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1 लाख रु से की शुरुआत, खड़ी कर दी 10 हजार करोड़ की कंपनी

कहते हैं कि अगर आप में कुछ अलग करने कुछ करने की तमन्ना हो तो दुनिया की कोई भी नौकरी आपको अच्‍छी नहीं लगेगी। फिर आप नौकरी भी छोड़ने में संकोच नहीं करेंगे। वी गार्ड इंडस्ट्रीज के फाउंडर के थॉमस चिट्टिलापिल्लाई ने नौकरी छोड़ कर एक वोल्टेड स्टेबलाइजर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाई और आज उनकी कंपनी 10 हजार करोड़ की हो गई है। आइए जानते हैं चिट्टिलापिल्लाई की सफलता की दिलचस्प कहानी।

money bhaskar

Jan 28,2018 08:39:00 AM IST

नई दिल्ली. कहते हैं कि अगर आप में कुछ अलग करने कुछ करने की तमन्ना हो तो दुनिया की कोई भी नौकरी आपको अच्‍छी नहीं लगेगी। फिर आप नौकरी भी छोड़ने में संकोच नहीं करेंगे। वी गार्ड इंडस्ट्रीज के फाउंडर के थॉमस चिट्टिलापिल्लाई ने नौकरी छोड़ कर एक वोल्टज स्टेबलाइजर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाई और आज उनकी कंपनी 10 हजार करोड़ की हो गई है। आइए जानते हैं चिट्टिलापिल्लाई की सफलता की दिलचस्प कहानी।

40 साल पहले 1 लाख रुपए से की थी शुरुआत

वी गार्ड इस्ट्रीडज के फाउंडर, चेयरमैन और सीईओ के. थॉमस चिट्टिलापिल्लाई ने 1977 में 1 लाख रुपए से कंपनी की नींव रखी थी। उन्होंने 2 कर्माचारियों के साथ वोल्टज स्टेबलाइजर बनाने का काम शुरू किया था। आज उनकी कंपनी देश की बड़ी कंज्यूमर डुरेबल्स कंपनियों में से एक हैं। कंपनी स्टेबलाइजर के अलावा पंप्स एंड मोटर्स, इलेक्ट्रिक और सोलर वाटर हीटर्स, वायरिंग केबल्स, यूपीएस और सीलिंग फैन्स बनाती है।

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यूपीएस सेग्मेंट में 20 फीसदी है मार्केट शेयर

 

कंपनी के मुताबिक, भारत में यूपीएस सेग्मेंट में कंपनी का मार्केट शेयर 20 फीसदी है। पम्प सेग्मेंट में 15 फीसदी, वाटर हीटर्स में 12 फीसदी और वायरिंग केबल्स सेग्मेंट्स में 7 फीसदी हिस्सेदारी है।

 

आईओटी पर लगाया दांव

 

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में बड़ा नाम बन चुकी इस कंपनी ने ग्रोथ का नया प्लान ढूंढ लिया है, जिसे इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) यानी चीजों का इटरनेट कहा जा रहा है। कंपनी का मानना है कि दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा जनसंख्या वाली आबादी की कमाई बढ़ने और 100 करोड़ मोबाइल फोन होने का फायदा उसे मिलेगा। कंपनी वॉटर हीटर और पावर बैक-अप सिस्टम्स के बाद 'स्मार्ट फैन' के बाजार में उतरेगी।

 

आगे पढ़ें- 9 साल में 4000 फीसदी बढ़ा स्टॉक

2008 में लिस्ट हई थी कंपनी

 

चिट्टिलापिल्लाई ने इनवेशन के बल पर एक बड़ी कंपनी बना दी। विस्तार के लिए कंपनी को फंड की जरूरत पड़ी और 2008 में कंपनी ने अपना आईपीओ पेश किया।

 

9 साल में 4000 फीसदी बढ़ा स्टॉक

 

साल 2008 में शेयर बाजार पर सूचीबद्ध होने वाली वी-गार्ड इंडस्ट्रीज ने अब तक के सफर में 3,985 फीसदी रिटर्न दिया है।

 

तीसरे क्वार्टर में मुनाफा 41% बढ़ा

फाइनेंशियल ईयर 2018 के तीसरे क्वार्टर में वी-गार्ड इंडस्ट्रीज का मुनाफा 41.39 फीसदी बढ़कर 35.76 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल समान क्वार्टर में कंपनी का मुनाफा 25.29 करोड़ रुपए रहा था। वहीं तीसरे क्वार्टर में कंपनी की आय 16.75 फीसदी बढ़कर 526.08 करोड़ रुपए रही। पिछले साल समान क्वार्टर में कंपनी की आय 450.58 करोड़ रुपए रही थी।

 

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