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Jet Airways के स्टॉक में 8% की बढ़त, खरीदने पर आज विचार करेगी टाटा संस

Jet Airways का स्टॉक 7 फीसदी की गिरावट पर खुलने के बाद कुछ ही देर में हरे निशान में आ गया।

Jet Airways rallies after falling in opening deals

 

नई दिल्ली. टाटा संस (Tata Sons) शुक्रवार को होने जा रही बोर्ड मीटिंग में कैश की तंगी से जूझ रही जेट एयरवेज (Jet Airways) की कंट्रोलिंग स्टेक लेने पर विचार कर सकती है। इस खबर का असर जेट एयरवेज के स्टॉक पर आज भी दिखा। एयरलाइन का स्टॉक 7 फीसदी की गिरावट पर खुलने के बाद कुछ ही देर में हरे निशान में आ गया। फिलहाल कंपनी का स्टॉक लगभग 8 फीसदी की मजबूती के साथ 346 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। गौरतलब है कि टाटा संस, टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है।

 

15 दिन में 60 फीसदी चढ़ा स्टॉक

टाटा ग्रुप द्वारा जेट एयरवेज की कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने में दिलचस्पी जाहिर किे जाने के बाद उसके शेयर में लगातार बढ़त देखने को मिल रही है। 31 अक्टूबर को कंपनी का स्टॉक 222 रुपए पर था, जो अब बढ़कर 350 रुपए पर पहुंच चुका है। इस प्रकार शेयर में 15 दिन में लगभग 60 फीसदी की तेजी आ चुकी है। 

 

दो एयरलाइंस में पहले से है टाटा ग्रुप की हिस्सेदारी

टाटा ग्रुप की पहले से ही भारत में परिचालित दो एयरलाइंस में होल्डिंग है। ग्रुप की होल्डिंग कंपनी की टाटा एसआईए एयरलाइंस (जो विस्तारा ब्रांड के तहत उड़ान भरती है) और किफायती सेवाओं वाली विमानन कंपनी एयर एशिया इंडिया (जो मलेशिया की एयर एशिया के साथ एक ज्वाइंट वेंचर है) में हिस्सेदारी है।

 

टाटा ग्रुप ले सकता है कंट्रोलिंग स्टेक

गौरतलब है कि टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons), जेट एयरवेज में कंट्रोलिंग स्टेक लेने पर चर्चा कर रही है। खबरों के मुताबिक, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन आज होने वाली बोर्ड मीटिंग में जेट एयरवेज को खरीदने का प्लान पेश कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस प्लान में एविएशन बिजनेस में लॉन्ग टर्म के टारगेट्स पर फोकस किया जाएगा। रिपार्ट्स के मुताबिक, ‘टाटा संस की एक टीम जेट एयरवेज पर विचार कर रही है, जिसके अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहने का अनुमान है।’

 

कॉस्ट घटाने की कोशिशें कर रही जेट

सोमवार को लगातार तीसरी तिमाही में घाटा दर्ज करने के बाद कर्ज के बोझ से दबी जेट एयरवेज ने कहा था कि कॉस्ट घटाने और कमाई बढ़ाने की कोशिशों के तहत उसकी कम प्रॉफिट वाले रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या में कटौती और ज्यादा आकर्षक बाजारों में क्षमता बढ़ाने की योजना है।

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, ऊंचा फ्यूल टैक्स, कमजोर रुपया, कम किरायों और मार्केट में कॉम्पिटीशन बढ़ने से दुनिया के सबसे तेजी से उभरते एविएशन मार्केट में प्रॉफिट में कमी देखने को मिल रही है। भारत का एविएशन मार्केट सालाना 20 फीसदी की पैसेंजर ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है।

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