बिज़नेस न्यूज़ » Market » StocksNPA रिकवरी के नए मोड में PSU बैंक, रिकॉर्ड घाटे के बाद भी बेहतर है आउटलुक

NPA रिकवरी के नए मोड में PSU बैंक, रिकॉर्ड घाटे के बाद भी बेहतर है आउटलुक

ज्यादातर सरकारी बैंकों ने अपने फंसे हुए कर्ज की पहचान कर ली है, जिन्हें वापस लाने के लिए प्रक्रिया शुरू होगी।

1 of

नई दिल्ली. फाइनेंशियल ईयर 2018 पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए निराश करने वाला रहा है। लगातार बढ़ते बैड लोन की वजह से सरकारी बैंकों को मुनाफा कमाना मुश्किल हो गया है। चौथी तिमाही में पीएनबी और एसबीआई को रिकॉर्ड घाटा हुआ है, वहीं दूसरे ज्यादातर बैंक भी घाटे में दिख रहे हैं। बावजूद इसके पिछले 2 दिनों से पीएसयू बैंक इंडेक्स में तेजी दिख रही है। इस बारे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकारी बैंकों के नतीजों से साफ है कि ज्यादातर बैंकों ने अपने फंसे हुए कर्ज की पहचान कर ली है, जिन्हें वापस लाने के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सेक्टर में रिकवरी लौटेगी और बैलेंसशीट मजबूत होगी। लंबी अवधि के नजरिए से निवेश के लिए आउटलुक बेहतर दिख रहा है। 

 

 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारी बैंकों की सेहत एक बड़ी चिंता है, जिसके लिए सरकार और आरबीआई मिलकर काम कर रहे हैं। बैंकों में एनपीए की समस्या तुरंत की नहीं, बल्कि पिछले 15 साल की है। हाल ही में नीरव मोदी समेत ऐसे कुछ मामले सामने भी आए हैं। बैंकों ने बड़े एनपीए की पहचान की है। बड़े एनपीए वाले अकाउंट को एनसीएलटी में रेफर किया गया है। इन पर आईबीसी के तहत मामला चलेगा। भूषण स्टील जैसे मामले रिजॉल्व भी हुए हैं। जैसे-जैसे मामले सामने आएंगे, बैंकों अपने फंसे हुए रकम की वसूली कर पाएंगे। वहीं, रीकैपिटलाइजेशन प्लान के तहत सरकारी बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रुपए मिलने हैं, जिसकी शुरूआत हो चुकी है। 

 

 

क्या है सरकारी बैंकों का हाल


PNB
Q4 में घाटा: 13417 करोड़ रुपए
Q4 में प्रोविजनिंग: 20350 करोड़ 
Q4 में ग्रॉस एनपीए: 86620 करोड़ (18.38%)
Q4 में नेट एनपीए: 48684 करोड़ (11.24%)

 

SBI
Q4 में घाटा: 7718 करोड़ रुपए
Q4 में प्रोविजनिंग: 28096 करोड़ 
Q4 में ग्रॉस एनपीए: 2.02 लाख करोड़ (10.91%)
Q4 में नेट एनपीए: 1.11 लाख करोड़ (5.73%)

 

केनरा बैंक
Q4 में घाटा: 4860 करोड़ रुपए
Q4 में प्रोविजनिंग: 9075 करोड़ 
Q4 में ग्रॉस एनपीए: 40312 करोड़ (11.84%)
Q4 में नेट एनपीए: 28542 करोड़ (7.48%)

 

बैंक ऑफ बड़ौदा
Q4 में मुनाफा: 56 फीसदी गिरकर 112 करोड़ 
Q4 में प्रोविजनिंग: 3436 करोड़ 
Q4 में ग्रॉस एनपीए: 48000 करोड़ (11.31%)
Q4 में नेट एनपीए: 19852 करोड़ (7.48%)

 

इलाहाबाद बैंक
Q4 में घाटा: 3509 करोड़ 
Q4 में प्रोविजनिंग: 5126 करोड़ 
Q4 में ग्रॉस एनपीए: 26563 करोड़ (15.96%)
Q4 में नेट एनपीए: 12229 करोड़ (8.04%)

 

