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लंबी अवधि में इंफ्रा सेक्टर का मजबूत है आउटलुक, 4 शेयरों में मिल सकता है 50% तक रिटर्न

ऐसे में इन शेयरों में लंबी अवधि में 50 फीसदी रिटर्न मिल सकता है।

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नई दिल्ली.  मौजूदा सरकार के चार साल के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काफी ग्रोथ देखने को मिली है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2019 में आम चुनाव हैं। ऐसे में सरकार का जोर देश भर में इंफ्रा एक्टिविटी बढ़ाने पर है। चुनाव में बेनेफिट लेने के लिए सरकार इंफ्रा पर किए गए अपने कमिटमेंट को पूरा करना चाहेगी। इंफ्रा एक्टिविटी बढ़ने से कमोडिटीज की खपत बढ़ जाती है और जिसका फायदा कंपनियों को मिलता है। कंपनियों की ग्रोथ से उनके स्टॉक का प्रदर्शन भी अच्छा रहता है। इंफ्रा एक्टिविटी बढ़ने से दूसरे कई सेक्टर में मसलन ऑटो, मेटल में डिमांड बढ़ती है। 

 

 

कमोडिटीज को मिलेगा बूस्ट

इंडेक्स जीनियस इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के डायरेक्टर अमीत हरचेकर का कहना है कि सरकार द्वारा इंफ्रास्क्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाए जाने का सबसे ज्यादा फायदा कमोडिटीज को मिलेगा। इससे सीमेंट, स्टील की खपत बढ़ेगी। वहीं पावर सेक्टर को भी फायदा होगा।

 

रोड के साथ अफोर्डेबल हाउसिंग में आएगी तेजी

मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे के मुताबिक मोदी सरकार ने इंफ्रा को लेकर कई कमिटमेंट किए थे। साल 2019 में आम चुनाव है, ऐसे में इससे पहले देश भर में इंफ्रा एक्टिविटी मसलन रोड कंस्ट्रक्शन, ओवरब्रिज कंस्ट्रक्शन के साथ ही रोड कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है। सरकार के फोकस में अफोर्डेबल हाउसिंग भी है। चुनावों के पहले लो कास्ट हाउसिंग को लेकर भी सरकार अपना लक्ष्‍य पूरा करना चाहेगी। जैसे-जैसे कंस्ट्रक्शन का काम बढ़ेगा, सीमेंट की डिमांड भी बढ़ेगी। सचिन सर्वदे के मुताबिक इसमें लॉर्जकैप और मिडकैप सेग्मेंट से नामी कंपनियों मसलन एसीसी, इंडिया सीमेंट को ज्यादा फायदा होगा। 

 

रोजगार के बढ़ेंगे मौके

फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर ने कहा कि सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने से डेवलपमेंट के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साल 2018-19 में सरकार ने 20 हजार किलोमीटर नए हाईवे बनाने का टारगेट रखा है, जबकि 16420 किलोमीटर हाईवे कंस्‍ट्रक्‍शन का टारगेट है। रोड सेक्‍टर में 1 लाख करोड़ रुपए का इन्‍वेस्‍टमेंट होता है, जिसका सीधा मतलब है कि 10 लाख लोगों को डायरेक्‍ट इम्‍प्‍लॉयमेंट मिला है। नई नौकरियों से आमदनी बढ़ेगी जिससे कंजम्पशन भी बढ़ेगा। इससे कॉरपोरेट अर्निंग में सुधार होगा। अर्निंग का सहारा मिलने से मार्केट में तेजी आएगी।

 

GDP में रोड एंड ट्रांसपोर्ट सेक्टर का 5% योगदान

भारत की जीडीपी में रोड एवं ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर 5 फीसदी योगदान देता है। इसकी वजह यह है कि भारत में लगभग 86 फीसदी पैसेंजर और लगभग 60 फीसदी फ्रेट ट्रैफिक रोड पर निर्भर करता है, जो चीन, रूस और अमेरिका के मुकाबले अधिक है।

 

