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वादे पर फिर खरी उतरी LIC, अन्‍य कंपनियों को ऐसे छोड़ा पीछे

LIC एक बार फिर पॉलिसी होल्‍डर के विश्‍वास पर खरी उतरी है।

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नई दिल्‍ली. बीमा इसीलिए कराया जाता है कि संकट के समय में काम आए। इस लिहाज से LIC एक बार फिर पॉलिसी होल्‍डर के विश्‍वास पर खरी उतरी है। इसके सामने ज्‍यादातर निजी बीमा कंपनियां नहीं टिक पाई हैं। बीमा नियामक प्राधिकरण इरडा ने पिछले दिनों आंकड़े जारी किए जिसमें हर मामले में एलआईसी अव्‍वल रही है। आमतौर पर धारणा है कि निजी क्षेत्र की कंपनियां तेज काम करती हैं, लेकिन यहां पर तस्‍वीर उल्‍टी नजर आ रही है।

 

 

कौन से हैं महत्‍वपूर्ण पैरामीटर

बीमा कराते वक्‍त कहा जाता है कि कंपनियों का क्‍लेम सेटलमेंट रेश्‍यो जरूर देखें। इसके अलावा बीमा कंपनी आपकी शिकायत पर कितना ध्‍यान देती है, यह भी देखना चाहिए। LIC इन तीनों मामलें में खरी उतरी है।

 

 

आंकड़ों पर एक नजर 

क्‍लेम सेटलमेंट रेश्‍यो 

 

एलआईसी

98.31 फीसदी

निजी कंपनियां

93.72 फीसदी

 

 

क्‍लेम रिजेक्‍ट रेश्‍यो 

 

एलआईसी

0.97 फीसदी

निजी कंपनियां

0.58 फीसदी

 

        

एक साल से पेंडिंग शिकायतें 

 

 

एलआईसी

1.40 फीसदी

निजी कंपनियां

10.51 फीसदी  

 

 

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पॉलिसी होल्‍डर के लिए क्‍या है इन पैरामीटर का मतलब

पॉलिसी होल्‍डर के लिए इन पैरामीटर को जानना काफी जरूरी है। क्‍लेम सेटलमेंट रेश्‍यो का मतलब है कि आए मृत्‍यु दावों के बदले कितने लोगों का क्‍लेम पास किया है। इरडा की तरफ से जारी अांकड़ों के अनुसार अगर LIC के पास आने वाले हर 100 दावों में से उसने 98.31 दावों का भुगतान कर दिया है। इसके अलावा मात्र 0.58 दावों को रिजेक्‍ट किया गया है। यह आंकड़े निजी कंपनियों के मुकाबले काफी अच्‍छे हैं। निजी बीमा कंपनियों ने हर 100 दावों के बदले केवल 93.72 का ही भुगतान किया है। इसके अलावा 0.97 दावों को रिजेक्‍ट भी किया है।

   

LIC के अलावा 23 निजी कंपनियां है मार्केट में

देश में LIC के अलावा 23 निजी क्षेत्र की कंपनियां बीमा क्षेत्र में काम कर रही हैं। इरडा के आंकड़ों से पता चलता है कि LIC बीमा धारक की मृत्‍यु के बाद उनके क्‍लेम को देने में सबसे ज्‍यादा ध्‍यान दिया है। वहीं निजी कंपनियां इस मामले में पीछे रही हैं।

 

 

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LIC के भुगतान की गारंटी देती है भारत सरकार

LIC के बीमाधारक को उसके भुगतान की गारंटी भारत सरकार की तरफ से मिलती है। इसका मतलब है अगर LIC  को किसी भी प्रकार की दिक्‍कत आती है तो पॉलिसी होल्‍डर को उसका क्‍लेम भारत सरकार की तरफ से मिलेगा।

 

 

LIC ने सभी शिकायतों का किया निस्‍तारण

एलआईसी को 31 मार्च 2017 तक 30784 शिकायतें मिलीं, और उसने सभी शिकायतों का निस्‍तारण कर दिया। वहीं निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों को इस दौरान 90063 शिकायतें मिलीं, लेकिन यह सभी शिकायतों का निस्‍तारण नहीं कर सकीं। इनका प्रतिशत 99.73 फीसदी रहा। निजी क्षेत्र की केवल मैक्‍स लाइफ, टाटा एआईए, रिलायंस निप्‍पन और आईडीबीआई फेडरल ने शतप्रतिशत शिकायतों का निपटारा किया है।

 

 

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