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TCS के बेहतर नतीजे का अनुमान, डॉलर में मजबूती से 2.5% रह सकती है रेवेन्यू ग्रोथ

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि टीसीएस के नतीजे बेहतर रह सकते हैं।

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के फाइनेंशियल ईयर 2018 के चौथी तिमाही के नतीजे आज आने हैं। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि टीसीएस के नतीजे बेहतर रह सकते हैं। जनवरी-मार्च तिमाही में नई डील हासिल करने, डिजिटल सहित दूसरे बिजनेस में हेल्दी मोमेंटम और डॉलर के मजबूत होने का फायदा रिजल्ट पर दिख सकता है। कांस्टैंट करंसी ग्रोथ 1 से 1.5 फीसदी और यूएस डॉलर के टर्म में 2 से 2.5 फीसदी के बीच रह सकती है। क्रॉस करंसी बेनेफिट की वजह से मार्जिन सुधरने, वहीं गाइडेंस कंजरवेटिव रहने की उम्मीद है। 

 

 

करंसी मूवमेंट फेवर में रहने का फायदा
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि टीसीएस ने पिछले महीनों डिजिटल स्पेस में बड़ी डील हासिल की है। डिमांड ट्रेंड भी ठीक दिख रहा है, हालांकि बैंकिंग और फाइनेंशियल व इंश्‍योरेंस सेग्‍मेंट में डिमांड अभी सुस्त दिख रही है। लेकिन दूसरे बिजनेस सेग्मेंट में हेल्दी मोमेंटम बना हुआ है। इस साल के अंत तक बैंकिंग और फाइनेंशियल सेग्मेंट में भी सुधार की उम्मीद है। वहीं, करंसी मूवमेंट कंपनी के फेवर में है, रुपए के मुकाबले डॉलर में सुधार से कंपनी का क्रॉस करंसी बेनेफिट होगा। चौथी तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू और मार्जिन में हल्की ग्रोथ दिखने की उम्मीद है। 

 

रेवेन्यू बेहतर रहने की उम्मीद
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट गौरांग शाह का कहना है कि टीसीएस के नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद है। टीसीएस का नतीजा इंफोसिस से बेहतर रहेगा। हालांकि गाइडेंस कंजरवेटिव रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रुपए के मुकाबले डॉलर में मजबूती का फायदा कंपनी को होगा, वहीं, पिछले महीनों मेजर डील हाथ में आने का भी फायदा मिलेगा। चोथी तिमाही में डॉलर और कांस्टेंट करंसी रेवेन्यू दोनों बेहतर रहने की उम्मीद है। 

 

मैनेजमेंट कमेंट्री पर रहेगी नजर
ठक्कर का कहना है कि टीसीएस गाइडेंस नहीं देती है, लेकिन मार्केट की नजर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होगी। मसलन कितने नए क्लाइंट आए, कितने दूर हुए। ठक्कर का कहना है कि कंपनी का फोकस आगे की स्ट्रैटेजी पर रहने की उम्मीद है। कंपनी यह संकेत जरूर देने की कोशिश करेगी कि कारोबारी माहौल में सुधार हुआ है, कंपनी के सेंटीमेंट बेहतर हैं। इस वजह से मैनेजमेंट का फोकस लॉन्ग टर्म के लिए स्टेबिलिटी पर होगा। ऐसे में नंबर से ज्यादा मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी पर मार्केट की नजर होगी। 

 

 

रेवेन्यू 
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चौथी तिमाही में तिमाही बेसिस पर टीसीएस का कांस्टेंट करंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1 से 1.5 फीसदी रह सकती है। वहीं, डॉलर के टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ 2 से 2.5 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस कोटक सिक्युरिटीज के अनुसार कांस्टेंट करंसी रेवेन्यू ग्रोथ 1.3 फीसदी रह सकती है। वहीं, ब्रोकरेज हाउस इडेलवाइस के अनुसार डॉलर के टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ 2.3 फीसदी रह सकती है। 

 

प्रॉफिट 
ब्रोकरेज हाउस कोटक सिक्युरिटीज के अनुसार तिमाही बेसिस पर टीसीएस का नेट प्रॉफिट 4 फीसदी बढ़ सकता है, वहीं सालाना आधार पर यह 2.8 फीसदी ज्यादा रह सकता है। ब्रोकरेज हाउस इडेलवाइस के अनुसार टीसीएस का नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 3 फीसदी और सालाना आधार पर 1.8 फीसदी ज्यादा रह सकता है। 

 

आगे पढ़ें, कैसे रहे थे तीसरी तिमाही के नतीजे

 

तीसरी तिमाही में ऐसे थे नतीजे 
तीसरी तिमाही में प्रॉफिट 1.3 फीसदी बढ़कर 6,531 करोड़ रुपए रहा था, वहीं, आईटी कंपनी का कुल रेवेन्यू 1.1 फीसदी बढ़कर 30,904 करोड़ रुपए रहा था। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के क्लाइंट्स द्वारा खर्च घटाने के कारण कंपनी पर दबाव बना रहा। सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में टीसीएस के नेट प्रॉफिट में 3.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। हालांकि सालाना आधार पर रेवेन्यू में 3.9 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई थी। 

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