Home » Market » StocksIPO में 1 दिन में दोगुना हो सकता है आपका पैसा- Know how you can invest in IPO for better return

यहां 2 से 3 दिन में दोगुना हो सकता है आपका पैसा, ऐसे उठाएं फायदा

फाइनेंशियल मार्केट में एक जगह ऐसी है, जहां नियमों में रहकर भी एक दिन में डबल यानी 100 फीसदी तक रिटर्न पाया जा सकता है।

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नई दिल्ली। हर शख्‍स यही चाहता है कि वह अपने पैसे ऐसी जगह निवेश करे जहां कम से कम समय में उसकी रकम बढ़कर दोगुनी या तीनगुनी हो जाए। बहुत से लोग सेविंग अकाउंट में पैसे जमा करते हैं तो कुछ लोग एफडी करते हैं, वहीं कुछ लोग पोस्‍ट ऑफिस या सरकारी बॉन्ड्स में पैसे लगाते हैं। लेकिन इन जगहों पर पैसे डबल होने में कम से कम 6 से 7 साल लग सकते हैं। लेकिन, फाइनेंशियल मार्केट में एक जगह ऐसी है, जहां नियमों में रहकर भी एक दिन में डबल यानी 100 फीसदी तक रिटर्न पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कहां एक दिन में हो सकते हैं आपके पैसे डबल, यहां क्या है निवेश का तरीका.....

 

 

यहां पा सकते हैं कुछ घंटों में 2 गुना मुनाफा


हम यहां बात कर रहे हैं आईपीओ के जरिए निवेश की। कंपनियां समय-समय पर फंड जुटाने के लिए आईपीओ ले आती हैं। जिसका फायदा आप उठा सकते हैं। आईपीओ में निवेश का फायदा यह है कि लिस्टिंग के दिन ही आईपीओ की कीमत दोगुनी हो सकती है। आईपीओ 2 से 3 दिन तक खुलता है। यानी अगर आपने 1,00000 रुपए निवेश किए हैं तो लिस्टिंग में रकम बढ़कर 2,00000 रुपए से ज्यादा हो सकती है। 

 

यहां कुछ घंटों में रकम 2.5 गुना हुई 

 

सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग: सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग का स्टॉक जुलाई में 140 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। स्टॉक 108 रुपए के इश्यू प्राइज के मुकाबले बीएसई पर 259 के स्तर पर लिस्ट हुआ। यानि जिन्होंने स्टॉक में 1 लाख रुपए लगाए होंगे, उन्हें कुछ घंटों में ही  1.40 लाख रुपए का मुनाफा हो गया।

 

एवेन्यू सुपरमार्केट (डी-मार्ट) : इस साल मार्च में आरके दमानी की कंपनी ने डी-मार्ट का आईपीओ आया था। शेयर के लिए ऑफर प्राइस 295 से 299 रुपए के बीच रखा गया था। लेकिन, लिस्टिंग वाले दिन शेयर 115 फीसदी बढ़कर 642 रुपए पर लिस्ट हुआ। 

 

CDSL: जुलाई के महीने में सीडीएसएल 68 फीसदी की बढ़त के साथ लिस्ट हुआ है। शेयर ऑफर प्राइस 149 की तुलना में 250 रुपए पर लिस्ट हुआ। यानी 1 लाख रुपए लगाने वाले निवेशकों को 1.8 लाख रुपए मिले। 


AU स्मॉल फाइनेंस: 50 फीसदी की बढ़त के साथ शेयर आफर प्राइस 358 की तुलना में 525 रुपए पर लिस्ट हुआ। यानी जिन्होंने 1 लाख रुपए लगाए होंगे, उन्हें 1.5 लाख रुपए कुछ घंटों में मिले होंगे। 

 

 

आगे पढ़ें, कैसे कर सकते हैं IPO में निवेश

 

IPO में निवेश कैसे करें
              
-आईपीओ में आप अपने स्तर पर सीधे निवेश कर सकते हैं, जिसके लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। इसमें ब्रोकर के जरिए निवेश किया जा सकता है। 
-हर ब्रोकरेज हाउस आईपीओ में निवेश के लिए अपनी वेबसाइट पर एक अलग सेक्शन रखता है। जहां जाकर आप कुछ सूचनाएं भरने के बाद आईपीओ के लिए आवेदन कर सकते हैं। 
-इन सूचनाओं में प्रमुख है कि आप कितने स्टॉक के लिए किस कीमत पर अप्लाई करना चाहते हैं। 
-आपके आवेदन के हिसाब से उतनी रकम आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग तक ब्लॉक कर दी जाती है।

 

किन बातों का ध्‍यान रखना जरूरी 
 
अच्छा आईपीओ चुनने के लिए सबसे पहले तो उस कंपनी की साख देखें जो अपना आईपीओ ले आ रही है। कई रेटिंग एजेंसियां उस आईपीओ को अपना रेटिंग भी देती हैं, जिसपर नजर रखना जरूरी है। अगर 2 या 2 से अधिक एजेंसियों की रेटिंग आईपीओ पर पॉजिटिव है तो उसमें निवेश किया जा सकता है। कंपनी के अच्छे बिजनेस के साथ साथ आईपीओ की कीमत भी देखें। ब्रोकर्स की रिपोर्ट को भी देखना चाहिए। बाजार प्रमोटर्स के अलावा दूसरे निवेशकों के बारे में भी जानकारी जुटाएं।
 
 
आगे पढ़ें, कितनी रकम से कर सकते हैं निवेश

 

कम से कम कितना रकम लगाना जरूरी
 
आईपीओ में निवेश के लिए एक निश्चित रकम लगानी जरूरी है, लेकिन अधिकतम आप कितना भी पैसा इसमें लगा सकते हैं। आईपीओ में एक शेयर के लिए बिड नहीं लगा सकते। यहां एप्लीकेशन लॉट साइज के हिसाब से होती है। यानि आपको कम से कम एक निश्चित संख्या में स्टॉक्स के लिए बिड देनी होगा। फिलहाल जितने भी आईपीओ आ रहे हैं उसके हिसाब से एक एप्लीकेशन में कम से कम 12 से 15 हजार रुपए लगाने होते हैं।
 
आगे पढ़ें, क्या हैं इस निवेश के फायदे

 

ये हैं फायदे 
 
-समय-समय पर कंपनियां मार्केट से फंड जुटाने के लिए आईपीओ ले आती हैं। ऐसा वह अपने कारोबार बढ़ाने के लिए करती हैं।
-इस तरह से आईपीओ का यह भी फायदा होता है कि आपको मनपसंद कारोबार में हिस्सेदारी मिलती है। 
-इसमें निवेश का फैसला लेने के लिए आपको पूरा समय मिलता है, जिस दौरान आप किसी भी जानकार से राय ले सकते हैं। 
-आईपीओ के लिए एक प्राइस बैंड तय किया जाता है। ये प्राइस बैंड से ही कट ऑफ प्राइस निकलता है। जिस कीमत पर इश्यू प्राइस किया जाएगा उसी पर निवेशक को शेयर मिलेगा।
-निवेशक का हायर बैंड के हिसाब से पैसा देना होता है। अगर इश्यू कम प्राइस पर लिस्ट हुआ तो बाकी पैसा निवेशक को लौटा दिया जाएगा।
-वहीं, आईपीओ बंद होने से लिस्टिंग के बीच अधिकतम 10 दिन का ही समय लगता है।

 

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