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9700 के स्तर तक आ सकता है निफ्टी, लेकिन लंबी अवधि में ये स्टॉक्स देंगे 125% तक रिटर्न

एक्सपर्ट्स का मानना है कि गिरावट का इस्तेमाल पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने में करना चाहिए।

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नई दिल्ली। रिकॉर्ड हाई से 10 फीसदी तक गिरावट के बाद अब शेयर बाजार दायरे में कारोबार कर रहा है। लेकिन निफ्टी पर वोलैटिलिटी इंडेक्स 15 फीसदी के ऊपर है, जिससे बाजार में आगे गिरावट से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनियाभर के बाजारों में कमजोर सेंटीमेंट से घरेलू मार्केट में भी सेलिंग प्रेशर है। पीएसयू बैंकों के सेंटीमेंट कमजोर हैं, पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी है, ऐसे में अभी दबाव रहेगा। हालांकि उनका मानना है कि यह मार्केट में शॉर्ट टर्म मंदी है। ऐसे में गिरावट का इस्तेमाल पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने में करना चाहिए। लंबी अवधि में दिलीप बिल्डकॉन, वेल्सपन इंटरप्राइजेस, एचजी इंफ्रा, 8K माइल्स, हेक्सावेयर,  बजाज ऑटो में निवेश की सलाह दी है। 

 

 

9700 के स्तर तक आ सकता है निफ्टी 
स्टैलियन एसेट्स डॉट कॉम के सीआईओ अमीत जेसवानी का कहना है कि अभी मार्केट में लिक्विडिटी की पोजिशन टाइट है। एफआईआई का रवैया इस महीने मिला-जुला है, लेकिन डर है कि डीआईआई भी बिकवाली कर सकते हैं। असल में मार्केट अभी भी ओवरवैल्यूड है, कई शेयर ऊंचे वैल्यूएशन पर चल रहे हैं। दूसरी ओर मार्केट के लिए कोई पॉजिटिव संकेत नहीं मिल रहे हैं। बैंकों में नए फ्रॉड सामने आ रहे हैं। ऐसे में घरेलू निवेशक उन शेयरों में बिकवाली कर सकते हैं। इससे मार्केट 10 हजार का स्तर ब्रेक कर 9700 के स्तर तक नीचे आ सकता है। 

 

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गिरावट में बदलें पोर्टफोलियो 
जेसवानी का कहना है कि इकोनॉमी में ग्रोथ के संकेत हैं, उम्मीद है कि चौथी तिमाही के नंबर बेहतर रहेंगे और अर्निंग में रिकवरी होगी। यूएस मार्केट में रिकवरी है, उम्मीद है जल्द दूसरे बाजारों में भी रिकवरी आएगी। ऐसे में जब मैक्रो एन्वायरनमेंट को लेकर परेशानी नहीं है, बेहतर संकेत मिलते ही मार्केट में फिर तेजी का रुख दिखेगा। इंफ्रा खासतौर से रोड कंस्ट्रक्शन और मेटल शेयरों में निवेश का सही समय है। 

 

लंबी अवधि के लिए नहीं है चिंता 
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्ट जगदीश ठक्कर का कहना है कि आगे कुछ राज्यों में चुनाव हैं, 2019 में आम चुनाव भी होंगे। वहीं, हाल ही में उपचुनाव के नतीजे मार्केट के अनुमान के मुताबिक नहीं रहे। ऐसे में पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी है। लेकिन इकोनॉमी के मोर्चे पर सुधार है। नोटबंदी, जीएसटी का असर कम होने से चौथी तिमाही में कंपनियों की अर्निंग बेहतर रहने की उम्मीद है। रिफॉर्म में तेजी आने की उम्मीद है। लंबी अवधि में मार्केट में एक बार फिर तेजी दिखेगी। उनका कहना है कि अभी रूरल कंजम्पशन से जुड़े और ऑटो स्टॉक्स में निवेश का सही समय है। वहीं, फॉर्मा स्टॉक्स भी अच्छी वैल्यूएशन पर हैं। 

 

यूएस फेड के फैसले का असर नहीं 
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट गौरांश शाह का कहना है कि फेडरल रिजर्व की ओर से 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी पहले से ही अपेक्षित थी। इसको लेकर मार्केट पहले ही डिस्काउंट कर चुका है। ऐसे में भारतीय मार्केट पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

 

आगे पढ़ें, किन शेयरों में करें निवेश...........

दिलीप बिल्डकॉन (प्रमुख इंफ्रा कंपनियों में शामिल)

लक्ष्‍य: 1300 रुपए, करंट प्राइस: 978 

रिटर्न: 33 फीसदी

 

 

 

वेल्सपन इंटरप्राइजेज (कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग कंपनी)

लक्ष्‍य: 325 रुपए, करंट प्राइस: 144 रुपए

रिटर्न: 125 फीसदी

 

 

HG इंफ्रा (राजस्थान बेस्ड कंस्ट्रक्शन कंपनी)

लक्ष्‍य: 400 रुपए, करंट प्राइस: 291 रुपए 

रिटर्न: 37 फीसदी

 

सलाह: स्टैलियन एसेट्स डॉट कॉम के सीआईओ अमीत जेसवानी

 

हेक्सावेयर (मुंबई बेस्ड आईटी कंपनी)

लक्ष्‍य: 465 रुपए, करंट प्राइस: 386 रुपए

रिटर्न: 20 फीसदी

 


8K माइल्स (सॉफ्टवेयर कंपनी)

 

लक्ष्‍य: 1475 रुपए, करंट प्राइस: 691 रुपए 

रिटर्न: 113 फीसदी

 

 

सलाह: मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे

 

बजाज ऑटो (ऑटो कंपनी)
लक्ष्‍य: 4149 रुपए, करंट प्राइस: 2835 रुपए 
रिटर्न: 46 फीसदी

 

टू व्हीलर इंडस्ट्री में ग्रोथ का सबसे ज्यादा फायदा कंपनी को होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूरल इकोनॉमी में मजबूती आने का सबसे ज्यादा फायदा जिन कंपनियों को होगा, उनमें बजाज ऑटो भी है। रूरल एरिया में दोनों की डिमांड मजबूत है। प्रीमियम बाइक पर भी फोकस बढ़ा है। 


सलाह: ब्रोकरेज फर्म नोमुरा


(नोट-निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स व ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

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