Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

Petrol Price: पेट्रोल 14 पैसे और डीजल 15 पैसे हुआ महंगा, लगातार 13वें दिन बढ़ी कीमतें 1400 रु की EMI पर आ जाएगा 32 इंच का LED टीवी, घर बैठे खरीदें फाइनेंशियल ईयर 2018 के लिए PF पर मिलेगा 8.55% ब्याज, 5 साल में सबसे कम मोदी के वादों का 4 साल में हुआ ये हाल, आप खुद तय करें कि अच्‍छे दिन आए या नहीं मोदी के 4 साल में निवेशकों को मिला 41% रिटर्न, लेकिन आगे हैं बड़े चैलेंज 4 साल में कहां चूक गए मोदी, जानिए नौकरी से लेकर जीडीपी तक का हाल टेक महिंद्रा को 1222 करोड़ का हुआ मुनाफा, 14 रुपए/शेयर डिविडेंड का ऐलान खास खबर: एक साल में अब क्या कर पाएंगे पीएम मोदी, बीत गए चार साल ICICI बैंक की चंदा कोचर को सेबी का नोटिस, वीडियोकॉन लोन केस में कार्रवाई मार्च क्वार्टर में बैंक ऑफ बड़ौदा को 3102 करोड़ रुपए का घाटा, बैड लोन्स बढ़ने का असर स्पोर्ट्सवियर कंपनी प्रोलाइन के साथ RIL की पार्टनरशिप क्रूड में बड़ी गिरावट, ओपेक और रूस के पॉजिटिव संकेतों से क्रूड 77 डॉलर के नीचे Modi Govt 4 years: सरकार ने नोटबंदी को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि, गिनाए 10 फायदे खास स्टॉक: सुदर्शन केमिकल में 16% की तेजी, बेहतर Q4 नतीजे का मिला फायदा Forex Market: रुपए में भारी रिकवरी, 61 पैसे मजबूत होकर 67.74/$ पर पहुंचा
बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksखास खबरः कैश रिच अंबानी के सामने क्या टिक पाएंगे कर्जदार बिड़ला-मित्तल

खास खबरः कैश रिच अंबानी के सामने क्या टिक पाएंगे कर्जदार बिड़ला-मित्तल

 

नई दिल्ली. सितंबर 2016 में रिलायंस जियो के आने के बाद से टेलिकॉम इंडस्ट्री का पूरा गणित बिगड़ गया है। प्राइस वार के दौर ने पूरी इंडस्‍ट्री को एक नई मुसीबत में उलझा दिया। इसी का असर मंगलवार को देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल के नतीजों पर दिखा। एयरटेल को पहली बार 15 साल में घाटा झेलना पड़ा है। वहीं, देश की दूसरी बड़ी कंपनी आइडिया लगातार 5 तिमाही से घाटे में है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर प्राइस वार इसी तरह जारी रही तो क्या कैश रिच अंबानी की जियो दूसरी टेलिकॉम कंपनियों को मार्केट में ठहरने देगी। या कर्जदार एयरटेल और आइडिया मार्केट बचाने में कामयाब रहेंगी। 

 

 

रिलायंस के पास है 78 हजार से ज्‍यादा का कैश

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के पास 31 दिसबंर 2017 के पास कैश की स्थिति 78,617 करोड़ रुपए की थी। 31 मार्च 2017 को कैश की स्थिति 77226 करोड़ रुपए थी। यह कैश कंपनी के पास बैंक जमा, म्‍युचुअल फंड निवेश से लेकर सरकारी बॉन्‍ड में निवेश के रूप में था।

 

 

क्या है इंडस्ट्री की बड़ी परेशानी 

सितंबर 2016 में रिलायंस जियो के आने के बाद से इंडस्ट्री का माहौल पूरी तरह से बदल गया। जियो की स्ट्रैटेजी अग्रेसिव थी और ज्यादा से ज्यादा निवेश कर बेस बनाना शुरू कर दिया। जब डाटा पैक काफी महंगे हुआ करते थे, जियो ने फ्री डाटा, वाइस कॉल की सुविधा देनी शुरू कर दी । वहीं, इंटरनेशनल टर्मिनेशन रेट्स में कमी और सब्सक्राइबर्स के ऊंचे से कम दाम वाले बंडल्ड पैक्स की ओर शिफ्ट होने के चलते इंडस्ट्री में प्राइस वार शुरू हो गया। जियो के पास आरआईएल का बेस होने के चलते वह अपनी स्ट्रैटेजी में कामयाब होती गई, लेकिन उसकी कामयाबी दूसरी कंपनियों के लिए मुसीबत बनी। 

 

मार्केट बचाने के लिए छिड़ी जंग 
फ्री डाटा और वॉइस कॉल को लेकर इंडस्ट्री में प्राइसिंग वार शुरू होने से कंपनियों ने डाटा स्पीड बेहतर रखने और वर्चुअल नेटवर्क प्लेटफॉर्म को मजबूत रखने पर काम करना शुरू कर दिया। इससे उनका खर्च लगातार बढ़ा और साथ में कर्ज बढ़ने और मार्जिन घटने का दबाव भी। नतीजा कंसॉलिडेशन के रूप में सामने आया, जिससे इंडस्ट्री में जॉब संकट बढ़ा और नए निवेश में कमी आई। बड़े प्लेयर एयरटेल और आइडिया फाइनेंशियल प्रेशर में आ गए। उनका मुनाफा लगातार प्रभावित हो रहा है। 

