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Jet Airways का स्टॉक 7% टूटा, टाटा ग्रुप की बोर्ड मीटिंग में टेकओवर प्रपोजल नहीं आने से झटका

टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में जेट एयरवेज को खरीदने का कोई प्रपोजल नहीं रखे जाने की खबर से एयरलाइन के स्टॉक को तगड़ा झटका

Jet Airways stock crash 7 percent

 

नई दिल्ली. टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में जेट एयरवेज को खरीदने का कोई प्रपोजल नहीं रखे जाने की खबर से एयरलाइन के स्टॉक को तगड़ा झटका लगा। जेट एयरवेज का स्टॉक लगभग 7 फीसदी की गिरावट के साथ 323 रुपए पर क्लोज हुआ। इससे पहले रविवार को ऑपरेशनल वजहों से जेट एयरवेज को मुंबई से अपनी 10 डॉमेस्टिक फ्लाइट्स भी रद्द करनी पड़ी थीं।

 

गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई बोर्ड मीटिंग के बाद टाटा संस ने कहा था कि जेट एयरवेज की कंट्रोलिंग स्टेक लेने के मसले पर बातचीत अभी शुरुआती दौर में है। बोर्ड मीटिंग में एयरलाइन को खरीदने के लिए कोई प्रस्ताव भी नहीं पेश किया गया। जेट एयरवेज इन दिनों नकदी के संकट से जूझ रही है। इसके चलते स्टॉक पर प्रेशर बना हुआ। हालांकि टाटा संस की दिलचस्पी खबर से पिछले कुछ दिनों से जेट एयरवेज के स्टॉक में मजबूती दिख रही थी।


जेट एयरवेज ने रद्द कीं मुंबई से 10 फ्लाइट्स

रविवार को जेट एयरवेज ने मुंबई से अपनी 10 डॉमेस्टिक फ्लाइट्स रद्द कर दी थीं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘ऑपरेशनल इश्यूज’ के कारण इन फ्लाइट्स को रद्द किया गया था। हालांकि सूत्रों ने दावा किया कि पायलटों की कमी के कारण एयरलाइन ने यह फैसला लिया है।

 

12 फीसदी तक टूटा स्टॉक

इन खबरों के चलते कंपनी के स्टॉक को तगड़ा झटका लगा और 12 फीसदी की गिरावट के साथ ओपनिंग हुई। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी दर्ज की गई और स्टॉक 7 फीसदी कमजोर होकर 323 रुपए पर क्लोज हुआ।

 

टाटा ग्रुप ले सकता है कंट्रोलिंग स्टेक

गौरतलब है कि टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons), जेट एयरवेज में कंट्रोलिंग स्टेक लेने पर चर्चा कर रही है। माना जा रहा है कि इस प्लान में एविएशन बिजनेस में लॉन्ग टर्म के टारगेट्स पर फोकस किया जाएगा। रिपार्ट्स के मुताबिक, ‘टाटा संस की एक टीम जेट एयरवेज पर विचार कर रही है, जिसके अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहने का अनुमान है।’ हालांकि जेट एयरवेज इन खबरों को महज अटकलें बताकर खारिज कर रही है।

 

 
कॉस्ट घटाने की कोशिशें कर रही जेट

लगातार तीसरी तिमाही में घाटा दर्ज करने के बाद कर्ज के बोझ से दबी जेट एयरवेज ने कहा था कि कॉस्ट घटाने और कमाई बढ़ाने की कोशिशों के तहत उसकी कम प्रॉफिट वाले रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या में कटौती और ज्यादा आकर्षक बाजारों में क्षमता बढ़ाने की योजना है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, ऊंचा फ्यूल टैक्स, कमजोर रुपया, कम किरायों और मार्केट में कॉम्पिटीशन बढ़ने से दुनिया के सबसे तेजी से उभरते एविएशन मार्केट में प्रॉफिट में कमी देखने को मिल रही है। भारत का एविएशन मार्केट सालाना 20 फीसदी की पैसेंजर ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है।

 

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