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PPF और ELSS की ये है A B C D, 5 प्‍वाइंट में समझें अंतर

नई दिल्‍ली. पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) और म्‍युचुअल फंड की इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) दोनों ही इनकम टैक्‍स बचाने के लिए हैं। देश में दोनाें तरीकों में हजारों करोड़ रुपए का निवेश है। लेकिन ज्‍यादातर लोगा यह जानने की कोशिश नहीं करते हैं, कौन सी स्‍कीम ज्‍यादा अच्‍छी है। इसलिए हम यहां पर दोनों स्‍कीमों की खूबियों के साथ एक तुलना भी दे रहे हैं जिससे निवेश के फैसले आसान हो जाएं और ज्‍यादा फायदा लिया जा सके। 

 

 

कुछ बातें कॉमन 
दोनों स्‍कीम में कुछ बातें काॅमन हैं। पहली है कि दोनों में अधिकतम 1.5 लाख रुपए का ही टैक्‍स बचाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों स्‍कीम को बीच में बंद नहीं किया जा सकता है। यह अलग बात है कि PPF में पैसा 15 साल बाद निकाला जा सकता है वहीं ELSS में पैसा 3 साल ही निकाला जा सकता है। 

 

 

अब जानें दोनों स्‍कीम की 5-5 खास बातें 


PPF की 5 बातें जाे बनाती हैं इसे खास 

1 इसे बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में कहीं भी खोला जा सकता है। इसके अलावा इसे किसी भी बैंक में या किसी भी पोस्‍ट ऑफिस में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। 

 

2 इसे खोला तो केवल 100 रुपए से जा सकता है लेकिन फिर बाद में हर साल 500 रुपए एक बार में जमा करना जरूरी है। इस अकाउंट में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए ही जमा किया जा सकता है। 

 

3 यह स्‍कीम 15 साल के लिए है, जिससे बीच में नहीं निकला जा सकता है। लेकिन इसे 15 के बाद 5 - 5 के लिए बढ़ाया जा सकता है।  

 

4 इसे 15 साल के पहले बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन 3 साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है। अगर कोई चाहे तो इस अकाउंट से 7वें साल से नियमों के तहत पैसा विड्रॉल कर सकता है। 

 

5 ब्‍याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में सरकार करती है। यह ब्‍याज दरें कम या ज्‍यादा हो सकती है। फिलहाल 1 जनवरी 2018 से इस अकाउंट पर 7.6 फीसदी ब्‍याज मिल रहा है। 


 

ELSS की 5 बातें जाे बनाती हैं इसे खास 

 

1 देश में 42 म्‍युचुअल फंड कंपनियां है। हर कंपनी के पास इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम है। इसे ऑनलाइन घर बैठे-बैठे या किसी एजेंट के माध्‍यम से खरीदा जा सकता है। 

 

2 इसमें अगर एक बार में निवेश करना है तो आमतौर पर न्‍यूनतम 5 हजार रुपए और अगर हर माह निवेश करना है तो आमतौर पर न्‍यूनतम 500 रुपए महीने का निवेश करना होता है। हालांकि इसमें 1.5 लाख रुपए की अधिकतम टैक्‍स छूट ली जा सकती है, लेकिन अधिकतम निवेश की इसमें कोई सीमा नहीं है। 


3 इस स्‍कीम में निवेश 3 साल के लिए लॉकइन रहता है। इसके बाद निवेशक चाहे तो यह पैसा निकाल सकता है। तीन साल के बाद चाहें तो पूरा निकाल लें या जितनी जरूरत हो उतना। निवेशक इस स्‍कीम में जब तक चाहे बना रह सकता है। 

 

4 यह स्‍कीम केवल 3 साल के लिए लॉकइन होती है, लेकिन अगर निवेशक इसमें डिविडेंट पेआउट का आप्‍शन लेता है तो उन्‍हें बीच बीच में पैसा मिलता रहेगा। हालांकि इसे बीच में स्‍कीम से निकला नहीं जा सकता है। 

 

5 इस निवेश पर ब्‍याज दर की जगह मार्केट लिंक रिटर्न मिलता है। इस कैटेगरी के म्‍युचुअल फंड में सबसे अच्‍छी स्‍कीम SBI LTAF-Sr-4 Regular ने एक साल में 30.7 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस कैटेगरी में 42 से ज्‍यादा स्‍कीम्‍स हैं और उनका औसत एक साल का रिटर्न 12.3 फीसदी रहा है। (नोट : यह डाटा 10 मई 2018 तक का है।) 

 

 

आगे पढ़ें : जानकारों की नजर में कौन सी स्‍कीम ज्‍यादा अच्‍छी 

 

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