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पेट्रोल 55 महीने में सबसे महंगा, 5 दिन में ऑयल कंपनियों के 11% तक टूटे शेयर

शुक्रवार को पेट्रोल अपने 55 महीने के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया और दिल्ली में यह 74.08 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

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नई दिल्ली। आम आदमी के लिए पेट्रोल-डीजल लगातार मुसीबत बढ़ा रहे हैं। शुक्रवार को पेट्रोल अपने 55 महीने के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया और दिल्ली में यह 74.08 रुपए प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। इससे पहले सितंबर 2013 में पेट्रोल की कीमत इस भाव के ऊपर गई थी। वहीं, डीजल कुछ शहरों में 70 रुपए प्रति लीटर का भाव क्रॉस कर गया है। दूसरे शहरों में भी डीजल ऑल टाइम हाई पर है। इंटरनेशनल मार्केट और इंडियन बास्केट में क्रूड की ऊंची कीमतों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में मोदी सरकार भी एक्साइज ड्यूटी घटाकर कंज्यूमर्स को राहत देने का दबाव बढ़ रहा है। 

 

5 दिन में 11% तक टूटे OMC के स्टॉक

क्रूड की कीमतें बढ़ने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मुनाफे पर दबाव है। पिछले 5 दिनों में पब्लिक सेक्टर की कंपनी भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के स्टॉक में लगभग 9 फीसदी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) में 11 फीसदी, इंडियन ऑयल (आईओसी) में 5 फीसदी और मंगलूर रिफाइनरी में 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। गौरतलब है कि क्रूड की कीमतें बढ़ने से पिछले कई दिनों से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के स्टॉक्स पर प्रेशर देखने को मिल रहा है।

 

 

कीमतें आसमान पर
इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 74.08 रुपए प्रति लीटर है। वहीं, मुंबई में यह 81.93 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इसी तरह से दिल्ली में डीजल की कीमत 65.31 रुपए प्रति लीटर है तो मुंबई में यह 69.54 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। जून 2017 के बाद से कच्चे तेल की कीमतें इंटरनेशनल मार्केट में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इकोनॉमी सर्वे के मुताबिक FY-19 में यह 12 फीसदी और महंगा हो सकता है। 

 

शहर   पेट्रोल   डीजल
दिल्ली 74.08 rs/ltr 65.31 rs/ltr
कोलकाता 76.78 rs/ltr 68.01 rs/ltr
मुंबई 81.93 rs/ltr 69.54 rs/ltr
चेन्नई  76.85 rs/ltr 68.90 rs/ltr

(नोट: पेट्रोल-डीजल की कीमतें रविवार 20 अप्रैल 2018 की हैं।)  

 

इंडियन बॉस्केट में क्रूड 3 साल के हाई पर 
बता दें, इंडियन बॉस्‍केट में क्रूड के भाव 70.12 डॉलर प्रति बैरल के साथ 3 साल के हाई पर है। अमेरिका में क्रूड ऑयल इन्वेंट्रीज में कमी और सऊदी अरब द्वारा ऊंची कीमतों का टारगेट दिए जाने से कीमतों पर प्रेशर बढ़ा। खबरों के मुताबिक क्रूड के सबसे बड़े एक्सपोर्टर सऊदी अरब ने क्रूड के लिए 80 डॉलर से 100 डॉलर प्रति बैरल तक का टारगेट दिया है, जिसे इस बात के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि सऊदी अरब क्रूड उत्पादक देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्पोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) प्रोडक्शन में कटौती की मांग नहीं करेगा।

 

वादा पूरा करने में पीछे क्यों 
पिछले दिनों पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने संकेत दिए थे कि इंडियन बास्केट में क्रूड 65 डॉलर के ऊपर जाता है तो एक्साइज ड्यूटी में कटौती की जाएगी। लेकिन इंडियन बास्केट में क्रूड मार्च में एवरेज 73 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास बना हुआ है। एक्साइज ड्यूटी में कटौती के कोई संकेत नहीं हैं। फाइनेंस मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक टाइट फिस्कल सिचुएशन के चलते एक्साइज ड्यूटी में कटौती की फिलहाल संभावना नहीं दिख रही है। जानकार मानते हैं‍ कि एक्साइज ड्यूटी नॉन जीएसटी रेवेन्यू का बड़ा सोर्स है, ऐसे में जब करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने का डर बरकरार है, बैलेंसशीट बिगड़ने के डर से एक्साइज ड्यूटी में कटौती करना सरकार के लिए मुश्किल है।
 
 
महंगाई बढ़ने का डर
फरवरी में रिटेल महंगाई दर कम होकर 4 महीने के निचले स्‍तर 4.44 फीसदी आ गई थी, लेकिन जानकार इसे स्टेबल नहीं मान रहे हैं। आरबीआई खुद यह अनुमान गला चुका है कि फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के पहले 6 महीनों में महंगाई दर 5 फीसदी से ऊपर निकल सकती है। असल में फरवरी में क्रूड में नरमी आई थी। जिसकी वजह से महंगाई में राहत रही। मार्च में क्रूड वापस 3 साल के हाई के आस-पास आ चुका है। पेट्रोल-डीजल भी रिकॉर्ड लेवल की ओर हैं। ऐसे में महंगाई आगे और बढ़ सकती है। 
 
आगे पढ़ें, जेटली ने कितनी बार बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी .......

 

तेल मंत्रालय कर चुका है एक्‍साइज कटौती की मांग 

इस साल की शुरुआत में पेट्रोलियम मिनिस्‍ट्री पेट्रोल-डीजल पर एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती की मांग कर चुकी है। जिससे कि इंटरनेशनल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव से कंज्‍यूमर्स को राहत दी जा सके। लेकिन वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को अपने बजट में इस डिमांड पर कोई ध्‍यान नहीं दिया। साउथ एशियाई देशों में भारत  में पेट्रोल-डीजल के दाम सबसे ज्‍यादा है। इसकी वजह यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमत में आधी हिस्‍सेदारी टैक्‍स की है।  
 
जेटली ने 9 बार बढ़ाई एक्‍साइज ड्यूटी 
वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच एक्‍साइज ड्यूटी में 9 बार बढ़ोत्‍तरी की। जबकि ग्‍लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में गिरावट थी। इसके बाद जेटली ने पिछले साल अक्‍टूबर में सिर्फ एक बार 2 रुपए प्रति लीटर एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती की थी। एक्‍साइज ड्यूटी में कटौती के साथ ही केंद्र सरकार ने राज्‍य सरकारों को वैट में कटौती करने के लिए कहा था। जिसके बाद केवल चार राज्‍यों महाराष्‍ट्र, गुजरात, मध्‍य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने वैट घटाया था। 

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