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बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocks1 अप्रैल से म्‍युचुअल फंड पर LTCG और डिविडेंड टैक्‍स लागू, पैसे बचाने के​ लिए ऐसे बनाएं स्‍ट्रैटजी

1 अप्रैल से म्‍युचुअल फंड पर LTCG और डिविडेंड टैक्‍स लागू, पैसे बचाने के​ लिए ऐसे बनाएं स्‍ट्रैटजी

 

 

नई दिल्‍ली. बजट में स्‍टॉक मार्केट और म्‍युचुअल फंड पर टैक्‍स लगाए गए थे, जो 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं। इनके अनुसार अब म्‍युचुअल फंड पर मिलने वाले डिविडेंड पर 10 फीसदी डिविडेंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स (DDT) लगाया गया है। इसके अलावा 10 फीसदी लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स (LTCG) लगाया गया है। यह टैक्‍स उन लोगों को देना होगा जिनकाे एक वित्‍तीय साल में 1 लाख रुपए से ज्‍यादा का कैपिटल गैन हुआ होगा। इस कैपिटल गैन की गणना स्‍टॉक मार्केट और म्‍युचुअल फंड दोनों से हुए फायदे को मिलाकर की जाएगी। हालांकि जानकारों की राय है कि अगर निवेश की रणनीति में बदलाव किया जाए तो इस टैक्‍स के बोझ को कम किया जा सकता है।

 

 

अभी तक निवेशित इन्‍वेस्‍टर्स क्‍या करें

च्‍वॉइस ब्रोकिंग प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार अगर म्‍युचुअल फंड में किसी ने पहले से ही इन्‍वेस्‍टमेंट कर रखा है, तो उसे अपने पोर्टफोलियो पर नजर डालें। अगर कोई भी म्‍युचुअल फंड डिविडेंड आप्‍शन में है तो उसे ग्रोथ में बदलने से फायदा हो सकता है। क्‍योंकि म्‍युचुअल फंड कंपनियां अब डिविडेंड देने के पहले 10 फीसदी टैक्‍स काटेंगी। आप इनकम टैक्‍स के दायरे में आते हों या न आते हों यह टैक्‍स कटेगा ही। ऐसे फंड को ग्रोथ आप्‍शन में बदलने से इस टैक्‍स से राहत मिल जाएगी।

 

जैसे ही निवेशक अपने आप्‍शन में बदलाव करके ग्रोथ का विकल्‍प अपनाएंगे उन पर लॉन्‍ग टर्म कैपिटल टैक्‍स की ही जिम्‍मेदारी बनेगी। ऐसे में निवेशक हर साल अपने म्‍युचुअल फंड के उतने हिस्‍से को बेचता जाए जिसमें उसे कुल मिलाकर 1 लाख रुपए का ही लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन हुआ हो। इससे उसकी टैक्‍स की जिम्‍मेदारी जीरो हो जाएगी। बाद में निवेशक चाहे तो इस लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन के फायदे का निवेश कर सकता है।

 

 

क्‍या होता है लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन और शार्ट टर्म कैपिटल गेन

लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन उसे कहते जिसमें शेयर बाजार या इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश के एक साल बाद फायदा हो। वहीं शार्ट टर्म कैपिटल गेन उसे कहते हैं जिसमें शेयर बाजार और इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश में एक साल से कम में फायदा हो। बजट के प्रस्‍ताव लागू होने के बाद वर्ष 2018 -19 में जहां लाॅन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स 10 फीसदी की दर से देना होगा वहीं शार्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स 15 फीसदी की दर से देना होगा।

 

 

एडजेस्‍ट हो सकता है शार्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स

अगर किसी निवेशक को अपने एक निवेश पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन के तहत निवेश पर घाटा हो रहा हो और किसी दूसरे निवेश पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स के तहत फायदा हुआ हो उसे एडजेस्‍ट भी किया जा सकता है। अगर निवेशक इस घाटे को अपने रिटर्न में दिखाता है, आगे के वर्षों में भी इस लॉस को एडजेस्‍ट किया जा सकता है।

 

 

स्‍टॉक मार्केट और म्‍युचुअल फंड का फायदा एक साथ जोड़ना होगा

शेयरखान के वाइस प्रेसीडेंट मृदुल कुमार वर्मा के अनुसार लोगों में भ्रम है कि स्‍टाॅक मार्केट और म्‍युचुअल फंड में लॉान्‍ग टर्म कैपिटल गैन का फायदा अलग अलग मिलेगा, लेकिन यह सच नहीं है। स्‍टॉक मार्केट और म्‍युचुअल फंड में एक साल से ज्‍यादा के निवेश पर होने वाले फायदे पर को एक साथ जोड़ा जाएगा। इसके बाद ही टैक्‍स की गणना की जाएगी।

 

 

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