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सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) क्या है? What is Systematic Investment Plan

म्‍युचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश के एक तरीके को सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्‍लान या सिप (SIP) कहते हैं।

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट - What is Systematic Investment Plan SIP in Hindi - सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान क्या �

 

नई दिल्‍ली. म्‍युचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश के एक तरीके को सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्‍लान या सिप (SIP) कहते हैं। निवेश का यह तरीका सबसे अच्‍छा माना जाता है। इस तरीके से अगर निवेशक चाहे तो थोड़े-थोड़े पैसों का भी निवेश कर सकता है। ज्‍यादातर म्‍युचुअल फंड कंपनियां 500 रुपए तक से इसकी शुरुआत की इजाजत देती हैं। इस तरीके से निवेश करने पर दो फायदे होते हैं। पहला निवेश राशि की जरूरत एक साथ नहीं पड़ती है और दूसरा कपांउडिंग रिटर्न का फायदा।

 

सिप के फायदे

SIP के माध्यम से छोटी छोटी बचत करना शायद शुरुआत में आकर्षक न लगे, लेकिन ये निवेशकों में बचत की आदत डालता है। इसके अलावा बाद में अच्‍छा रिटर्न भी मिलता है। 1000 रुपए महीने की SIP पर अगर 9% की दर से रिटर्न मिले तो 10 वर्षों में यह बढकर 6.69 लाख रुपए हो जाएगा। वहीं 30 साल में यह 17.38 लाख रुपए और 40 साल में 44.20 लाख रुपए हो सकता है।

 

 

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पैसे के बढ़ने में कंपाउंडिंग का फायदा Power of Compunding

सभी जानकार कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा निवेश की शुरुआत जल्‍द से जल्‍द करनी चाहिए। कंपाउंडिंग रिटर्न में बाद का एक एक साल बड़ा ही महत्‍वपूर्ण होता है। इसको एक उदाहरण से जानते हैं राम (अ) 30 साल की उम्र से 1000 रुपए हर साल बचाना शुरू करता है, वहीं श्‍याम (ब) भी इतना ही धन बचाता है, लेकिन वह 35 साल की उम्र में यह बचत शुरू करता है। दोनों को अगर 8 फीसदी रिटर्न मिले तो 60 साल की उम्र में दोनों राम (अ) का फंड 12.23 लाख रुपए होगा वहीं श्‍याम (ब) का केवल 7.89 लाख रुपए ही होगा। यानी पहले निवेश शुरू करने पर करीब 4 लाख रुपए का फायदा। पहले निवेश करने वालों को Power of compounding का फायदा ज्‍यादा मिलता है।

 

कैसे शुरू कर सकते हैं  सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप)

सिप यानी Systematic Investment Plan को तीन तरह से शुरू किया जा सकता है। सबसे कॉमन और आसान तरीका है किसी एजेंट के माध्‍यम से म्‍युचुअल फंड में सिप शुरू करना। इसके अलावा लोग किसी भी ब्रोकर फर्म में ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट खोल कर भी निवेश शुरू कर सकते हैं। यहां पर ऑनलाइन तरीके से म्‍युचुअल फंड में निवेश किया जा सकता है। एक और तरीका है डायरेक्‍ट इन्‍वेस्‍टमेंट। इस तरीके में निवेशक म्‍युचुअल फंड कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर सीधे म्‍युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में निवेश कर सकते हैं। यह तरीका ज्‍यादा फायदेमंद होता है। यहां पर निवेश करने पर निवेशकों को कोई कमीशन देना पड़ता है जिससे उनका रिटर्न बढ़ जाता है।

 

ज्‍वाइंट नेम के अलावा नॉमिनी की भी सुविधा

म्‍युचुअल फंड में ज्‍वाइंट नेम से निवेश की सुविधा भी मिलती है। निवेश की सुरक्षा के लिए यह अच्‍छा होता है। इसके अलावा अगर आप किसी को नॉमिनी करना चाहें तो यह भी संभव होता है।

 

 

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जानें इक्विटी म्‍युचुअल फंड से जुड़े इनकम टैक्‍स के नियम

इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश को लेकर दो तरह के इनकम टैक्‍स के नियम काम करते हैं। एक है शार्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स और दूसरा लॉग टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स। इक्विटी म्‍युचुअल फंड में जो भी निवेश 365 दिन से कम का होता है उस पर शार्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्‍स लगता है। इस इनकम को निवेशक की आय में जोड़ा जाता है और उसी हिसाब से टैक्‍स देना होता है। जो निवेश 365 दिनों से ज्‍यादा का होता है उसे लॉग टर्म कैपिटल गैन का फायदा मिलता है। 365 दिनों से ज्‍यादा का निवेश होने पर चाहे जितना भी फायदा हो उस पर टैक्‍स नहीं लगता है।

 

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के 10 फायदे

1 सीधे बैंक से कटता है पैसा : सिप में पैसा बैंक से हर माह सीधे बैंक से चला जाता है।

2 खुद तरीख चुनने की छूट : हर माह सिप के लिए कई तारीखों में किसी को भी चुनने का मौका मिलता है।

3 निवेश घटाने बढ़ाने की छूट : निवेशक सिप अमाउंट में कभी भी कमी या  बढ़ोत्‍तरी कर सकता है।

4 बीच में पैसा भी निकाल सकते हैं : अगर निवेशक को पैसों की जरूरत हो तो बीच में कुछ पैसा निकाल भी सकता है। ऐसा करने से सिप पर फर्क नहीं पड़ता है और वह चलती रहती है।

5 कितने भी समय के लिए हो सकती है सिप : सिप को कितने भी समय के लिए किया जा सकता है।

6 सिप को बंद कराना भी आसान : निवेशक जिस दिन चाहे वह इसे बंद कर सकता है। इस पर कोई पेनाल्‍टी नहीं लगती है।

7 निवेश की कोई सीमा नहीं : सिप में कंपनियां न्‍यूनतम 500 रुपए या 1 हजार रुपए का अमाउंट तय करती है, लेकिन अधिकतम की सीमा नहीं है।

8 कभी भी ले सकते हैं स्‍टेटमेंट : निवेशक को जब भी जरूरत हो स्‍टेटमेंट ले सकता है। यह स्‍टेटमेंट उसी दिन का अपडेट भी होता है।

9 रोजाना जान सकते हैं अपने निवेश की वैल्‍यू : निवेशक अपने निवेश की वैल्‍यू रोज जान सकता है। सभी म्‍युचुअल फंड कंपनियां अपनी हर योजना की नैट आसेट वैल्‍यू (NAV) रोज रोज घोषित करती हैं।

10 डिविडेंड आप्‍शन का ले सकते हैं लाभ : निवेशक चाहे तो म्‍युचुअल फंड स्‍कीम्‍स में डिविडेंड (लाभांश) का विकल्‍प ले सकते हैं। कंपनियां समय समय पर लाभांश देती हैं। यह लाभांश पूरी तरह से टैक्‍स फ्री होता है।

 

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