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बड़े काम का है टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड, जानें निवेश की A B C D

टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड को ईएलएलएस (ELSS) फंड भी कहा जाता है। यहां पर निवेश करके भी लोग इनकम टैक्‍स बचा सकते हैं।

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नई दिल्‍ली. टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड को ईएलएलएस (ELSS) फंड भी कहा जाता है। यहां पर निवेश करके भी लोग इनकम टैक्‍स बचा सकते हैं। यहां पर निवेश करके उसी तरह से टैक्‍स बचाया जा सकता है जैसे इंश्‍योरेंस, NSC और PPF में निवेश पर टैक्‍स बचता है। निवेशकों को यहां पर सबसे बड़ा फायदा यह मिलता है कि उनका पैसा सबसे जल्‍द वापस मिलता है। जहां PPF में निवेश पर 15 साल तक पैसा नहीं निकाल सकते हैं, वहीं अन्‍य विकल्‍पों में 5 साल से ज्‍यादा समय तक पैसा नहीं निकाल सकते हैं। लेकिन ELSS में पैसा 3 साल बाद ही निकालने की सुविधा मिलती है।

 

 

इक्विटी में इन्‍वेस्‍टमेंट के साथ टैक्‍स सेविंग

टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड में निवेश का सबसे बड़ा फायदा इक्विटी में निवेश के रूप में मिलता है। आमतौर पर लोग इनकम टैक्‍स बचाने वाले अन्‍य विकल्‍पों में निवेश करते हैं, जिससे उनके पास इक्विटी में निवेश के लिए पैसे नहीं बचते हैं। लम्‍बे समय के निवेश पर आमतौर पर इक्विटी से सबसे अच्‍छा रिटर्न मिलता है। इसलिए जब लोग ELSS में निवेश करते हैं तो उनको टैक्‍स बचाने के साथ साथ इक्विटी में निवेश का फायदा भी मिलता है।

 

 

जानें सबसे कम लॉकइन का फायदा

टैक्‍स सेविंग के विकल्‍पों में NSC, PPF, बीमा और आयकर बचाने वाली बैंक FD तक शामिल हैं। इनमें से PPF में 15 साल का लॉकइन होता है। इसका मतलब हुआ कि निवेशक 15 साल तक पैसा नहीं निकाल सकता है। इसी प्रकार NSC और बैंकों की विशेष FD पर यह लॉकइन 5 साल का होता है। बीमें की हर योजना का लॉकइन अलग-अलग होता है, लेकिन 5 साल से कम किसी का नहीं होता है। फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम के अनुसार ELSS में इन्‍वेस्‍टमेंट 3 साल बाद निकाला जा सकता है। यह इन स्‍कीम्‍स का एक बहुत ही अच्‍छा फीचर है।

 

 

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ग्रोथ और डिविडेंड का विकल्‍प

निवेशकों को इन फंड में दो तरह के विकल्‍प मिलते हैं। इनमें से एक होता है ग्रोथ और दूसरा डिविडेंड पे आउट। अंश फायनेंशियल एंड इन्‍वेस्‍टमेंट के डायरेक्‍टर दिलीप कुमार गुप्‍ता के अनुसार जहां ग्रोथ ऑप्‍शन में पैसा लगातार निवेशित रहता है, वहीं डिविडेंड ऑप्‍शन में कंपनियां समय-समय पर लाभांश के रूप में फायदा बांटती रहती हैं। डिविडेंड ऑप्‍शन वाली योजनाओं में साल में एक बार डिविडेंड मिल सकता है। कुछ योजनाओं ने तो एक बार से भी ज्‍यादा डिविडेंड साल में दिया है।

 

 

लॉकइन के बाद भी इन्‍वेस्‍टमेंट जारी रखने की सुविधा

इनकम टैक्‍स बचाने ज्‍यादातर विकल्‍प में निवेश पूरा होने पर या तो उसे निकालना पड़ता है या उसे बढ़ाने की प्रॉसेस करना होता है। जैसे PPF का 15 साल पूरा होने के बाद आवेदन करके इसे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। वहीं अन्‍य विकल्‍प में पैसे वापस लेने पड़ते हैं। शेयरखान के वाइस प्रेसीडेंट मृदुल कुमार वर्मा के अनुसार ELSS निवेशकों को यह विकल्‍प देता है कि आप 3 साल पूरा होने के बाद भी इसमें निवेशित बने रह सकते हैं, और जब भी जरूरत हो पैसा निकाल सकते हैं। ऐसा विकल्‍प अन्‍य योजनाअें में नहीं मिलता है।

 

 

500 रुपए से निवेश की शुरुआत की भी सुविधा

टैक्‍स सेविंग म्‍युचुअल फंड में सिस्‍टेमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (SIP या सिप) से 500 रुपए से भी निवेश की शुरुआत हो सकती है। च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार ELSS फंड में अधि‍कतम 1.5 लाख रुपए का टैक्‍स बचाया जा सकता है। यह निवेश एक बार में किया जा सकता है या इसे सिप माध्‍यम से हर माह कर सकते हैं। अगर पूरा 1.5 लाख रुपए टैक्‍स बचाना हो तो 12500 रुपए महीने का हर माह निवेश करना होगा।

 

 

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(नोट-निवेश सलाह ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स के द्वारा दी गई हैं। कृपया अपने स्तर पर या अपने एक्सपर्ट्स के जरिए किसी भी तरह की सलाह की जांच कर लें। मार्केट में निवेश के अपने जोखिम हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।)

 

 

 
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