OBC 
Q4 में घाटा: 1650 करोड़ 
Q4 में प्रोविजनिंग: 2419 करोड़ 
Q4 में ग्रॉस एनपीए: 17.63%
Q4 में नेट एनपीए: 10.484%

 

तकलीफ दूर होने की राह पर 
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च गौरांग शाह का सरकारी बैंकों की तकलीफ दूर होने की राह पर है। बैंकों में बैड लोन की समस्या पिछले 10-15 साल की है। लेकिन अब बैंक अपना बुक क्लीन करने में लग गए हैं। बड़े एनपीए की पहचान हो गई है, जो बचे हैं उन्हें भी रिकग्नाइज किया जा रहा है। एनसीएलटी में कर्जदार कंपनियों को ले जाया गया है। बैंकरप्सी की प्रक्रिया होने से फंसे हुए कर्ज वापस बैंकों के अकाउंट में आएंगे। पीएसयू बैंक एनपीए के रिकवरी के नए मोड में हैं, इनमें जल्द ही रिवाइवल की स्थिति दिखेगी। फिलहाल दो तिमाही तक सरकारी बैंकों पर दबाव रह सकता है। लेकिन लंबी अवधि के लिए आउटलुक बेहतर है और इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और पीएनबी में निवेश किया जा सकता है। 

 

फंसा कर्ज वापस आने की उम्मीद
सैमको सिक्युरिटीज के फाउंडर और सीईओ जिमित मोदी का कहना है कि पीएसयू बैंकों में जल्द ही रिकवरी देखने को मिल सकती है। एसेट क्वालिटी खराब होने और कॉरपोरेट गवर्नेंस इश्‍यू की वजह से पिछले फाइनेंशियल में पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले इंडेक्स में शामिल रहा है। लेकिन अब एसबीआई सहित ज्यादातर पीएसयू बैंक अपने फंसे हुए कर्ज की पहचान करने में सफल रहे हैं। इसी मामले में 12 कंपनियों का केस आरबीआई ने एनसीएलटी को रेफर किया है। उम्मीद है कि इनसॉलवेंसी की प्रक्रिया के बाद बैंकों का फंसा कर्ज वापस आएगा। उनका कहना है कि भूषण स्टील और इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड का केस रिजॉल्व होने के बाद पीएसयू बैंकों की बैलेंसशीट मजबूत होगी। लंबी अवधि के लिए निवेशकों के पास बेहतर मौका है। 
 

बैलेंसशीट में आएगी मजबूती 
ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन का कहना है कि टाटा स्टील द्वारा कर्ज में डूबी भूषण स्टील के अधिग्रहण का सबसे ज्यादा फायदा एसबीआई को होगा। वहीं पीएसयू बैंकों के 12 बड़े कर्जदारों जिनके अकाउंट में कुल एनपीए का 25 फीसदी हिस्सा है, को आरबीआई नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में ले गया है। बैंकों को उम्मीद है कि जब बैंकरप्सी की प्रक्रिया होगी तो बैंक की बैलेंसशीट में मजबूती आएगी। 

 

आगे पढ़ें, पीएसयू बैंकों की सेहत के लिए और क्या कदम उठाए...........

 

11 बैंकों के खिलाफ पीसीए
आरबीआई ने अब 11 सरकारी बैंकों के खिलाफ प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) जारी किया है जबकि देना बैंक और इलाहाबाद बैंक को वॉचलिस्ट में डाल दिया है। पीसीए के अधीन आनेवाले 11 बैंकों में देना बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉर्पोरेशन बैंक, आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं। 


बैंकों को मिलने हैं 2.11 लाख करोड़
पिछले फाइनेंशियल ईयर में सरकारी बैंकों की सेहत सुधारने के लिए सरकार ने 2 साल के अंदर बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपए डालने का ऐलान किया था। इसके तहत पिछले साल सरकारी बैंकों को 80 हजार करोड़ रुपए उनके प्रदर्शन के आधार पर दिए गए थे। पीसीए के तहत आए 11 सरकारी बैंकों को 52300 करोड़ रुपये मिले। बाकी 10 सरकारी बैंकों को 35800 करोड़ रुपए दिए गए। वहीं, आगे सेक्टर में भी मर्जर होना है, जिससे माना जा रहा है कि सरकारी बैंकों की सेहत में सुधार होगा। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट