिन (Lupin) ने बुधवार को अपना तिमाही रिजल्ट जारी किया। 

 

कुल इनकम में हुई बढ़ोतरी

कंपनी द्वारा जारी बयान के मुताबिक, एक साल पहले समान तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान उसे 221.73 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान ल्यूपिन की कुल इनकम 4,377.94 करोड़ रुपए रही थी, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 3,900 करोड़ रुपए रहा था।

 

यूरोपियन कमीशन ने लगाया था 4 करोड़ यूरो का फाइन

जनरल कोर्ट ऑफ द यूरोपियन यूनियन ने 12 दिसंबर, 2018 को पेरिंडोप्रिल से संबंधित एक विवाद में यूरोपियन कमीशन के 2014 के फैसले के खिलाफ दायर की गई ल्यूपिन की अपील पर अपना फैसला सुनाया था। जनरल कोर्ट ने यूरोपियन कमीशन के ल्यूपिन पर 4 करोड़ यूरो का फाइन लगाने के फैसले को बरकरार रखा था।
ल्यूपिन ने कहा, ‘कंपनी के पक्ष में मामला सेटल नहीं हुआ। इसे देखते हुए कंपनी ने 28 लाख यूरो इंटरेस्ट सहित 4.28 करोड़ यूरो (342.22 करोड़ रुपए) की प्रोविजनिंग कर दी है। इसे एक्सेप्शन आइटम के तौर पर दर्ज किया गया है।’

 

यूरोपियन रेग्युलेटर ने 6 ग्लोबल कंपनियों पर की थी कार्रवाई

वर्ष 2014 में ल्यूपिन और यूनिकेम लैबोरेटरीज सहित 6 ग्लोबल दवा कंपनियों पर यूरोपियन रेग्युलेटर ने 42.77 करोड़ यूरो का फाइन लगाया था। रेग्युलेटर ने ईयू में पेरिंडोप्रिल के सस्ते वर्जन की एंट्री रोकने पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की थी। एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले कंपनी को तीसरी तिमाही में 190.5 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ।
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए ल्यूपिन के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गुप्ता ने कहा कि पहली छमाही मुश्किल रहने के बाद अब कंपनी अमेरिकी बाजार में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद कर रही है।

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