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हर महीने 35 हजार हो सकती है कमाई, बेकरी प्रोडक्ट की यूनिट लगाने में सरकार करेगी मदद, सिर्फ 1 लाख होगा खर्च

इंडिया में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बेकरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री बनकर उभरी है।

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नई दिल्ली। अगर आप कम निवेश के साथ शुरू कर सफल बिजनेसमैन बनना चाहते हैं तो पहले जरूरी यह है कि बिजनेस ऐसा चुनें, जिसके सक्सेज के अवसर ज्यादा हों। ऐसे में बेकरी प्रोडक्ट बनाने की यूनिट लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है। इंडिया में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बेकरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री बनकर उभरी है। पूरे देश में केक, ब्रेड, बिस्किट और चिप्स जैसे प्रोडक्ट की जबरदस्त डिमांड है, चाहे वह शहर हो, कस्बा हो या गांव। इसी वजह से बेकरी इंडस्ट्री सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला फूड प्रॉसेसिंग बिजनेस बन गया है। सही प्रोडक्ट और सही मार्केटिंग स्ट्रैटेजी का चुनाव कर इस सेक्टर में बड़ा ब्रांड बनने के अवसर कुछ ज्यादा हैं। सरकार की मुद्रा स्कीम के तहत सिर्फ 1 लाख निवेश में यह बिजनेस शुरू हो जाएगा। 

 

 

सरकार कर रही है मदद 
अगर आप भी बेकरी इंडस्ट्री में आना चाहते हैं तो इसके लिए आपकी मदद खुद मोदी सरकार कर रही है। मुद्रा स्कीम के तहत बिजनेस शुरू करने के लिए आपको सिर्फ 1 लाख रुनए निवेश करना होगा। कुल खर्च का 80 फीसदी तक फंड की मदद सरकार से मिल जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए सरकार ने खुद प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है। सरकार ने जो बिजनेस की स्ट्रक्चरिंग की है, उस हिसाब से आपको सभी खर्च काटने के बाद हर महीने 30 हजार रुपए तक प्रॉफिट हो सकता है। 

 

कितना आएगा खर्च
 

प्रोजेक्ट लगाने में कुल खर्च: 5.36 लाख रुपए
-इसमें आपको खुद के पास से सिर्फ 1 लाख रुपए लगाना होगा। 
-मुद्रा स्कीम के तहत आपका चुनाव होता है तो बैंक से टर्म लोन 2.87 लाख रुपए और वर्किंग कैपिटल लोन 1.49  लाख रुपए मिल जाएगा। 
नोट: प्रोजेक्ट के तहत आपके पास 500 वर्गफुट तक का खुद का स्पेस होना चाहिए। अगर नहीं है तो इसे रेंट पर लेकर प्रोजेक्ट फाइल के साथ दिखाना होगा। 

 

कैसे बंटेगा खर्च 
1. मशीनरी और इक्यूपमेंट आदि का खर्च 3.5 लाख रुपए होगा। 
मशीनरी में बिस्कुट मेकिंग मशीन, बटर मिलाने वाली मशीन, शुगर ग्राइंडिंग मशीन, सीलिंग मशीन, वर्किंग टेबल, कप्स, मग, स्पून, ग्लव्स, बैलेंस प्लेटफॉर्म आदि। 

 

2. 1.86 लाख रुपए रॉ-मटेरियल, बेकरी प्रोडक्ट बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान यानी इन्ग्रेडिएंट, काम करने वालों की सैलरी, पैंकिंग, टेलिफोन, रेंट आदि पर खर्च शामिल है। 
रॉ मटेरियल में आटा, मैदा, शुगर, बटर, अंडे, घी, मिल्क पावडर, साल्ट, फ्रूट्स, बेकिंग पावडर, कैरामेल पावडर, वैनिला व अन्य एसेंस, क्रीम आदि। 

आगे पढ़ें, कैसे है यह मुनाफे का सौदा ...........

 

कैसे होगा 4.2 लाख का शुद्ध सालाना मुनाफा 

 

सरकार ने जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है, उस लिहाज से 5.36 लाख रुपए में कुल सालाना उत्पादन और उसकी बिक्री का अनुमान कुछ इस तरह से लगाया गया है। 

 

14.26 लाख रुपए: पूरे साल के लिए कास्ट ऑफ प्रोडक्शन 
20.38 लाख रुपए: पूरे साल में इतना प्रोडक्ट बन जाएगा कि उसे बेचने पर 20.38 लाख रुपए मिल जाएंगे। बता दें कि इसमें बेकरी प्रोडक्ट की बिक्री कीमत मार्केट में मिलने वाले दूसरे आइटम्स के रेट के आधार पर कुछ कम करके तय किए गए हैं। 
6.12 लाख रुपए: ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रॉफिट 
70 हजार: एडमिनिस्ट्रेशन और सेल्स पर खर्च
60 हजार: बैंक के लोन का ब्याज
60 हजार: अन्य खर्च 

शुद्ध लाभ: 4.2 लाख रुपए सालाना 

 

आगे पढ़ें, कितना है सालाना रिटर्न ........

 

 

सालाना रिटर्न: करीब 75 फीसदी   


4 लाख X 100/ 5.36 लाख= 75%   
यानी 1.5 साल में पूरा इन्वेस्टमेंट निकल आएगा। 

 

आगे पढ़ें, कैसे शुरू होगा बिजनेस ..........

क्या है जरूरी


-इसके लिए आपके पास एक जगह होनी चाहिए। अगर आपके पास जगह नहीं है तो इसे रेंट पर लिया जा सकता है। यह खर्च वर्किंग कैपिटल में जुड़ा हुआ है। 
-इसके लिए कर्मचारियों में एक मैनेजर, सेल्स मैन, स्किल्ड वर्कर और सेमी स्किल्ड वर्कर होने जरूरी है। इन सबकी सैलरी पर 50 से 60 हजार रुपए खर्च होगा, जो वर्किंग कैपिटल में जोड़ा गया है।

 

मुद्रा स्कीम में करें आवेदन
इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी...
नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए। इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती। लोन का अमाउंट 5साल में लौटा सकते हैं।  

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