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PNB में हिस्‍सेदारी घटाने की नहीं सोच रहे ; LIC चेयरमैन वीके शर्मा

PNB में घोटाले से ही नहीं LIC को कई अन्‍य जगहों से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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नई दिल्‍ली. PNB में घोटाले से ही नहीं LIC को कई अन्‍य जगहों से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। LIC के चेयरमैन वी के शर्मा ने आज इस बात की जानकारी दी। हालांकि उन्‍होंने कहा कि पीएनबी में 11 हजार करोड़ से ज्‍यादा के फ्रॉड के बाद भी वह हिस्‍सेदारी घटाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। 

 

 

पीएनबी में एलआईसी की है 14 फीसदी हिस्‍सेदारी
आंकड़ों के अनुसार LIC के पास PNB की 13.93 फीसदी है। एलआईसी ने दिसबंर 2017 में ही पीएनबी में अपनी हिस्‍सेदारी में बढ़त की है। बुधवार और गुरुवार को पीएनबी में आई गिरावट से एलआईसी को करीब 1700 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। शुक्रवार को भी पीएनबी के शेयर में गिरावट का रुख है, जिससे यह नुकसान और बढ जाएगा। 

 

 

शेयर बाजार में एलआईसी ने बढ़ाया निवेश
एलआईसी के चेयरमैन वीके शर्मा ने बताया कि कंपनी ने अप्रैल - दिसबंर 2017 के बीच शेयर बाजार में 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है। हालांकि इस बीच शेयर बाजार में कंपनी ने करीब 49 हजार करोड़ रुपए के शेयर बेच कर मुनाफा भी कमाया है। शर्मा का कहना है कि अगर लम्‍बे समय के डेट निवेश के मौके मिले तो एलआईसी निवेश पर विचार कर सकती है। शर्मा ने बताया कि कंपनी ने एशियन पेंट में अपनी हिस्‍सेदारी 5 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर ली है। यह दो फीसदी हिस्‍सेदारी एलआईसी ने ओपन मार्केट से खरीदी है। 

 

 

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एलआईसी के फंसे हुए कर्जें बढ़े

एलआईसी के फंसे हुए कर्जे दिसबंर 2017 तक बढ़े हैं। एलआइ्रसी का ग्रॉस एनपीए दिसबंर 5.74 फीसदी था, जो एक साल पहले 5.19 फीसदी था। हालांकि कंपनी का नेट NPA दिसबंर 2017 में घटकर 1.67 फीसदी पर आ गया है, जो एक साल पहले 2.58 फीसदी पर था। फंसे हुए कर्जे को वसूलने के लिए LIC ने कंर्स्‍टोरियल के साथ मिलकर NCLT में मामले दाखिल किए हुए हैं, जो करीब 23 हजार करोड़ रुपए के हैं। 
 

 

सबसे ज्‍यादा कहां फंसा है पैसा
एलआईसी चेयरमैन ने बताया कि कंपनी का सबसे ज्‍यादा पैसा जेपी एसोसिएशट, भूषण स्‍टील, एस्‍सर पॉवर में फंसा हुआ है। 

 

 

कारोबार के लिहाज से अच्‍छा रहा समय
शर्मा ने बताया कि कारोबार के यह समय अच्‍छा रहा है। कंपनी ने फरवरी के मध्‍य तक सिंगल प्रीमियम पॉलिसी बेचने का लक्ष्‍य पा लिया है। अप्रैल से दिसबंर 2017 तक कपंनी की टोटल पीमियम आय 2.24 लाख करोड़ रुपए रही है। इसमें पिछले साल इसी समय के दौरान करीब 11.5 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है। 

 

 

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