Home » Market » Stocksअंबानी से 19 गुनी दौलत संभालता है यह शख्स, प्लेन में कटते हैं साल के 250 दिन-Mark Mobius to retire from Franklin Temp

अंबानी से 19 गुनी दौलत संभालता है यह शख्स, प्लेन में कटते हैं साल के 250 दिन

81 साल के इस शख्स को दुनिया भर में पैसे से पैसा बनाने के लिए जाना जाता है।

1 of

नई दिल्ली. 81 साल के इस शख्स को पैसे से पैसा बनाने के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि दुनिया भर के इन्वेस्टर इसकी सलाह पर अरबों रुपए दांव लगाने से नहीं चूकते। इस शख्स का नाम है जोसफ मार्क मोबियस, जो फिलहाल लगभग 48 लाख करोड़ रुपए (740 अरब डॉलर) की वेल्थ संभालते हैं। इस प्रकार मोबियस भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी से कई गुनी दौलत संभालते हैं। अब यह शख्स रिटायर होने जा रहा है।

 

 

संभालते हैं मुकेश अंबानी से 19 गुनी दौलत

मार्क मोबियस दुनिया के अग्रणी फंड मैनेजर फ्रैंकलिन टेंपलटन इन्वेस्टमेंट्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। दुनिया भर के इन्वेस्टर का उन पर भरोसा ही है, जो उनकी कंपनी 48 लाख करोड़ रुपए की वेल्थ का प्रबंधन करती है। भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी से तुलना करें तो की कुल पर्सनल वेल्थ से लगभग 19 गुनी दौलत संभालते हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनायर इंडेक्स के मुताबिक फिलहाल मुकेश अंबानी की पर्सनल वेल्थ 2.6 लाख करोड़ रुपए (40 अरब डॉलर) है।

 

यह भी पढ़ें-मोदी ने अपने दोस्त को ही दिया झटका, कैंसिल कर दी अरबों की डील

 

कहा जाता है मार्केट गुरु

इसीलिए मोबियस को मार्केट गुरु भी कहा जाता है, जिन्हें अफ्रीका, एशिया, पूर्वी यूरोप और लैटिन अमेरिका में कमाई के अवसरों को खोजने में दुनिया का सबसे भरोसेमंद शख्स माना जाता है। उन्हें पाइड पाइपर ऑफ इमर्जिंग मार्केट (इमर्जिंग मार्केट को मोह लेने वाला), ग्लोबट्रॉटर (विश्वयात्री) आदि नामों से भी जाना जाता है।

कंपनी ने हाल में 80 साल के इस शख्स के इसी महीने यानी 31 जनवरी को रिटायर होने का एलान किया है।

 

आगे भी पढ़ें

 

 

प्लेन में कटते हैं 250 दिन

उन्होंने 30 साल तक बतौर फंड मैनेजर काम किया। उन पर अमेरिकी इन्वेस्टर्स का इस कदर भरोसा था कि इनके लिए पहला इमर्जिंग मार्केट इक्विटी फंड बनाया गया। इस फंड का लंबे समय तक बेस सिंगापुर रहा और इसे आगे बढ़ाने के लिए मोबियस साल के 250 दिन अपने गल्फस्ट्रीम-4 प्राइवेट जेट से सफर किया करते थे। वह साल भर फैक्ट्रियों का दौरा करते थे और निवेश संभावनाओं की पहचान के लिए दूरदराज के डिस्ट्रीब्यूटर्स से मुलाकात करते थे।

 

टेंपलटन के चेयरमैन और सीईओ ग्रेग जॉनसन ने एक बयान में कहा, 'इमर्जिंग मार्केट इन्वेस्टमेंट की बात हो तो दुनिया का कोई भी शख्स मोबियस की जगह नहीं ले सकता।'

 

आगे भी पढ़ें

 

 

सही साबित हुईं मोबियस की कई भविष्यवाणियां

मोबियस ने ऐसी कई भविष्यवाणियां कीं, जो सही साबित हुईं। उन्होंने 2009 में बुल मार्केट की शुरुआत होने की भविष्यवाणी की थी। 1998 में रूस में भारी बिकवाली के दौर में उन्हें खासी खरीददारी की। वह ऐसे शुरुआती इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स में से एक थे, जिन्होंने अफ्रीका की भरोसेमंद मार्केट के तौर पर पहचान की और 2012 में टेंपलटन अफ्रीका फंड की स्थापना की। उन्होंने एक किताब में लिखा, 'मैंने ऐसी कंपनियों के स्टॉक्स खरीदे, जिनमें 5 साल की अवधि में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं होती थीं।'

 

आगे भी पढ़ें

 

 

स्कॉलरशिप से की पढ़ाई

न्यूयॉर्क में जन्मे मोबियस के पिता जर्मन और मां प्यूर्टो रिको की थीं। 1955 में वह स्कॉलरशिप के सहारे बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़े और ट्यूशन के पैसे जुटाने के लिए नाइटक्लब में पियानो बजाया करते थे। उन्होंने पॉलिटिकल कंसल्टैंट के रूप में भी काम किया। वह पहली बार 1967 में हॉन्गकॉन्ग गए और वहां रिसर्च बिजनेस की शुरुआत की।

टेंपलटन से जुड़ने से पहले उन्होंने ब्रिटेन की स्टॉक ब्रोकरेज फर्म विकर्स, डा कोस्टा में डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया। 1983 में ताइवान में मेगा इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के प्रेसिडेंट बन गए। 50 वर्ष की उम्र में उन्हें जॉन टेंपलटन की तरफ से ऑफर मिला और उसके बाद वह आगे बढ़ते गए।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट