बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocks1500 लोगों को मिलेगी LPG गैस एजेंसी, डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए ये है प्रॉसेस

1500 लोगों को मिलेगी LPG गैस एजेंसी, डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए ये है प्रॉसेस

सरकारी कंपनी आईओसी इस साल (वित्त वर्ष 2018-19) 1500 लोगों को एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने का मौका देगी।

1 of

नई दिल्ली। अगर आप कोई नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपके पास इस साल अच्छा मौका है। सरकारी कंपनी आईओसी इस साल (वित्त वर्ष 2018-19) 1500 लोगों को एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने का मौका देगी। दरअसल ऑयल कंपनि‍यां तेजी के साथ अपना डि‍स्‍ट्रीब्‍यूशन नेटवर्क बढ़ा रही हैं। ऐसे में आपको भी यह फायदा मिल सकता है। एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बनकर आप कम लागत में अच्‍छी कमाई कर सकते हैं। हम आपको बताते हैं कि एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बनने के लिए किस योग्‍यता, बेसिक सुविधाओं और कितनी लागत की जरूरत होती है और कैसे आप LPG डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बन सकते हैं। 

 

 

योग्‍यता
- एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बनने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है। मेल या फीमेल कोई भी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर बन सकता है। 
- आवेदन करने वाले का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। स्‍वतंत्रता सेनानी कैटेगरी वाले आवेदनकर्ता को इससे छूट है। 
- आवदेन करने वाली की उम्र 21 साल से कम और 60 साल से ज्‍यादा नहीं होनी चाहिए। 
- आवेदन करने वाला ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के इंप्‍लॉई के परिवार का सदस्‍य नहीं होना चाहिए। 
- उस पर किसी भी तरह का कानूनी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ हो। 

 

कैसे होता है सेलेक्‍शन 
देश की सरकारी कंपनियां चाहे इंडेन हो या भारत गैस या एचपी गैस डीलर बनाने के लिए अपनी वेबसाइट पर वि‍ज्ञापन और नोटि‍फि‍केशन जारी करती हैं। डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के लिए हो सकता है। आवेदक को www.lpgvitarakchayan.in पर रजिस्‍ट्रेशन कर आवेदन करना होता है। 
इसके तहत एप्‍लीकेशन फीस के साथ ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करना होता है। एक आवेदन में केवल एक ही लोकेशन के लिए आवेदन किया जा सकता है। एक से ज्‍यादा लोकेशन के लिए अलग-अलग आवेदन करने होंगे और इसके लिए फीस भी अलग-अलग देनी होगी। इसके बाद लॉटरी के जरिए डिस्‍ट्रीब्‍यूटर चुने जाते हैं। लॉटरी से चुनाव होने के बाद जि‍न लोगों का नाम लि‍स्‍ट में आएगा उन्‍हें फि‍र आगे की प्रक्रि‍या पूरी करने के लि‍ए बुलाया जाता है। 

 

कितना सिक्‍योरिटी डिपॉजिट 
सेलेक्‍शन होने के बाद आवेदनकर्ता को 7 दिन के अंदर जरूरी डॉक्‍यूमेंट्स के साथ सिक्‍योरिटी डिपॉजिट का 10 फीसदी संबंधित ऑफिस में जमा करना होता है। सिक्‍योरिटी डिपॉजिट इंट्रेस्‍ट फ्री और रिफंडेबल होता है। शहरी इलाकों के लिए टोटल सिक्‍योरिटी डिपॉजिट 5 लाख रुपए और ग्रामीण इलाकों के लिए 4 लाख रुपए है। पूरा सिक्‍योरिटी डिपॉजिट अप्वॉइंटमेंट  लेटर मिलने तक जमा करना होता है। 

 

ये चीजें है जरूरी 
- चुने गए कैंडीडेट को एलपीजी सिलेंडर रखने के लिए जगह यानी गोदाम का इंतजाम करना होगा। 
- लेटर ऑफ इंटेंट में उल्लिखित समयसीमा के अंदर पेट्रोलियम एंड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन समेत अन्‍य सांविधिक निकायों से आवश्‍यक मंजूरी लेनी होगी। 
- गोदाम ऐसी जगह पर होना चाहिए, जहां हर मौसम में एलपीजी सिलेंडर ट्रक आ-जा सके और सड़क कनेक्टिविटी उपलब्‍ध हो।  
- चुने गए शहरी, अर्धशहरी और ग्रामीण वितरकों को स्‍टैंडर्ड लेआउट के मुताबिक एलपीजी शोरूम का निर्माण कराना होगा। 

आगे पढ़ें- फील्‍ड वेरिफिकेशन...........

लोकेशन ऐसे होती है अप्रूव 


एलपीजी डिस्‍ट्रीब्‍यूटरशिप के लिए लोकेशन को मंजूरी रीफिल सेल पोटेंशियल के आधार पर मिलती है। यह पोटेंशियल घरों की संख्‍या, प्रति व्‍यक्ति खपत, एलपीजी कवरेज और मौजूदा या प्रस्‍तावित पीएनजी कनेक्‍शंस के आधार पर तय होता है। ऑयल कंपनियां फील्‍ड वेरिफिकेशन के बाद कैंडीडेट को लेटर ऑफ इंटेंट जारी करती हैं।

 

लेटर ऑफ इंटेंट मिलने के बाद कैंडीडेट को ट्रेनिंग दी जाती है और उसे 80 फीसदी अंकों के साथ एक प्री-कमीशनिंग क्विज या टेस्‍ट पास करना होता है। जो इतने अंक हासिल नहीं कर पाता, उसे फिर से ट्रेनिंग दी जाती है और दोबारा टेस्‍ट होता है। कमीशनिंग से पहले कैंडीडेट को लेटर ऑफ अपॉइंटमेंट जारी किया जाता है और उसे एक एग्रीमेंट करना होता है। 

आगे पढ़ें- कितनी हो गोदाम की क्षमता............

गोदाम की क्षमता


शहरी व अर्धशहरी वितरकों के लिए एलपीजी गोदाम की क्षमता न्‍यूनतम 8000 किलो एलपीजी की होनी चाहिए। ग्रामीण वितरकों के लिए यह न्‍यूनतम 5000 किलो एलपीजी तय की गई है। वहीं दुर्गम क्षेत्रीय वितरकों के लिए यह क्षमता 3000 किलो एलपीजी की है। 

आगे पढ़ें, ओनरशिप के नियम .........

 

 

ओनरशिप के नियम 


- गोदाम या शोरूम आवेदनकर्ता या उसके परिवार के सदस्‍यों जैसे- माता-पिता, भाई-बहन, पत्‍नी, बच्‍चे आदि के नाम पर हो सकता है। परिवार वालों के नाम पर ओनरशिप होने पर उनकी ओर से किसी भी तरह की आपत्ति न होने का डिक्‍लेरेशन किया जाना जरूरी है। 
- अगर आवेदनकर्ता द्वारा ऑफर की गई गोदाम या शोरूम की लोकेशन ऑयल कंपनियों द्वारा तय किए गए नॉर्म्‍स को पूरा नहीं करती है तो आवेदनकर्ता किसी और लोकेशन को भी ऑफर कर सकता है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट