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एसेट क्वालिटी सुधारने की स्ट्रैटेजी पर प्राइवेट बैंक, इन स्टॉक्स में बने निवेश के मौके

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नतीजों से यह साफ है कि प्राइवेट बैंक अपनी बुक्स क्लीयर करने में लगे हैं।

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नई दिल्ली। फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही के लिए ज्यादातर प्राइवेट बैंक के नतीजे आ चुके हैं। जनवरी से मार्च के लिए ये नतीजे मिले-जुले रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नतीजों से यह साफ है कि प्राइवेट बैंक अपनी बुक्स क्लीयर करने में लगे हैं। जिन बैंकों का फोकस कॉरपोरेट बिजनेस पर था, वे रिटेल बिजनेस को मजबूत करने की स्ट्रैटेजी पर हैं। उनका कहना है कि नई स्ट्रैटेजी से आने वाले दिनों में एनपीए की समस्या कम होगी। कैपिटल के मोर्चे पर ज्यादा दिक्कत नहीं है। एक्सिस बैंक, आईसीआईसीई बैंक, यस बैंक और एचडीएफसी बैंक में निवेश की सलाह है।  

 

 

क्रेडिट रिस्क पर बेहतर हो रहा है काम 
कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर सुब्रमण्यम पशुपति का कहना है कि एचडीएफसी बैंक, यस बैंक, इंडसइंड बैंक का फोकस पहले से ही रिटेल बिजनेस बढ़ाने पर था। जबकि आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक कॉरपोरेट लोन पर फोकस थे। लेकिन अब इन बैंकों ने भी अपनी स्ट्रैटेजी बदली है। नतीजों में भी यह साफ नजर आ रहा है। रिटेल सेक्टर में लोन फंसने का डर कम होता है। बैंक मैनेजमेंट का फोकस बुक्स क्लीयर करने पर है, जिसका फायदा आने वाले दिनों में मिलेगा। अभी सेक्टर पर दबाव पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अच्छे शेयरों में निवेशकों को खरीद की सलाह है। 

 

रिटेल एसेट्स में ग्रोथ 
आईसीआईसीआई बैंक की बात करें तो रिटेल एसेट्स में चौथी तिमाही के दौरान 21 फीसदी की ग्रोथ रही है। रिटले ग्रोथ की वजह से ओवरऑल लोन बुक में 15 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। बैंक के कुल लोन बुक में रिटेल की हिस्सेदारी बढ़कर 57 फीसदी हो गई है। वहीं, इंटरनेशनल की बजाए बैंक का डोमेस्टिक लोन बुक पर ज्यादा फोकस है। इसी तरह से एक्सिस बैंक ने भी कॉरपोरेट की जगह रिटेल बिजनेस पर फोकस करना शुरू कर दिया है। 

 

और कौन से फैक्टर हैं पॉजिटिव 

नतीजों मिले-जुले रहे हैं और इनमें कुछ फैक्टर पॉजिटिव दिखे हैं। असैसतन बैंकों की ब्याज आमदनी बढ़ी है। क्रेडिट ग्रोथ बेहतर दिख रही है। बैंकों में औसत डिपॉजिट भी मजबूत हुआ है और कैपिटल की कमी नहीं है। बैंक अपने बैड एसेट्स की पहचान करने में कामयाब रहे हैं। उनका फोकस इस तिमाही में एसेट क्वालिटी पर रहा जो कि पॉजिटिव है। 

 

प्रोविजनिंग में सुधार जरूरी 
इंडिपेंडेंट मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बालिगा का कहना है कि आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे उम्मीद के मुताबिक थे। लेकिन एक्सिस बैंक के नतीजे ने निवेशकों को चौंकाया है। सभी प्राइवेट बैंकों के नतीजे आ चुके हैं। प्राइवेट बैंकों के नतीजे अच्छे रहे हैं। प्राइवेट बैंक के स्टॉक्स में शॉर्ट टर्म में ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है, लेकिन स्टॉक्स में स्टेबिलिटी दिख रही है। जैसे-जैसे प्रोविजनिंग में सुधार होगा, शेयरों में खरीददारी का मौका बनेगा।

 

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एक्सिस बैंक
एक्सिस बैंक के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। बैंक का बैड लोन बढ़ा है। लेकिन अच्छी बात है कि बैंक अपने सभी बैड लोन की पहचान करने की अंतिम प्रक्रिया में है। जिसके बाद मैनेजमेंट एसेट क्वालिटी को बेहतर करने पर काम कर सकेंगे। बैंक का फोकस कोर बिजनेस पर है और क्रेडिट रिस्क कम करने पर मैनेजमेंट काम कर रहा है। बैंक के पास कैपिटल की कमी नहीं है। आने वाले दिनों में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल और आईसीआईसीआई डायरेक्ट दोनों ने शेयर के लिए 600 रुपए का लक्ष्‍य तय किया हे। 

 

ICICI बैंक
आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा भले ही 50 फीसदी गिरा है, नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं। बैंक का फोकस रिटले बिजनेस पर बढ़ा है, जिसके आगे जारी रहने की उम्मीद है। बैंक बुक्स क्लीयर करने में लगा है, जिससे एनपीए की समस्या कम होगी। बैंक में डिपॉजिट की कोई दिक्कत नहीं है, क्रेडिट ग्रोथ भी बेहतर है। क्रेडिट रिस्क कम होने और अट्रैक्टिव वैल्युएशन का फायदा बैंक को होगा। विदेशी ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनले ने शेयर के लिए 425 रुपए और CLSA ने 430 रुपए का लक्ष्‍य रखा है।  
 

HDFC बैंक
एचडीएफसी बैंक को जनवरी-मार्च के दौरान 4799 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। बैंक की इंटरेस्ट इनकम बढ़कर 10,657 करोड़ रुपए हो गई है। बैंक का बैड लोन स्टेबल बना हुआ है। लोन ग्रोथ खासतौर से रिटेल सेग्मेंट में मजबूत रहा है। सालाना आधार पर जहां कॉरपोरेट लोन ग्रोथ 6 फीसी रहा, वहीं रिटेल लोन ग्रोथ 26 फीसदी रहा है। सब्सिडियरीज का भी प्रदर्शन बेहतर है। स्टॉक में बढ़त की अच्छी गुंजाइश है। ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने शेयर के लिए 2500 रुपए का लक्ष्‍य तय किया है। 

 

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यस बैंक
चौथी तिमाही चैलेंजिंग होने के बाद भी यस बैंक के लिए मजबूत रही है। बैंक का मुनाफा 29 फीसदी बढ़ा है, जबकि ब्याज आय 31.4 फीसदी बढ़ गई है। तिमाही आधार पर यस बैंक अपना बैड लोन घटाने में कामयाब रहा है। एसेट क्वालिटी लगातार बेहतर हो रही है। बैलेंसशीट मजबूत है। ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 444 रुपए का लक्ष्‍य तय किया है। 

 

(नोट-निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स व ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

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