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यूनिवर्सल स्टॉक एक्सचेंज: ऐसे बदलेगा ट्रेडिंग का तरीका, मार्केट से इन्वेस्टर्स तक सबको फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेडिंग के नए नियमों से मार्केट, ब्रोकर्स से लेकर निवेशकों सभी को फायदा होगा।

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नई दिल्ली। सेबी की मंजूरी के बाद एक ही प्लेटफॉर्म से अब स्टॉक्स और कमोडिटीज की ट्रेडिंग एक साथ हो सकेगी। इसके लिए अक्टूबर, 2018 की डेडलाइन तय कर दी गई है। मार्केट और कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेडिंग के नए नियमों से मार्केट, ब्रोकर्स से लेकर निवेशकों सभी को फायदा होगा। वहीं, ट्रेडिग पहले से आसान हो जाएगी। वॉल्यूम बढ़ने  से मार्केट की आय पर भी पॉजिटिव असर होगा। 

 

 

 

बता दें कि मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने यूनिवर्सल स्टॉक एक्सचेंज को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद एक ही प्लेटफॉर्म से इक्विटी मार्केट के अलावा कमोडिटी के लिए भी ट्रेडिंग की जा सकेगी। अभी इसके लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। शेयर और कमोडिटीज में ट्रेडिंग के लिए अलग-अलग अकाउंट खुलवाने की जरूरत नहीं होगी। अभी इक्विटी की ट्रेडिंग बीएसई और एनएसई पर और कमोडिटी की ट्रेडिंग एमसीएक्स और एनसीडीईएक्स पर हो रही है। अब इन चारों एक्सचेंज पर कमोडिटीज और इक्विटी की ट्रेडिंग की सुविधा एक साथ मिलेगी। 

 

मार्केट, ब्रोकर्स और निवेशक सभी को फायदा 
कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल के मुताबिक नए नियमों से इक्विटी और कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग सभी मार्केट पार्टिसिपेंट के लिए फायदेमंद होगी। इस कदम से ग्राहकों को एक ही अकाउंट से निवेश के नए विकल्प मिलेंगे। कोई भी निवेशक जरूरत पड़ने पर इक्विटी की रकम का इस्तेमाल कमोडिटी ट्रेड में या फिर कमोडिटी के लिए रखी रकम का इस्तेमाल इक्विटी ट्रेड में कर सकता है। इससे पहले रकम को शिफ्ट करना एक लंबा प्रोसेस था। वहीं, वॉल्यूम बढ़ने से मार्केट और ब्रोकर्स की आय पर भी पॉजिटिव असर पड़ने की उम्मीद है। 

 

ट्रेडिंग हो जाएगी आसान 
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि नए नियमों के अनुसार निवेशकों को यूनिफाइड लाइसेंस मिलेगा, जिसका इस्तेमाल एक ही अकाउंट से सभी तरह की ट्रेडिंग में होगा। उन्होंने कहा कि मान लिजिए कोई भी निवेशक अपने ट्रेडिंग अकाउंट में 4 लाख रुपए से ट्रेड करता है। उसके 2 लाख रुपए इक्विटी में लगे हैं और 2 लाख रुपए अलग पड़े हैं। अगर उसे लगता है कि इन 2 लाख रुपयों का इस्तेमाल कमोडिटी ट्रेडिंग में करना चाहिए तो वह उसी अकाउंट से फंड कमोडिटी में लगा सकता है। वहीं, अगर इक्विटी में लगी रकम भी कमोडिटी में लगानी है तो वह उसी अकाउंट से शेयर बेचकर उन पैसों को कमोडिटी में लगा सकता है। इसी तरह से कमोडिटी से रकम निकालकर इक्विटी में लगाया जा सकता है। 


 
कमोडिटी मार्केट होगा विनर 
वहीं विवेक के मुताबिक इसका फायदा कमोडिटी मार्केट को ज्यादा मिलने का अनुमान है क्योंकि कमोडिटी के मुकाबले इक्विटी में ज्यादा लोग ट्रेड करते हैं। अगर उसी अकाउंट में कमोडिटीज में ट्रेड करने का ऑप्शन मिलेगा तो संभावना है कि पहले से ज्यादा लोग कमोडिटी मार्केट में निवेश कर सकते हैं। 

 

ट्रेड ट्रैकिंग होगी आसान
एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटीज एंड करंसी के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च अनुज गुप्ता का कहना है कि ट्रेडिंग के नए नियमों से  ट्रेड ट्रैकिंग आसान हो जाएगी। वहीं, केवाईसी प्रॉसेस भी पहले से आसान होगा। वहीं, एक ही प्लेटफॉर्म से ट्रेडिंग होने से क्लाइंट वाइज भी अकाउंटिंग आसान होगी। साथ ही मार्जिन ट्रेडिंग भी आसान होगी। 

 

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