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वोलेटिलिटी के बीच IPO मार्केट सुस्त रहने की आशंका​, 25 हजार करोड़ जुटाएंगी कंपनियां

ऐसे में निवेशकों को थोड़ा सचेत होकर आईपीओ में निवेश करना चाहिए।

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नई दिल्ली.  पिछले कुछ महीने आईपीओ के लिहाज से बेहद शानदार रहने के बाद अगले कुछ महीनों में 20 से ज्यादा कंपनियां इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) लेकर आ रही हैं, जिनका लक्ष्‍य बाजार से 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने पर है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईपीओ के लिहाज फिलहाल मार्केट का माहौल ठीक नहीं दिख रहा है। नई कंपनियों के आईपीओ की राह आसान नहीं होगी। उन कंपनियों को ज्यादा वैल्यू मिलेगी, जिनके फंडामेंटल मजबूत है। ऐसे में निवेशकों को थोड़ा सतर्क होकर आईपीओ में निवेश करना चाहिए।

 

ये कंपनियां ला रही हैं IPO
अगले कुछ महीनों में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, बार्बिक्यू-नेशन हॉस्पिटैलिटी और फ्लेमिंगो ट्रैवल रिटेल सहित 20 कंपनियां आईपीओ ला रही हैं। इनमें से अधिकांश बिजनेस एक्सपेंशन और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आईपीओ ला रही हैं। कुछ का मानना है कि शेयर बाजार पर लिस्टेड होने से उनका ब्रांड नाम आगे बढ़ेगा और मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी मिलेगी। बार्बिक्यू नेशन हॉस्पिटलिटी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, भारत डायनामिक्स और इंडियन रीन्यूएबल एनर्जी डेवेलपमेंट एजेंसी को आईपीओ लाने के लिए सेबी की मंजूरी मिल चुकी है। इनके अलावा RITES, मिश्र धातु निगम लिमिटेड, बंधन बैंक, इंडोस्टार कैपिटल फाइनेंस, नजारा टेक्नोलॉजीज और रूट मोबाइल अभी सेबी की मंजूरी का इंतजार है। 

 

 

 

नई कंपनियों की राह नहीं है आसान 
फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर ने कहा कि शेयर बाजार के सेंटीमेंट फरवरी से बदले हुए हैं। बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स और पीएनबी में हुए फ्रॉड के साथ ग्लोबल सेल ऑफ से मार्केट में कमजोरी आ आई। पिछले साल की तरह इस साल मार्केट में उतना रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं है। इस वजह से मार्केट स्थिर होने तक निवेशक भी सतर्क हैं। ऐसे में नई कंपनियों के आईपीओ को बाजार से ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद कम है।  हालांकि अच्छे वैल्यूएशन औऱ बेहतर फंडामेंटल वाले आईपीओ को बेहतर रिस्पांस मिल सकता है। इस वजह से निवेशकों को आईपीओ लाने वाली कंपनी का प्रदर्शन देखकर ही निवेश की सलाह होगी।  

 

 

सुस्त लिस्टिंग भी इसके संकेत 
इस साल 4 कंपनियों अपोलो माइक्रोस सिस्टम्स, अंबर एंटरप्राइजेज, न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज, गैलेक्सी सर्फेंक्टेंट्स औऱ एस्टर डीएम हेल्थकेयर का आईपीओ आ चुका है। जिनमें से दो की सुस्त लिस्टिंग हुई है, जबकि दो को ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला है। 

 

 

कंपनी लिस्टिंग (फीसदी में)
न्यूजेन सॉफ्टवेयर 3.3%
गैलेक्सी सर्फेंक्टेंट्स 3%
अंबर एंटरप्राइजेज 37.36%
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स  73.82%
 

 

पिछले दिनों क्यों मिला था रिस्पांस
- आईपीओ के लिहाज से पिछले कुछ महीने बेहतर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे का कहना है कि फरवरी के पहले पिछले कुछ महीनों की बात करें तो मार्केट में लगातार रैली रही। इंटरेस्ट रेट्स में नरमी से रिटेल निवेशकों की बाजार में भागीदारी बढ़ने, पॉजिटिव संकेत से एफआईआई के साथ डीआईआई का निवेश बढ़ना जैसे फैक्टर्स मार्केट के लिए सपोर्टिव रहे। वहीं, सरकार की नीतियों और रिफॉर्म्स के साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार जैसे फैक्टर्स मार्केट के लिए सपोर्टिव रहे। इसी का फायदा आईपीओ मार्केट को मिला।  
-पिछले एक साल के दौरान तकरीबन 120 कंपनियां आईपीओ ले आईं। इनमें से 36 कंपनियों ने आईपीओ के जरिए कुल 67,000 करोड़ रुपए जुटाए थे। कुछ कंपनियों के आईपीओ ऑफ प्राइस से 300 फीसदी ज्यादा तक पर लिस्ट हुए। क्रिस रिसर्च के फाउंडर अरुण केजरीवाल ने कहा कि पिछले साल अधिकतर इश्यू ऑफर फॉर सेल के थे। बीते साल में प्रमोटर्स और मौजूदा इन्वेस्टर्स जैसे प्राइवेट इक्विटी प्लेयर्स अपने शेयर बेचकर आंशिक या पूर्ण रूप से कंपनी से बाहर हुए थे। वहीं इस साल कंपनियों का फोकस अपने विस्तार के लिए बाजार से पैसा जुटाने पर है।


आगे पढ़ें, क्या करें निवेशक 

क्या करें निवेशक 
जगदीश ठक्कर का कहना है कि निवेशकों को उन कंपनियों के आईपीओ में निवेश करना चाहिए जिनका वैल्यूएशन अच्छा हो। महंगे वैल्यूएशन वाले आईपीओ का मतलब का नहीं है कि उसकी लिस्टिंग भी अच्छी ही होगी। निवेशकों को नई कंपनियों के आईपीओ से दूर रहने की सलाह होगी। हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स, आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज के आईपीओ अच्छे हैं। लेकिन बार्बिक्यू नेशन हॉस्पिटलिटी और फ्लेमिंगो ट्रैवल रिटेल से बचने की सलाह है। 

 

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