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सलिल पारेख बने इन्फोसिस के CEO, नीलेकणी बोले- लीडरशिप के लिए सबसे सही शख्स

सलिल पारेख को इन्फोसिस का नया सीईओ और एमडी अप्वाइंट किया है।

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नई दिल्ली. इन्फोसिस ने शनिवार को सलिल एस पारेख को कंपनी का नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीईओ और एमडी) अप्वाइंट करने का एलान किया। देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी ने कहा कि उनका अप्वाइंटमेंट 5 साल के लिए किया गया है, जो 2 जनवरी, 2018 से लागू होगा। पारेख इन्फोसिस में यूबी प्रवीण राव को रिप्लेस करेंगे, जो अभी तक एंटरिम सीईओ थे। इन्फोसिस ने कहा कि राव 2 जनवरी, 2018 को सीईओ व एमडी पद छोड़ देंगे और पहले की तरह चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और कंपनी के व्होलटाइम डायरेक्टर बने रहेंगे। इन्फोसिस बोर्ड के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि पारेख लीडरशिप के लिए सबसे सही शख्स हैं।

 

मूर्ति ने दी शुभकामनाएं 


इन्‍फोसिस के फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति ने आज सलिल एस. पारेख को कंपनी का नया सीईओ और एमडी नियुक्त किए जाने पर संतोष जताया है। मूर्ति ने पारेख की नियुक्ति का स्वागत किया और नई भूमिका के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। मूर्ति ने अपने बयान में कहा, मुझे खुशी है कि इन्‍फोसिस ने सलिल पारेख को सीईओ के रूप में नियुक्त किया है। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में और बातों पर किसी और सवाल का जवाब नहीं दिया।
बता दें कि यह दूसरी बार है जब इंफोसिस ने किसी बाहरी को इस शीर्ष स्थान के लिए चुना है। 

 

 

 

सलिल के CEO बनने पर खुशी: नीलेकणी

- पारेख के अप्वाइंटमेंट पर इन्फोसिस बोर्ड के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा, "हम सलिल के इन्फोसिस के सीईओ एवं एमडी बनने पर खुश हैं। उन्हें आईटी सर्विस इंडस्ट्री में करीब 30 सालों का ग्लोबल एक्सपीरिएंस है। उन्होंने कई अधिग्रहणों का कामयाबी से मैनेजमेंट किया है। बोर्ड का मानना है कि इन्फोसिस की अगुआई करने के लिहाज से वही सही शख्स हैं।"

 

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कैपजेमिनी में बोर्ड मेंबर थे पारेख

- इससे पहले पारेख कैपजेमिनी के ग्रुप एग्जीक्यूटिव बोर्ड के मेंबर थे, जिन्होंने 2 दिसंबर को ही वहां से इस्तीफा दिया है। फ्रांस की कंपनी ने एक बयान में कहा कि उनका इस्तीफा 1 जनवरी से लागू होगा। पारेख कैपजेमिनी के साथ वर्ष 2000 में जुड़े थे।

- कैपजेमिनी ग्रुप के चेयरमैन एवं सीईओ पॉल हरमेलिन ने कहा, "कैपजेमिनी के अब तक के सफर में पारेख के योगदान के प्रति मैं आभारी हूं। पारेख ने भारत और अमेरिका में ग्रुप के विकास में अहम योगदान दिया।"

- पारेख ने कॉरनेल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री हासिल की। उन्होंने आईआईटी, बॉम्बे से एअरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था।

 

 

बढ़िया है पारेख का ट्रैक रिकॉर्डः शॉ

-इन्फोसिस की नॉमिनेशन एंड रिम्युनरेशन कमेटी की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि उनके बढ़िया ट्रैक रिकॉर्ड और अनुभव को देखते हुए कंपनी को लीड करने के लिए पारेख ही सही शख्स लगे।

-उन्होंने कहा, "वैश्विक स्तर पर व्यापक खोज के बाद हमें सलिल को सीईओ और एमडी पद पर नियुक्त करते हुए खुशी हो रही है।"


 

सिक्का ने अगस्त में दिया था इस्तीफा

-इससे पहले इस पद के लिए इन्फोसिस के पूर्व एग्जीक्यूटिव अशोक विमूरी का नाम भी मीडिया में चर्चा में रहा था, लेकिन उन्होंने इसके लिए अनिच्छा जाहिर की थी।

-2014 में कंपनी के सीईओ के तौर पर विशाल सिक्का के आने के बाद विमूरी ने इस्तीफा दे दिया था। सिक्का को बोर्ड और कंपनी के फाउंडर्स के बीच चले टकराव के बाद इस्तीफा देना पड़ा था और कंपनी के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी की अगस्त में वापसी हुई थी।

 


 

पारेख के सामने होंगे ये चैलेंज

-पारेख इन्फोसिस में ऐसे दूसरे आउटसाइडर बनने जा रहे हैं, जो सीईओ का पद संभालेंगे। इससे पहले विशाल सिक्का भी आउटसाइडर ही थे। पारेख को कंपनी में कुछ अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

 

1) नए वेंचर्स से कमाई: इन्फोसिस का आउटसोर्सिंग बिजनेस लगातार मार्जिन में कमी का सामना कर रहा है और नए वेंचर्स से भी अभी तक कमाई शुरू नहीं हो सकी है।

 

2) IT के चैलेंजिंग हालात: आईटी सेक्टर के हालात अभी भी चैलेंजिंग बने हुए हैं। अमेरिका में वर्क वीजा (एच1बी) में संभावित बदलाव कंपनी के लिए सिरदर्द बन गए हैं, जो भारतीय आईटी कंपनियों के लिए सबसे बड़ा मार्केट है।

 

3) सिक्का की स्ट्रैटजी को बढ़ाना: पारेख के लिए सिक्का की स्ट्रैटजी को आगे बढ़ाना तीसरा चुनौती होगी। उन्हें ऑटोमेशन और बिग डाटा, क्लाउड और एनालिटिक्स जैसे एरियाज में काम करने वाले वेंचर्स को बढ़ावा देना होगा, जिनमें मार्जिन खासा ज्यादा हो। एक आउटसाइडर के तौर पर इसके लिए उन्हें खासी मेहनत करनी होगी।

 

4) टैलेंट को रोकना: उनकी एक अन्य चुनौती होगी टैलेंट को कंपनी में बनाए रखना और डिकैपमेंट रेट में कमी लाना। सिक्का के जाने से मीडियम और सीनियर लेवल के एग्जीक्यूटिव्स में हताशा का माहौल था और क्लाइंट्स को जोड़े रखना मुश्किल हो गया था। पारेख को ऑर्गनाइजेशन में बदलाव को सरल बनाने की जरूरत होगी।

 

इन्‍फोसिस के अभी तक के CEOs की लिस्‍ट

1. नारायण मूर्ति - 1981 से मार्च 2002 तक

2. नंदन नीलेकणी - मार्च 2002 से अप्रैल 2007 तक

3. एस गोपालकृष्‍णन - अप्रैल 2007 से अगस्‍त 2011 तक

4. एसडी सि‍बूलाल - अगस्‍त 2011 से जुलाई 2014 तक

5. विशाल सिक्‍का - अगस्‍त 2014 से अगस्‍त 2017 तक

6. यूबी प्रवीण राव - अगस्‍त 2017 से अब तक

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