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अनलिस्‍टेड कंपनियों के निवेशकों को मिली राहत, फाइनेंस बिल में हुआ संशोधन

अनलिस्‍टेड कंपनियों में निवेश करने वालों को सरकार ने राहत दी है।

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नई दिल्‍ली. अनलिस्‍टेड कंपनियों में निवेश करने वालों को सरकार ने राहत दी है। सरकार ने फाइनेंस बिल में संशोधन करते हुए प्रावधान किया है कि ऐसी कंपनियों के शेयर बेचने वालों पर 20 फीसदी की दर से टैक्‍स लगेगा। यह लाभ उन्‍हीं कंपनियों के शेयर्स की बिक्री पर मिलेगा जो 31 जनवरी के बाद लिस्‍टेड हुई होंगी। बजट में LTCG टैक्‍स लगने के बाद ऐसे निवेशक भ्रम की स्थिति में थे।

 

 

 

नहीं मिलेगा इंडेक्‍शन बेनेफिट का लाभ


इंडेक्‍शन बेनेफिट उसे कहते हैं जिसमें कॉस्‍ट ऑफ एक्विजेशन पर महंगाई के आधार पर राहत दी जाती है। लेकिन लोकसभा में पास इस फाइनेंस बिल में साफ है कि यह लाभ नहीं मिलेगा। वर्ष 2018-19 के बजट में 14 साल के बाद 10 फीसदी की दर से लॉन्‍ग टर्म कैपिट्ल गैन टैक्‍स (LTCG) लगाया गया है। यह टैक्‍स प्रति वर्ष 1 लाख से ज्‍यादा का LTCG होने पर ही देना होगा। 

 

 

अभी क्‍या हैं टैक्‍स की दरें


अभी एक साल के बाद होने वाले कैपिटल गेन पर किसी भी प्रकार का टैक्‍स लागू नहीं है, जबकि एक साल के अंदर यानी शार्ट टर्म कैपिटल गैन पर 15 फीसदी की दर से टैक्‍स लगता है। 

यह टैक्‍स अनलिस्‍टेड कंपनियों के शेयर एक साल के बाद बेचने पर 20 फीसदी और एक साल के अंदर बेचने पर 30 फीसदी टैक्‍स लगता है। 

 

 

 

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री को मिले थे कई मांग पत्र 

 

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री को LTCG को लेकर कई मंग पत्र मिले थे। नागिया एंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर राकेश नागिया के अनुसार फाइनेंस बिल में संशोधन से कुछ दिक्‍कतें आसान होंगी। एक फरवरी 2018 के बाद से अनलिस्‍टेड कंपनियों में हिस्‍सेदारी बेचने वालों को इससे राहत मिलेगी। 

 

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