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2018 में जारी रहेगा IPO का मजबूत ट्रेंड, 50 से ज्यादा कंपनियां कतार में

बाजार की इसी तेजी का फायदा उठाने के लिए इस साल 50 से ज्यादा कंपनियां आईपीओ लाने की कतार में हैं।

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नई दिल्ली.  प्राइमरी मार्केट के लिए पिछला एक साल बेहतर रहा। इस दौरान 38 कंपनियों ने प्राइमरी इश्यूज के जरिए मार्केट से रिकॉर्ड 75,475 करोड़ रुपए जुटाए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस साल भी आईपीओ का मजबूत ट्रेंड जारी रहेगा। मार्केट में लगातार तेजी है, ऐसे में बाजार से कंपनियों के लिए पैसा जुटाने का अच्छा मौका है। बाजार की इसी तेजी का फायदा उठाने के लिए इस साल 50 से ज्यादा कंपनियां आईपीओ लाने की कतार में हैं। इस साल कंपनियां अपने विस्तार के लिए रकम जुटाएंगी।

 

 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट रेग्युलेटर सेबी आईपीओ के प्रोसेस को आसान और तेज करने की योजना में है। सेबी की कोशिश है कि प्रक्रिया को सरल बनाकर लिस्टिंग टाइम को घटाकर 4 दिन किया जाए, जो फिलहाल 6 दिन है। इसका फायदा भी निवेशकों के साथ कंपनियों को मिलेगा। निवेशकों को कम समय में अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद होगी। 

 

 

क्यों आईपीओ का दौर रहेगा जारी

 

- ट्रेडस्विफ्ट ब्रोंकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन का कहना है कि हाई लिक्विडिटी वाले मार्केट का फायदा उठाने के लिए कंपनियां अपना इश्यू लाती हैं। इस साल बाजार रोजाना नया रिकॉर्ड बना रहा है। हाई मार्केट में कंपनियों को अच्छा वैल्युएशन मिल जाता है। इसे कंपनियां भुनाने की कोशिश करती हैं।


- क्रिस रिसर्च के फाउंडर अरुण केजरीवाल ने कहा कि पिछले साल 85 इश्यू ऑफर फॉर सेल के थे। बीते साल में प्रमोटर्स और मौजूदा इन्वेस्टर्स जैसे प्राइवेट इक्विटी प्लेयर्स अपने शेयर बेचकर आंशिक या पूर्ण रूप से कंपनी से बाहर हुए थे। वहीं इस साल कंपनियों का फोकस अपने विस्तार के लिए बाजार से पैसा जुटाने पर होगा।

 

- एसएमसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के टेक्निकल एनालिस्ट सचिन सर्वदे के मुताबिक, इस समय बाजार में खरीददार ज्यादा है। कंपनियों को लगता है कि हाई मार्केट में उनको अच्छा वैल्युएशन मिलेगा। इसीलिए वे मार्केट में एंट्री कर रहे हैं।

 

- सरकार की नीतियों और रिफॉर्म्स के साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार, इंटरेस्ट रेट्स में नरमी से रिटेल निवेशकों की बाजार में बढ़ती भागीदारी, पॉजिटिव संकेत से एफआईआई के साथ डीआईआई का बढ़ता निवेश जैसे फैक्टर्स मार्केट के लिए सपोर्टिव रहे हैं।

 

- जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के हेड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट गौरंग शाह का कहना कि बाजार में तेजी का सभी फायदा उठाना चाहते हैं। पिछले साल कई अच्छे आईपीओ ने निवेशकों को उम्मीद से ज्यादा रिटर्न दिए हैं। अच्छे रिटर्न ने निवेशकों का बाजार की खींचा है, जिसका फायदा कंपनियों को मिला। इस साल भी मार्केट जारी मजबूती को देखते हुए कंपनियां अपना इश्यू लाने की तैयारी में हैं।

 

 

2017 में 38 कंपनियों ने जुटाए 75,475 करोड़

- साल 2017 में प्राइमरी इश्यूज के माध्यम से जुटाई गई रकम बीते कुल 10 साल से भी ज्यादा रही।
- साल 2010 में आईपीओ से 59 कंपनियों ने 37,770 करोड़ रुपए जुटाए थे। साल 2017 में 38 कंपनियों ने आईपीओ से 75,475.37 करोड़ रुपए जुटाए हैं।
- साल 2016 में 26,372 करोड़ रुपए का आईपीओ आया था। वहीं 2007 में 104 कंपनियों ने आईपीओ से 33,946.22 करोड़ रुपए जुटाए थे।


ये कंपनियां ला सकती हैं IPO

- साल 2018 के जनवरी महीने में तीन कंपनियों के आईपीओ आए हैं। इनमें अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजिज और अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया शामिल हैं। तीनों कंपनियां मार्केट से कुल 1,136 करोड़ रुपए जुटाएंगी।
- इसके अलावा आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, कॉन्टिनेंटल वेयरहाउसिंग, एनएसई इंडिया, गो एयरलाइंस समेत 53 कंपनियां आईपीओ लाएंगी।

 

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