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रिलायंस Jio ला सकती है IPO, 2 लाख करोड़ खर्च के बाद पैसा जुटाने की तैयारी

रिलायंस जियो अगले साल के अंत तक आईपीओ ला सकती है।

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नई दिल्ली. मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो की लॉन्चिंग से टेलिकाम की दुनिया में नई क्रांति ला दी। जियो के जरिए लोगों को सस्ता डाटा और कॉलिंग सुविधा उपलबध कराई। इसके लिए अंबानी ने जियो पर अबतक करीब 3100 करोड़ डॉलर यानी 2 लाख करोड़ रुपए खर्च कर डाला। अब जब मार्केट में जियो ने अपनी धाक बना ली है और उसकी पहुंच करीब 13 करोड़ मोबाइल यूजर्स तक हो चुकी है तो अंबानी ने नया दांव खेला है। अंबानी जियो के जरिए अब पैसा जुटाने जा रहे हैं। इसके लिए प्लानिंग शुय भी हो गई है। 

 

 

जियो को लेकर क्या है अंबानी का प्लान

जियो देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलिकॉम यूनिट है। मुकेश अंबानी अगले साल रिलायंस जियो का आईपीओ ला सकते हैं। यानी अगले साल तक जियो शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी बन सकती है।  असल में कंपनियां समय-समय पर फंड जुटाने के लिए आईपीओ ले आती हैं। इसी क्रम में अंबानी भी जियो का आईपीओ लाने जा रहे हैं। जानकार मान रहे हैं कि आईपीओ को अच्छा रिस्पांस भी मिल सकता है। 
   

 

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मुनाफा नहीं कमा पाई है जियो

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रिलायंस अगले साल या 2019 की शुरुआत में जियो का आईपीओ पेश कर सकती है। कंपनी ने इस बारे में शुरुआती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में कंपनी के बड़े अधिकारियों संग बात शुरू हो गई है। बता दें कि दूसरी तिमाही में रिलायंस जियो इंफोकॉम को 270 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। दूसरी तिमाही में कंपनी की  कुल आय 6,147 करोड़ रुपए रही थी। वहीं जून तिमाही में ये घाटा 21.3 करोड़ रुपए रहा है।

 

 

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आगे पढ़ें, जियो ने कैसे बिगाड़ा दूसरी कंपनियों का खेल


 

जियो ने बिगाड़ा दूसरी कंपनियों का खेल
रिलायंस जियो के आने के बाद से ही टेलिकॉम सेक्टर में डाटा वार शुरू हो गया है। रिलायंस ने अपने कस्टमर्स को सस्ता डाटा और कॉलिंग की सुविधा दी। जिसके बाद से कस्टमर बेस बनाए रखने के लिए दूसरी कंपनियों ने भी सस्‍ता डाटा देना किया। इससे न केवल दूसरी टेलिकॉम कंपनियों का मुनाफा प्रभावित हुआ है, इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन का दौर भी शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि आगे जियो समेत सिर्फ 3 से 4 बड़ी कंपनियां ही रह जाएंगी, जिसमें भारती एयरटेल और आइडिया-वोडाफोन शामिल हैं। इसी वजह से यह भी माना जा रहा है कि जियो के आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिल सकता है।
 
सितंबर 2016 में हुआ था लॉन्च
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सितंबर 2016 में जियो को लॉन्च किया था। दूसरी तिमाही के अंत तक जियो का कस्टमर बेस बढ़कर 13.8 करोड़ हो चुका है। जियो 29 राज्यों के 18 हजार शहरों व टाउन में टेलिकॉम सर्विस दे रही है। कस्टमर बेस के हिसाब से जियो दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली टेक्नोलॉजी कंपनी हो गई है।

 

 

आगे पढ़ें, आईपीओ से कैसे होता है फायदा 

 

कंपनियों को कैसे होता है फायदा 


आईपीओ कंपनियों की ग्रोथ के लिए अहम कदम होता है। कंपनी के विस्तार के लिए पैसों की जरूरत पूरा करने के लिए आईपीओ लाया जाता है। जिन कंपनियों को पूंजी की जरूरत होती है वो आईपीओ लेकर आती हैं। साथ ही, विस्तार योजनाओं के लिए लगने वाले पैसे जमा करने के लिए भी कंपनियां आईपीओ चुनती हैं। अगर किसी कंपनी के पास नकद नहीं है, और कर्ज ले नहीं सकती है या इक्विटी बढ़ाना चाहती है, तो ऐसे में पूंजी जुटाने के लिए आईपीओ का सहारा लेती है। 

 

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