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11 साल में 1 लाख बना दिए 92 लाख, इनरवियर बेचकर भारत में जमाई धाक

आइए जानते हैं कब औऱ कैसे हुई कंपनी की शुरुआत...

Investors Rs 1 lakh turned into 92 lakhs in 11 year

नई दिल्ली.  जॉकी इनरवियर ब्रांड का नाम तो आपने जरूर सुना होगा। लेकिन शायद ही आप भारत में जॉकी इनरवियर बनाने वाली कंपनी के बारे में जानते होंगे। देश में अमेरिकी इनरवियर ब्रांड जॉकी की मैन्युफैक्चरिंग, मार्केटिंग औऱ डिस्ट्रीब्यूशन करने वाली कंपनी पेज इंडस्ट्रीज है। जिस तरह कंपनी ने जॉकी ब्रांड को देश में लोकप्रिय बनाया है। उसी तरह कंपनी ने अपने निवेशकों को भी बंपर कमाई कराई है। 11 साल पहले कंपनी में लगाए निवेशकों के महज 1 लाख रुपए अब 92 लाख रुपए हो गए हैं। इनरवियर बेचकर कंपनी ने भारत में अपनी धाक जमाई  है। आइए जानते हैं कब औऱ कैसे हुई कंपनी की शुरुआत...

 

1994 में हुई पेज इंडस्ट्रीज की शुरुआत

पेज इंडस्ट्रीज के स्थापित होने की कहानी कुछ ऐसी है। फिलिपिंस के मनीला जन्में सुंदर जेनोमल साल 1994 में भारत में आए थे। बेंगलुरू में शिफ्ट हुई अपनी बहन के साथ वो पहली बार साथ समय बिताने आए थे। इसके अलावा वो भारत में बिजनेस के मौके की तलाश में भी थे। सुंदर को भारत में मार्केट में ग्रोथ दिखी और उन्होंने यहां जॉकी इनरवियर का डिस्ट्रीब्यूशन शुरू किया। इसके पहले वो फिलिपिंस में जॉकी के साथ मिलकर बिजनेस कर रहे थे। जॉकी को भी भारत में बिजनेस पार्टनर की तलाश थी। इसलिए सुंदर ने जॉकी के साथ मिलकर भारत में बिजनेस करने की शुरुआत की। भारत में बिजनेस शुरू करने के 4 साल बाद ही कंपनी प्रॉफिट में आ गई।

 

2007 में IPO के जरिए मार्केट में की एंट्री

फरवरी 2007 में पेज इंडस्ट्रीज का आईपीओ आया था और इसका इश्यू प्राइस 360 से 395 रुपए था। 16 मार्च 2007 को पेज इंडस्ट्रीज का शेयर बीएसई पर 341.90 रुपए और एनएसई पर 329 रुपए पर लिस्ट हुआ था। हालांकि कारोबार के अंत में गिरकर 282.10 रुपए पर बंद हुआ था।

 

31 दिसंबर 2040 तक बढ़ा करार

पेज इंडस्ट्रीज ने जॉकी इंटरनेशनल के साथ करार बढ़ा लिया है। जॉकी इंटरनेशनल के साथ लाइसेंस 31 दिसंबर 2040 तक बढ़ाया गया है। नए एग्रीमेंट में कोई नई शर्त नहीं जोड़ी गई है। रॉयल्टी कुल बिक्री की 5 फीसदी पर ही कायम रहेगी। साथ ही प्रोमोटर की हिस्सेदारी को लेकर कोई शर्त नहीं जोड़ी गई है। भारत समेत श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और यूएई देशों में कंपनी के पास जॉकी इनरवियर की मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग का लाइसेंस। कंपनी ने यूएई में जॉकी एक्सक्लूसिव ब्रांड के 4 औऱ श्रीलंका में 2 आउटलेट्स खोले हैं।

 

11 साल में 1 लाख बना दिए 92 लाख

पेज इंडस्ट्रीज ने अपने निवेशकों को जोरदार कमाई कराई है। 16 मार्च 2007 को बीएसई पर कंपनी के शेयर का भाव 282.10 रुपया था। जो 13 जून 2018 को बढ़कर 26,295.95 रुपए के भाव पर पहुंच गया। 11 सालों में स्टॉक में 9221.50 फीसदी की तेजी आई है। यानी निवेशकों के शेयर में लगाए गए 1 लाख रुपए 11 साल में 92 लाख रुपए बन गए होंगे।

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