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स्‍मॉल सेविंग में इंटरेस्‍ट घटने से म्‍युचुअल फंड को मिलेगा बूस्‍ट, बढ़ सकता है निवेश

साल जाते-जाते सरकार ने स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम्‍स की ब्‍याज दरें घटने से अब लोग म्‍युचुअल फंड में निवेश बढ़ा सकते हैं।

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नई दिल्‍ली. साल जाते-जाते सरकार ने स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम्‍स की ब्‍याज दरें घटा दी हैं। ऐसे में लाेगों के सामने अच्‍छा रिटर्न पाने की चिंता बढ़ गई है। जानकारों की राय है कि लोगों अपना निवेश म्‍युचुअल फंड में बढ़ा सकते हैं। 2017 में म्‍युचुअल फंड की ढेरों स्‍कीम्‍स ने 50 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दिया है। SEBI ने म्‍युचुअल फंड के नियमों में बदलाव भी किया है, जिससे उम्‍मीद की जा सकती है 2018 में भी लोगों को अच्‍छा रिटर्न मिल सकता है।  

 
 
सेबी ने बदले स्‍कीम्‍स के लिए नियम
अंश फायनेंशियल एंड इन्‍वेस्‍टमेंट के डायरेक्‍टर दिलीप कुमार गुप्‍ता के अनुसार सेबी ने म्‍युचुअल फंड के नियमों में बदलाव किया है। अब म्‍युचुअल फंड कंपनियों को अपनी हर कैरेगरी में एक ही योजना को चलाने की इजाजत है। धीरे-धीरे म्‍युचुअल फंड कंपनियां सेबी के इस नियम के अनुसार अपनी योजनाअों को बदल रही हैं। इससे आमलोगों के लिए अच्‍छी योजना को छांटना और निवेश करना आसान हो जाएगा।
 
नए साल में शुरू कर सकते हैं म्‍युचुअल फंड में निवेश
स्‍माल सेविंग स्‍कीम्‍स में ब्‍याज दरें 0.20 फीसदी घट गई हैं। इससे पहले ज्‍यादातर बैंक अपनी FD की ब्‍याज दरें घटा चुके हैं। SBI एक साल की FD की ब्‍याज दरें 6 फीसदी कर चुका है। ऐसे में अपने पैसों पर अच्‍छा रिटर्न पाने के लिए लोग म्‍युचुअल फंड (MF) में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। उनके अनुसार अगर MF थोड़ा-थोड़ा निवेश हर माह किया जाए, जिंदगी के सभी वित्‍तीय लक्ष्‍यों को पूरा किया जा सकता है। बैंक की RD की तुलना में म्‍युचुअल फंड हर माह निवेश यानी सिप माध्‍यम से निवेश की लम्‍बे समय तक सुविधा देते हैं। निवेशक MF में जिंदगी भर के लिए सिप चला सकते हैं।
 
 
 
 
FD से अच्‍छा कैसे मिलता है रिटर्न
डेट म्‍युचुअल फंड स्‍टॉक मार्केट में निवेश नहीं करते हैं। यह भारत सरकार, सरकारी और निजी कंपनियों के बॉड में निवेश करते हैं। इससे यह बैंक की FD से थोड़ा रिटर्न पाने में कामयाब रहते हैं। यहां पर निवेश की सुरक्षा इक्विटी म्‍युचुअल फंड से ज्‍यादा होती है। वहीं इक्विटी म्‍युचुअल फंड स्‍टॉक मार्केट में लिस्टिड कंपनियों में निवेश करते हैं। इनका रिटर्न स्‍टॉक मार्केट की कंपनियों के वित्‍तीय प्रदर्शन पर निर्भर करता है। अगर स्‍टॉक मार्केट अच्‍छा प्रदर्शन करता है, तो इक्विटी फंड में रिटर्न बेहतर मिलता है।
 

 

कैसे करें म्‍युचुअल फंड में निवेश की शुरुआत

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर ए के निगम के अनुसार जो लोग पहली बार म्‍युचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं, उनके लिए समझदारी का फैसला यही है कि वह डेट फंड में निवेश से शुरुआत करें। जब उनको म्‍युचुअल फंड में निवेश की समझ हो जाए तो वह फिर इक्विटी फंड में निवेश शुरू करें। ऐसे निवेशक चाहें तो डेट फंड से थोड़ा थोड़ा निवेश इक्विटी म्‍युचुअल फंड में शिफ्ट कर सकते हैं।
 
जानें 3 प्रमुख कैटेगरी के टॉप 3 फंड
पिछले एक साल में म्‍युचुअल फंड की हर कैटेगरी की टॉप 3 स्‍कीम्‍स में निवेशकों को अच्‍छा रिटर्न मिला है। सबसे अच्‍छा रिटर्न जहां 83 फीसदी के ऊपर रहा है वहीं 50 फीसदी से ज्‍यादा का रिटर्न दर्जन भर स्‍कीम्‍स ने दिया है।
 
 
 
स्‍मॉल एंड मिड कैप फंड
रिटर्न
एसबीआई स्‍मॉल एंड मिड कैप Direct (G)
83.1 %
एलएंडटी इमर्जिंग बिजनेस फंड DP (G)
69.6 %
आईडीएफसी स्‍टर्लिंग इक्विटी Direct (G)
66.0 %
 
 
 
 
लॉर्ज कैप फंड
रिटर्न
आईडीएफसी इक्विटी Direct (G)
61.5 %
जेएम कोर 11 फंड Direct (G)
50.6 %
डीएचएफएल लार्ज कैप -Sr 1-DP (G)    
47.2 %
  
 
 
बैलेंस्‍ड फंड
रिटर्न
प्रिसिंपल बैलेंस्‍ड - Direct (G)
40.2 %
बड़ौदा पॉयनियर बैलेंस्‍ड - Direct
33.9 %
रिलायंस आएसएफ बैलेंसड -Direct (G)
33.5 %
 
नोट : डाटा 23 दिसबंर 2017 का
 

 

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(नोट-निवेश सलाह ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

 
 

 

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