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मोदी सरकार का एक फैसला और Jio ने कमा लिए 500 करोड़

सरकार के एक फैसले ने देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की बड़ी मुश्किल दूर कर दी।

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नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार के एक फैसले ने देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की बड़ी मुश्किल दूर कर दी। इसके चलते अभी तक घाटे में चल रही अंबानी की रिलायंस जियो ने पहली बार प्रॉफिट दर्ज किया। दरअसल इस फैसले से जियो को तीन महीने में इतनी ज्यादा सेविंग हुई कि अंबानी की कंपनी ने लगभग 500 करोड़ रुपए का प्रॉफिट दर्ज किया, जो अभी तक घाटे में चल रही थी।


 

इस फैसले से फायदे में आई जियो

दरअसल ट्राई ने अक्टूबर में ऐसा फैसला लिया, जिसका टेलिकॉम कंपनियों में सबसे ज्यादा फायदा जियो को मिला। दरअसल ट्राई ने अक्टूबर 2017 में इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज (आईयूसी) में 57% की कटौती कर दी थी, जिसके चलते जियो को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 1058 करोड़ रुपए की सेविंग की हुई। जियो का आपरेटिंग प्राफिट इस दौरान 90% बढ़ा है। वहीं पिछले क्वार्टर यानी जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी को 271 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।


 

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ट्राई ने बिगाड़ा एयरटेल-आइडिया का खेल

ट्राई के इस फैसले ने एयरटेल, आइडिया, वोडाफोन जैसी दूसरी टेलिकॉम कंपनियों के खेल को पूरी तरह बिगाड़ दिया था। दरअसल अक्टूबर तक जियो को आईयूसी चार्ज के तौर पर मोटी रकम चुकानी पड़ती थी। इसी का फायदा दूसरी टेलिकॉम कंपनियों को मिलता था।

एयरटेल और आइडिया जैसी कंपनियां पहले से जियो इफेक्ट से प्रभावित हो रही थीं। साथ ही उनकी कमाई में लगातार कमी आ रही थी। ऐसे में आईयूसी कम होने से जियो को छोड़कर दूसरी कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है।

 

 

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ऐसे गिरता गया दूसरी कंपनियों का मुनाफा

रिलायंस जियो के फ्री डाटा और वॉइस कॉल ऑफर के बाद दूसरी टेलिकॉम कंपनियों के ऑपरेटिंग मेट्रिक्स पर दबाव बन गया। जियो से कॉम्पिटीशन में कंपनियों ने डाटा वार में लगातार खर्च बढ़ाया, लेकिन उनका मुनाफा घटता गया।

जियो ने एंट्री के बाद फ्री डाटा और वॉइस कॉल की सुविधा दी, जिसके बाद से इंडस्ट्री में अपना बेस बचाए रखने के लिए डाटा वार शुरू हो गया। कंपनियों ने डाटा स्पीड बेहतर रखने और वर्चुअल नेटवर्क प्लेटफॉर्म को मजबूत रखने पर काम करना शुरू कर दिया, जिससे उनका खर्च लगातार बढ़ा और साथ में दबाव भी। वहीं, जियो ने सिर्फ इन्वेंस्टमेंट बढ़ाकर कस्टमर बेस बढ़ाने पर ध्‍यान दिया, जिसका फायदा उसे मिलने लगा है। कंपनियां अभी भी आकर्षक प्लान ऑफर कर रही हैं, जिसका मतलब है कि डाटा वार खत्म नहीं हुआ है।


 

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जियो को मिलने लगा रेवेन्यू

फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि शुरू में जियो ने फ्री डाटा और वॉइस कॉलिंग की सुविधा दी थी। लेकिन फ्री ऑफर खत्म करने के बाद से जियो को अब रेवेन्यू आने लगा है। जियो का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) 154 रुपए है। वहीं, समान अवधि में एयरटेल का ARPU 123 रुपए है। यानी जियो का मुनाफा बढ़ने लगा है वहीं, दूसरी कंपनियों द्वारा कस्टमर बेस बनाए रखने के लिए किए जाने वाले खर्च से उनका मुनाफा प्रभावित हो रहा है।


 

जियो के पास बारगेनिंग पावर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आरआईएल कई तरह के बिजनेस में हैं, जिससे जियो के पास बारगेनिंग की पावर है। इससे टेलिकॉम सेक्टर में जियो का फायदा मिलता रहेगा और दूसरी कंपनियों को अभी नुकसान हो रहा है। असल में दूसरी कंपनियां सिर्फ टेलिकॉम बिजनेस में हैं, इसलिए उनके लिए मुनाफा अहम है।

 

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