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मार्केट की निगाहें अब अर्निंग पर, Q4 नतीजों के बाद इन शेयरों में आ सकती है तेजी

1 फरवरी के बाद से ही वोलेटाइल बना हुए मार्केट की निगाहें अब अर्निंग सीजन पर हैं।

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नई दिल्ली। फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही के नतीजे शुरू होने वाले हैं। 1 फरवरी के बाद से ही वोलेटाइल बना हुए मार्केट की निगाहें अब अर्निंग सीजन पर हैं। एक्सपर्ट्स यह मान रहे हैं कि घरेलू और ग्लोबल स्तर पर मार्केट सेंटीमेंट में सुधार नहीं है। अर्निंग सीजन को छोड़कर अभी कोई सेंटीमेंट फिलहाल नहीं दिख रहा है। कॉरपोरेट अर्निंग के ट्रेंड से मार्केट की आगे की दिशा तय हो सकती है। ऐसे में निवेशकों को अर्निंग रिपोर्ट के अनुसार पोर्टफोलियो बनाने की सलाह है। महिंद्रा एंड महिंद्रा, HUL, साइंट, कोलगेट-पॉमोलीव इंडिया और वेल्सपन इंटरप्राइजेज में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। 

 

 

नतीजे मिक्स रहने का अनुमान
कॉरपोरेट अर्निंग को लेकर एक्सपर्ट्स, ब्रोकरेज हाउस और रेटिंग एजेंसी की राय मिली-जुली है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार नतीजे मिक्स रह सकते हैं। जहां एफएमसीजी, ऑटो में  नतीजे बेहतर रह सकते हैं, वहीं टेलिकॉम और फार्मा के नतीजे खराब रहने का अनुमान है। आईटी सेक्टर में ग्रोथ दिख सकती है। सरकारी बैंकों में दबाव रहने की उम्मीद है। इंफ्रा, कंजम्पशन से जुड़ी कंपनियां बेहतर नंबर दे सकती हैं। 

 

रेवेन्यू ग्रोथ कमजोर रहने का अनुमान
क्रिसिल के सीनियर डायरेक्टर प्रसाद कोपारकर का कहना है कि चौथी तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट मार्जिन कमजोर रह सकता है। इस दौरान रेवेन्यू ग्रोथ पिछले साल की तुलना में 9 फीसदी रह सकता है। हालांकि जनवरी-मार्च तिमाही में कंजम्पशन सेक्टर से सबसे तेज ग्रोथ देखी जा सकती है। वहीं, कमोडिटी की बढ़ती कीमतों की वजह से स्टील, पावर और कंज्यूमर कंपनियों का मार्जिन प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर रुपए में अप्रेसिएसन का असर आईटी व फार्मा कंपनियों पर होगा। 

 

कैसे आ सकते हैं नतीजे 
इंडिया इंफोलाइन (IIFL) के फार्मा एनालिस्ट श्रीकांत अकोलकर का कहना है कि चौथी तिमाही में फार्मा कंपनियों के नतीजों पर दबाव रहेगा। यूएस में प्राइसिंग प्रेशर और जेनेरिक मार्केट में टफ कॉम्पिटीशन की वजह से कंपनियों का रेवेन्यू कमजोर रह सकता है। जिन कंपनियों का एक्सपोजर इंडियन मार्केट में ज्यादा है, उनके नतीजे बेहतर रह सकते हैं। वहीं, फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि आई सेक्टर में लॉर्जकैप कंपनियों के नतीजों में स्टेबिलिटी और मिडकैप में ग्रोथ दिखने की उम्मीद है। एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर से भी अच्छे नतीजे आएंगे। 

 

