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सरकार के चक्कर में हुई LIC की फजीहत, 6 घंटे में डूब गए 200 करोड़ रु

सरकार के स्वामित्व वाली एलआईसी सरकार की फजीहत बचाने के लिए सुर्खियों में थी, लेकिन यह फैसला उसके लिए भारी पड़ गया है।

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नई दिल्ली. हाल में सरकार के स्वामित्व वाली लाइफ इन्श्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) सरकार की फजीहत बचाने के लिए सुर्खियों में थी, लेकिन अब यह काम उल्टा एलआईसी के लिए भारी पड़ गया। दरअसल इस काम की वजह से एलआईसी को कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 200 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। इसे एलआईसी की बड़ी फजीहत माना जा रहा है।

फेल होने जा रहा था सरकार का प्लान

बीते 20 मार्च को केंद्र सरकार का हजारों करोड़ रुपए का प्लान फेल होने जा रहा था। दरअसल सरकार ने अपनी डिफेंस सेक्टर की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (एचएएल) की लिस्टिंग की योजना बनाई थी। इसके माध्यम से उसे 4200 करोड़ रुपए जुटाने थे। हालांकि 16 से 20 मार्च तक खुले इस आईपीओ के लिए सरकार को खरीददार ही नहीं मिल रहे थे। ऐसे में एलआईसी के अंतिम समय में आगे आई और लगभग 3 हजार करोड़ रुपए लगाकर सरकार को उबार लिया। हालांकि एलआईसी का यह कदम उसके लिए ही भारी पड़ा है।

 

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एलआईसी को हुआ 200 करोड़ रुपए का नुकसान

गुरुवार को एचएएल का स्टॉक लगभग 5 फीसदी की गिरावट के साथ लिस्ट हुआ। हालांकि स्टॉक में गिरावट बढ़ गई है और यह लगभग 7 फीसदी गिरकर 1132 रुपए पर बंद हुआ। इस प्रकार मोटे तौर पर एलआईसी को अपने निवेश पर पहले ही दिन 200 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अब इसे एलआईसी की फजीहत के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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आनन-फानन में आईपीओ लाई सरकार

दरअसल वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार का राजकोषीय घाटा खासा बढ़ चुका है, जिसकी भरपाई के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसमें डिफेंस सेक्टर की देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का आईपीओ भी शामिल है। इसके माध्यम से सरकार की 4200 करोड़ रुपए जुटाने की योजना थी। आईपीओ की सफलता के लिए न्यूनतम 98 फीसदी सब्सक्रिप्शन जरूरी था। अगर ऐसा नहीं होता तो आईपीओ फेल हो जाता।

 

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विदेशी निवेशकों ने नहीं लगाया एक भी पैसा

आईपीओ को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) की तरफ से एक भी बिड नहीं मिली। बड़े इश्यू के बावजूद एचएएल के आईपीओ को दो इन्वेस्टमेंट बैंकों एसबीआई कैप्स और एक्सिस कैपिटल द्वारा मैनेज किया गया। इससे पहले कुछ बड़े बैंकर्स के आईपीओ से पीछे हटने की खबर भी आ चुकी हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आईपीओ को सुस्त रिस्पॉन्स की वजह मार्केट में जारी कमजोरी रही। साथ ही पीएसयू स्टॉक्स में जारी गिरावट का भी इस पर असर पड़ा।

 
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