 

एयरटेल-आइडिया के लिए मुनाफा अहम
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि रिलायंस जियो के पीछे बहुत बड़ा बेस 6.15 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का है। जियो के लिए कस्टमर बेस बनाना पहली प्राथमिकता है, लेकिन एयरटेल और आइडिया के साथ ऐसा नहीं है। उनका प्रमुख बिजनेस टेलिकॉम में हैं, इसलिए उनके लिए मुनाफा कमाना अहम हो गया है। लेकिन, मार्केट में बने रहने के लिए इन्हें लगातार खर्च बढ़ाना पड़ रहा है। इसी वजह से दबाव बढ़ रहा है। 

 

कर्ज में हैं एयरटेल और आइडिया 
देश के शेयर बाजार में लिस्‍टेड टेलिकॉम कंपनियों में से भारती एयरटेल और आइडिया पर खासा कर्ज है। चौथी तिमाही के नतीजों के अनुसार मार्च 2018 तक भारती एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट डेट तीसरी तिमाही की 91713.9 करोड़ से बढ़कर 95228.5 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, आइडिया पर दिसंबर 2017 तक 55784 करोड़ रुपए का कर्ज था। एयरटेल का मार्केट कैप 1.67 लाख करोड़ है, वहीं आइडिया का मार्केट कैप 31103 करोड़ रुपए है। 

 

15 साल के बदलाव पर जियो के 2 साल भारी  
टेलिकॉम सेक्टर ने पिछले सालों में 3 दौर देखे हैं। एक 2008 से पहले जब एयरटेल, आइडिया जैसी प्रमुख 5 कंपनियां बाजार में थीं। वो दौर मुनाफे का था, जिसे देखकर 2008 से 2016 सितंबर तक यूनीनॉर, एयरसेल जैसी कुछ और कंपनियां भी बाजार में आ गईं। पहले 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद कुछ कंपनियां बंद हो गईं। फिर सितंबर 2016 में जियो के आने के बाद से इंडस्ट्री में डाटा वार शुरू हुआ, इसका नतीजा कंसोलिडेशन के रूप में आया। रिलायंस कम्युनिकेशंस, एयरसेल, टाटा टेलिसर्विसेज को कारोबार समेटना पड़ा। 

 

टेलिकॉम कंपनियों की क्या है तस्वीर

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अभी कुछ और महीने इंडस्ट्री पर फाइनेंशियल दबाव रहेगा, लेकिन आगे एयरटेल और आइडिया जैसी कंपनियां दबाव से उबरने में कामयाब होंगी। डेटा की खपत बढ़ने के साथ इंडस्ट्री में स्टेबिलिटी आएगी और टैरिफ और रेवेन्यू सामान्य हो जाएंगे। वहीं, इंडस्ट्री को कंसॉलिडेशन से भी मदद मिलेगी। कंसॉलिडेशन के बाद मार्केट में एयरटेल, जियो और आइडिया-वोडाफोन के ही रह जाने की उम्मीद है, जिससे हर तरह के रिसोर्स इन्हीं में बंटेंगे। 


कंसॉलिडेशन से जहां आइडिया और वोडाफोन का कंबाइंड नेटवर्क मजबूत होगा, उन्हें मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले दिनों जियो के आने के बाद से कई कमजोर प्लेयर्स बाहर हुए। एयरटेल ने उनके एसेट्स खरीदने पर खर्च किया, जिससे इंडियन बिजनेस पर असर पड़ा हे। लेकिन आगे इन्ही एसेट्स से एयरटेल को डोमेस्टिक बिजनेस बढ़ाने में मदद मिलेगी। अगले फाइनेंशियल तक ये फायदा दिखना शुरू हो जाएगा। एयरटेल का एआरपीयू निचले स्तर पर आ गया है और आने वाले समय में इसमें सुधार होगा।

 

 

Airtel के पास अब भी सबसे ज्यादा यूजर
ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार भारती एयरटेल अभी भी 29.16 करोड़ कंज्यूमर्स के साथ भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बनी हुई है। दूसरी वहीं, वोडाफोन इंडिया के कंज्यूमर्स की संख्‍या 21.38 करोड़ और तीसरी बड़ी कंपनी आइडिया सेल्‍यूलर के कंज्यूमर्स की संख्‍या 19.76 करोड़ है।  जनवरी अंत तक मुकेश अंबानी की जियो के कंज्यूमर्स की संख्‍या 16.83 करोड़ हो चुकी है। 

 

एयरटेल अभी भी नं. 1
रिलायंस जियो की अब कुल हिस्सेदारी टेलिकॉम इंडस्ट्री में करीब 14 फीसदी हो गई है। वहीं, एयरटेल का मार्केट शेयर 25.32 फीसदी है। वोडाफोन इंडिया का मार्केट शेयर जनवरी के अंत तक 18.56 फीसदी और आइडिया सेल्‍यूलर का मार्केट शेयर 17.16 फीसदी है। बीएसएनएल का मार्केट शेयर दिसंबर के मुकाबले 9.24 फीसदी से बढ़कर जनवरी में 9.40 फीसदी हो गया है। 

 

आगे पढ़ें, और किन चीजों का मिलेगा फायदा.......

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.