वहीं, स्टैलियन एसेट्स डॉटकॉम के सीआईओ अमीत जेसवानी का कहना है कि टेलिकॉम कंपनियों के नतीजे चौथी तिमाही के अलावा अगली दो तिमाही और खराब रह सकते हैं। हालांकि रोड कंस्ट्रक्शन कंपनियां बेहतर नतीजे दे सकती हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार मार्च तिमाही में एफएमसीजी सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ 11.8 फीसदी रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी और नोटबंदी का असर खत्म होने व बेहतर मानसून का फायदा सेक्टर को मिलने लगा है। प्राइस हाइक‍ का भी फायदा सेक्टर को मिलेगा। 

 

आगे पढें, किन शेयरों पर रखें नजर 

 

महिंद्रा एंड महिंद्रा
महिंद्रा एंड महिंद्रा भारत की लीडिंग व्हीकल मैन्युफैक्चरिगं कंपनियों में शामिल है। कंपनी विश्‍व में सबसे बड़ी ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। पिछले सीजन में मानसून बेहतर रहा था। रूरल रिकवरी का सबसे ज्यादा फायदा महिंद्रा एंड महिंद्रा को हो सकता है। बेहतर मानसून के अनुमान का भी फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज हाउस इडेलवाइस ने स्टॉक के लिए 919 और प्रभुदास लीलाधर ने 890 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। करंट प्राइस 493 है, यानी शेयर 86 फीसदी रिटर्न दे सकता है। 

 

HUL
होम केयर पर्सनल केयर, रिफ्रेशमेंट और फूड बिजनेस में अच्छी ग्रोथ रही है। जीएसटी के बाद डिमांड में रिकवरी आ चुकी है। बेहतर मानसून के बाद रूरल इकोनॉमी के मजबूत होने से डिमांड और बढ़ेगी। जीएसटी के बाद ऑर्गनाइज्ड सेक्टर को फायदा मिला है, जिसमें एचयूएल भी विनर रहा है। आगे अर्बन डिमांड भी मजबूत होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 1515 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। शेयर में 10 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। 

 

साइंट
साइंट ग्लोबल सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है। कंपनी का फोकस इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विस, एयरोस्पेस, रेलवे, डिफेंस, ट्रांसपोर्टेशन, कम्युनिकेशन, हैवी मशीन और पावर जेनरेशन में है। कंपनी का कई सेग्मेंट में प्रदर्शन बेहतर है। ब्रोकरेज हाउस जीईपीएल कैपिटल ने शेयर के लिए 807 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। करंट प्राइस 633 रुपए के लिहाज से शेयर में 27 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। 

 

 

कोलगेट-पॉमोलीव इंडिया
ओरल केयर मार्केट में रिकवरी है, जिसका फायदा कंपनी को मिलेगा। कंपनी का टूथ ब्रश मार्केट स्टेबल है। हाल ही में नए प्रोडक्ट स्वर्ण वेदशक्ति को बेहतर रिस्पांस मिला है, जिससे इसे पैन इंडिया लॉन्च करने की योजना है। इससे कंपनी को मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंज्यूमर फोकस नए प्रोडक्ट लाने की भी प्लानिंग है। एचडीएफसी सिक्युरिटीज ने शेयर के लिए 1204 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। शेयर के करंट प्राइस 1095 रुपए के लिहाज से शेयर में 10 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। 

 

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वेल्सपन इंटरप्राइजेज 
वेल्सपन इंटरप्राइजेज कंस्टक्शन क्षेत्र की कंपनी है, जिसका इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा रोल है। कंपनी के पास रोड, वाटर और इंडस्ट्रियल स्‍ट्रक्चर में कई अच्छे प्रोडक्ट हैं। सरकार का पिछले कई महीनों से इंफ्रा और कंस्ट्रक्शन पर फोकस है, जिसका फायदा अच्छी कंपनियों को मिल रहा है। आगे भी कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। अमीत जेसवानी ने शेयर के लिए 325 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। करंट प्राइस 152 रुपए के लिहाज से शेयर में 114 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। 

 

(नोट-निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स व ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

 
 
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