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इन्फोसिस ने SEBI में दी राजीव बंसल मामले में सेटलमेंट एप्‍लीकेशन, विवादित है मामला

इन्फोसिस ने अपने पूर्व सीएफओ राजीव बंसल के सॉवरेंस पैकेज मामले में सेबी के पास सेटलमेंट एप्‍लीकेशन फाइल की है।

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नई दिल्‍ली. इन्फोसिस ने अपने पूर्व सीएफओ राजीव बंसल के सॉवरेंस पैकेज मामले में मार्केट रेग्युलेटर सेबी के पास सेटलमेंट एप्‍लीकेशन फाइल की है। कंपनी ने बताया है कि इस मामले में जैसे ही सेबी की तरफ से जानकारी दी जाएगी, वह इसकी लीगल तरीके से सूचना देंगे।

 

पनाया डील से ही शुरू हुई थीं सिक्का की मुश्किलें

इनफोसिस की मुसीबतों की शुरुआत 2015 में 20 करोड़ डॉलर (1300 करोड़ रुपए) में हुई पनाया डील है, जिस पर व्हिसल ब्लोअर्स ने सवाल खड़े किए थे। व्हिसल ब्लोअर्स ने दावा किया था कि इस डील के लिए इन्फोसिस बोर्ड ने काफी ज्यादा कीमत लगाई है। बाद में इस मामले में नारायण मूर्ति ने भी नाराजगी जताते हुए कॉर्पोरेट गवर्नैंस में खामियों का आरोप लगाया था।

 

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कंपनी ने उस वक्‍त दी थी सफाई

हालाकि बाद में इनफोसिस ने एक स्टेटमेंट में कहा था कि हमारे चेयरमैन की अगुआई में खासा विचार करने के बाद बोर्ड ने बाहरी इन्वेस्टिगेशन की पिछली फाइंडिंग्स की दुबारा पुष्टि कर दी है, जिसमें कहा गया था कि गलत होने के आरोपों में कोई दम नहीं है।

 

आरोपों के बाद सिक्का को देना पड़ा था इस्तीफा

इस मामले में फाउंडर्स और मैनेजमेंट के बीच लंबे टकराव के बाद विशाल सिक्का को सीईओ पद से इस्तीफा देना पड़ा था और नीलेकणी चेयरमैन बने थे। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड को व्यापक बदलाव किए गए।

 

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 पनाया डील विवाद

-पनाया डील विवाद के बाद कंपनी के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) राजीव बंसल ने 2015 में इन्फोसिस को छोड़ दिया था।

 

-कंपनी छोड़ते वक्त सीईओ विशाल सिक्का ने बंसल को 17.38 करोड़ रुपए का सॉवरेंस पैकेज दिया था। 2015 तक उन्हें बतौर हर्जाना 5 करोड़ रुपए दे दिए।

 

- पूर्व सीएफओ राजीव बंसल ने अक्टूबर 1999 में कंपनी ज्वाइन की।

 

- 2015 में 1 अप्रैल से 12 अक्टूबर तक उन्हें 23.02 करोड़ रुपए दिए गए। इसमें सॉवरेंस पैकेज और बोनस शामिल हैं।

 

- इससे पहले 2014-15 के दौरान पूरे साल में उन्हें 4.72 करोड़ रु. मिले थे।

 

 

 


 
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