Home » Market » StocksInterGlobe Aviation Falls To 16 months Low After Q1 Profit Slumps

साल भर की कमाई मिनटों में गंवाई, IndiGo का शेयर 16 महीने के लो पर लुढ़का, निवेशकों के डूब 4300 करोड़

BSE पर शेयर IndiGo का शेयर 11.27 फीसदी टूटकर 891.10 रुपए के भाव पर आ गया।

1 of

नई दिल्ली.  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation)  ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया। InterGlobe Aviation के शेयर में गिरावट से निवेशकों ने अपनी साल भर की कमाई मिनटों में गंवा दी है। शेयर में गिरावट जून तिमाही में इंटरग्लोब एविएशन का प्रॉफिट 97 फीसदी घटने की वजह से आई है। पहली तिमाही में प्रॉफिट में बड़ी गिरावट से शेयर टूटकर 16 महीने के निचले स्तर पर आ गया। शेयर में गिरावट से कुछ मिनटों के कारोबार में निवेशकों के 4300 करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए।

 

प्रॉफिट में गिरावट की वजह

पहली तिमाही में InterGlobe Aviation का नेट प्रॉफिट 96.6 फीसदी घटकर 27.8 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी का प्रॉफिट गिरने के पीछे खराब ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस, फ्यूल और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ना और फॉरेन एक्सचेंज में नुकसान जैसे कारण हैं। मार्केट शेयर के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है।

 

16 महीने के लो पर इंडिगो का शेयर

जून तिमाही में InterGlobe Aviation का प्रॉफिट गिरने की वजह से मंगलवार को शेयर में बड़ी गिरावट आई। बीएसई पर शेयर 11.27 फीसदी टूटकर 891.10 रुपए के भाव पर आ गया, जो 16 महीने का निचला स्तर है। 16 मार्च 2017 को इंडिगो के शेयर का यह भाव था।

 

निवेशकों के डूबे 4,300 करोड़ रु

शेयर में आई कमजोरी से कुछ मिनटों के कारोबार में इंडिगो के निवेशकों 4,300 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। सोमवार के बंद भाव पर कंपनी की मार्केट कैप 38,735.47 करोड़ रुपए थी। वहीं मंगलवार को 16 महीने के निचले स्तर पर शेयर के फिसलने से मार्केट कैप घटकर 34,371 करोड़ रुपए हो गई। इस तरह मिनटों में निवेशकों को 4,364.47 करोड़ रुपए डूब गए।

 

आगे पढ़ें, 

 

यह भी पढ़ें, 999 के आइडिया से खड़ी हुई 4400 करोड़ की कंपनी, दिल्ली की एक कॉलोनी से शुरू किया था कारोबार

ऑपरेशनल सेल्स रही 651 करोड़ रु

कंपनी द्वारा जारी बयान के मुताबिक बीते साल समान तिमाही के दौरान गुड़गांव की बजट कैरियर ने 811.10 करोड़ रुपए का प्रॉफिट दर्ज किया था। हालांकि चालू वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही के दौरान उसकी ऑपरेशन से सेल्स 13.2 फीसदी बढ़कर 651.20 करोड़ रुपए हो गई, जबकि जून, 2017 में समाप्त क्वार्टर के दौरान यह आंकड़ा 575.29 करोड़ रुपए रहा था।

 

आगे पढ़ें, 

पैसेंजर टिकट रेवेन्यू रहा 576.94 करोड़ रु

 

जून, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी का पैसेंजर टिकट रेवेन्यू 13.6 फीसदी बढ़कर 576.94 करोड़ रुपए और एंसिलरी रेवेन्यू 16 फीसदी बढ़कर 68.27 करोड़ रुपए हो गया। इंडिगो के को-फाउंडर और एंटरिम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भाटिया ने नतीजों के बाद एक एनालिस्ट कॉल के दौरान कहा, ‘तिमाही के दौरान कंपनी के प्रॉफिट में कमी की मुख्य वजह फ्यूल की कीमतों में बढ़ोत्तरी, यील्ड्स पर लगातार जारी प्रेशर और मेंटेनेंस कॉस्ट में बढ़ोत्तरी रही।

 

यह भी पढ़ें- 

 

महज 6 दिन में निवेशकों के 1 लाख रु बने 1.47 लाख, दिग्गज शेयरों पर भारी पड़ी सरकारी कंपनी RITES

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट