Home » Market » StocksHow to Earn 30000 Per Month with the Help of Government Mudra Scheme

1.15 लाख निवेश में हर महीने 30 हजार तक होगा मुनाफा, लगाएं स्टील फर्नीचर बनाने की यूनिट, सरकार करेगी मदद

मुद्रा स्कीम के तहत सरकार स्माल स्केल इंडस्ट्री खोलने पर 75 फीसदी तक फंड के लिए मदद कर रही है।

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नई दिल्ली। अगर अपना बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग है तो आपके लिए स्टील के फर्नीचर बनाने वाली फैक्ट्री शुरू करनास अच्छा विकल्प हो सकता है। सरकार इस काम में आपकी मदद कर रही है। शुरूआती तौर पर महज खुद के पास से आपको सिर्फ 1.15 लाख रुपए ही खर्च करने होंगे। बाकी पूरी मदद सरकार करेगी। हालांकि इसके लिए आपके पास एक स्पेस खुद की या रेंट पर होनी चाहिए। इस बिजनेस के लिए मुद्रा स्कीम के तहत सरकार ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार की है। जिसके हिसाब से आपको शुरूआती महीनों में ही 30 हजार रुपए मंथली मुनाफा हो सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे शुरू कर सकते हैं स्टील के फर्नीचर बनाने वाली यूनिट.....

 

 

क्यों है बेहतर विकल्प
आज के दौर में घरों या ऑफिस को सजाने के लिए वुडेन की जगह स्टील फर्नीचर की डिमांड ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। कारण यह है कि एक तो स्टील से बनने वाले प्रोडक्ट में खूबसूरती ज्यादा होती है, वहीं इनकी लाइफ भी ज्यादा होती है। इसे लेकर मार्केटिंग करना भी आसान है, जिससे प्रोडक्ट की डिमांड बनी रहे। मॉडर्न सोसाइटी में स्टील फर्नीचर ज्यादा पॉपुलर हैं। वहीं, मेट्रों शहरों के अलावा छोटे शहरों व कस्बों में भी इसकी डिमांड बढ़ी है। 

आगे पढ़ें, कैसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस..........

बिजनेस की प्रोजेक्ट रिपार्ट इस आधार पर तैयार की गई है कि फैक्टी में पूरे साल 300 दिन काम होगा। बनने वाले प्रोडक्ट में कम से कम 60 फीसदी की सेल हो पाएगी। रॉ मटेरियल और बनने वाले प्रोडक्ट मार्केट रेट के हिसाब से खरीदे और बेचे जाएंगे। हर साल कर्मचारियों की सैलरी 5 फीसदी कम से कम बढ़ेगी। 

 

1. रॉ मटेरियल पर खर्च: 1.48 लाख रुपए (1 महीने के लिए)
वर्गाकार और राउंड शेप में स्टेनलेस स्टील की शीट, स्टील की अलग-अलग आकार में पाइस, वेल्डिंग इलेक्ट्रोड्स, कटिंग ब्लेड, स्क्रू, कॉटन वेस्ट, स्क्रू, डिजाइनर कपड़े, कटिंग फ्लड आदि। 

 

2. मशीनरी पर खर्च: 2.58 लाख रुपए
शुरूआती तौपर मशीनरी पर 2.58 लाख रुपए खर्च होंगे। 
मशीनरी में बेंच ड्रिल विथ मोटर, वेल्डिंग सेट, कट ऑफ, हैंड ड्रिल, ग्रिंडर, वेल्डिंग केबल, एमएमए वेल्डिंग सेट, रिंग एंड स्पैनर सेट, बेंच ग्रिंडर, स्कू्र ड्राइवर, बजिंग मोटर, कंप्रेसर और पाइप वेल्डिंग मशीन आदि। 

 

3. अन्य खर्च: 50 हजार रुपए
इसमें कर्मचारियों की सैलरी, पावर, रेंट, ऑफिस का खर्च, ट्रांसपोर्ट का खर्च, टेलिफोन व स्टेशनरी का खर्च शामिल है। 

आगे पढ़ें, प्रोजेक्ट शुरू करने पर कितना होगा खर्च.........

 

प्रोजेक्ट पर खर्च: 4.60 लाख रुपए
प्रोजेक्ट पर खर्च: रॉ मटेरियल पर खर्च + मशीनरी पर खर्च + अन्य खर्च 
2.58 लाख + 1.47 लाख + 55 हजार = 4.60 लाख रुपए 

 

खुद के पास से खर्च : 1.15 लाख रुपए 
स्कीम के तहत बिजनेस शुरू करने के लिए खुद के पास से सिर्फ 1.15 लाख रुपए खर्च होगा। 

 

टर्म लोन बैंक से : 2.17 लाख रुपए 
वर्किंग कैपिटल लोन बैंक से: 1.28 लाख रुपए

आगे पढ़ें, बिजनेस में कैसे होगी इनकम.........

 

प्रोडक्शन कास्ट: 22.70 लाख रुपए 
4.60 लाख रुपए के शुरूआती खर्च से प्रोजेक्ट स्टार्ट करने पर पूरे साल में 300 दिन काम होने पर बनने वाले प्रोडक्ट पर करीब 22.70 लाख रुपए खर्च होंगे। 
 

कुल सेल्स: 26.22 लाख रुपए 
मार्केट रेट पर बेचने पर इतने प्रोडक्ट की सेल्स कास्ट 26.22 लाख रुपए होगी।

 

ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रॉफिट: 3.52 लाख रुपए 
मंथली ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रॉफिट: करीब 30 हजार रुपए 

नेट प्रॉफिट: 2.50 लाख रुपए सालाना


ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रॉफिट में से टर्म लोन पर दिए जाने वाले ब्याज, वर्किंग कैपिटल लोन पर दिए जाने वाले ब्याज और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च निकालना होगा, जो करीब 1.02 लाख रुपए होगा। इस लिहाज से नेट प्रॉफिट 2.50 लाख रुपए के आस पास होगा। यानी करीब 20 हजार रुपए नेट प्रॉफिट होगा। 

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