इंफ्रा और मार्केट में क्या है कनेक्शन

इंफ्रास्ट्रक्चर में एक्टिविटी बढ़ने से सभी सेक्टर में डिमांड बढ़ती है। डिमांड बढ़ने का फायदा कंपनियों को मिलता है। इससे कंपनियों की अर्निंग बढ़ती है जिससे कंपनी के शेयर में तेजी आती है। शेयरों में बढ़त से निवेशकों को भी अच्छा रिटर्न मिलता है।

 

किन शेयरों में करें निवेश

 

NCC

 

सचिन सर्वदे ने हैदराबाद की कंस्ट्रक्शन कंपनी एनसीसी लिमिटेड में निवेश की सलाह दी है। उनका कहना है कि कंपनी के पास 31,627 हजार करोड़ रुपए का ऑडर बुक है। फरवरी में कंपनी को 2980 करोड़ रुपए के सात नए ऑर्डर मिले है। इन सात ऑर्डर्स में तीन ऑर्डर कुल 1967 करोड़ रुपए के हैं जो जल और पर्यावरण डिविजन से मिले हैं, 306 करोड़ रुपए के दो ऑर्डर रोड डिविजन और अन्य 707 करोड़ रुपए के दो ऑर्डर बिल्डिंग एंड हाउसिंग डिविजन से प्राप्त हुए हैं। सचिन ने स्टॉक में स्टॉक में 185 रुपए का लक्ष्य दिया है। करंट प्राइस से स्टॉक में 52 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है।

 

आगे पढ़ें, और किन शेयरों में करें निवेश

शोभा लिमिटेड

 

शोभा लिमिटेड ने चौथी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। फाइनेंशियल ईय़र 2018 के चौथे क्वार्टर में रियल्टी फर्म शोभा लिमिटेड का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 42.17 फीसदी बढ़कर 65.4 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल समान क्वार्टर में कंपनी को 46 करोड़ रुपए प्रॉफिट हुआ था। 2017-18 के जनवरी-मार्च क्वार्टर में कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल 601.3 करोड़ रुपए की तुलना में 32 फीसदी बढ़कर 789.2 करोड़ रुपए रहा। हालांकि इस दौरान कंपनी का खर्च 525.6 के मुकाबले 698.5 करोड़ रुपए रहा। कंपनी ने पिछले 12 क्वार्टर्स में सबसे ज्यादा 2018 के चौथे क्वार्टर में 1.02 मिलियन स्क्वॉयर फुट स्पेस बेचे हैं। मार्केट शेयर में बढ़ोतरी, नई लॉन्चिंग की वजह से ब्रोकरेज हाउस एडलवास सिक्युरिटीज ने शोभा में 668 रुपए के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है। करंट प्राइस से स्टॉक में 33 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। 

 

टाटा स्टील

 

ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई डायरेक्टर ने मेटल सेक्टर की कंपनी टाटा स्टील में निवेश की सलाह दी है। ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, टाटा स्टील ने फाइनेंशियल ईय़र 2018 में बेहतर नतीजे दिए हैं। घरेलू मार्केट में कंपनी का सेल्स वैल्यूम 3.03 मिलियन टन रहा, जबकि यूरोपीय मार्केट में स्टील की बिक्री 2.55 मिलियन टन रही। चौथे क्वार्टर में टाटा स्टील ने 14,688.02 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटे प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि बीते साल के समान क्वार्टर के दौरान उसे 1,168 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। ब्रोकिंग फर्म ने टाटा स्टील में 700 रुपए का लक्ष्य दिया है। करंट प्राइस से स्टॉक में 21 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है।

 

जेके लक्ष्मी सीमेंट

 

जेके लक्ष्‍मी सीमेंट सीमेंट इंडस्ट्री की पॉयोनियर कंपनी है। कंपनी अपने प्रोडक्ट के स्टैंडर्ड क्वालिटी के साथ ही सीमेंट प्लांट और फैक्ट्रीज के भी स्टैंडर्ड क्वालिटी के लिए जानी जाती है। ब्रोकरेज हाउस चोलामंडलम सिक्युरिटीज ने जेके लक्ष्‍मी के शेयर के लिए 451 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। करंट प्राइस से स्टॉक में 23 फीसदी का रिटर्न मिल सकता है।

 

(नोट- निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स व ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

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