Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

जानता हूं तेल की कीमतों से परेशान हैं लोग, जल्‍द निकालेंगे रास्ता : पेट्रोलियम मंत्री दुनि‍या में सबसे ज्‍यादा बि‍कने वाला स्‍मार्टफोन है iPhone X, टॉप 3 में Xiaomi की एंट्री 12 NPA मामले निपटने से बैंकों को मिलेंगे 1 लाख करोड़ रुपए, बैंकरप्‍सी कोड रहा सफल: वित्त मंत्रालय भारत लगाएगा अमेरिकी उत्‍पादों पर अतिरिक्‍त ड्यूटी, स्‍टील निर्यात के नुकसान को करेगा पूरा शोभा को Q4 में हुआ 65 करोड़ का मुनाफा, 7 रु प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान वोडाफोन टैक्स विवाद: फरवरी 2019 में आर्बिट्रेशन पैनल करेगा सुनवाई GST ने रोकी पतंजलि के ग्रोथ की रफ्तार, 2017-18 के टर्नओवर में मामूली बढ़त की उम्‍मीद PNB के बड़े बकाएदारों के विलफुल डिफॉल्‍ट और बढ़े, अप्रैल में पहुंचे 15,200 करोड़ रु पर फ्रिज, वाशिंग मशीन के बढ़ेंगे दाम, जून से गोदरेज 2-3% बढ़ा सकती है कीमत चीन ने अमेरिकी शर्तें मानीं, आयात बढ़ा कर ट्रेड डेफिसिट घटाने को तैयार PNB नहीं देगा 13 हजार करोड़ से ज्‍यादा के घोटाले का ब्‍योरा, कहा- अभी चल रही है जांच जीएसटी काउंसिल ने केंद्र और राज्‍यों से पूछा कब स्‍थापि‍त होंगी अपीलेट अथॉरि‍टी पेट्रोल-डीजल के दाम नई ऊंचाई पर; दिल्‍ली में अबतक का रिकॉर्ड भाव, मुंबई में सबसे ज्‍यादा महंगा टॉप 5 कंपनियों में निवेशकों के डूबे 57333 करोड़ रु, RIL में सबसे ज्यादा नुकसान भारत दुनिया का छठां सबसे अमीर देश, 559 लाख करोड़ रु. है दौलत
बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksफ्लिपकार्ट का घाटा 55% कम होकर 244.7 करोड़ रहा, CAIT ने कहा वॉलमार्ट डील को कानूनी चुनौती देगा

फ्लिपकार्ट का घाटा 55% कम होकर 244.7 करोड़ रहा, CAIT ने कहा वॉलमार्ट डील को कानूनी चुनौती देगा

नई दिल्ली। फाइनेंशियल ईयर 2017 में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की बी2बी आर्म फ्लिपकार्ट इंडिया का घाटा 55 फीसदी कम हो गया है। इस दौरान कंपनी को 244.7 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2016 में कंपनी का घाटा 544.5 करोड़ रुपए रहा था।  वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़ा है। वहीं दूसरी तरफ कंफिडरेशन ऑल इंडिया ट्रैडर्स (CAIT) ने फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट डील को कानूनी रूप से सही नहीं माना है और संगठन इस डील को कानूनी रूप से चैलेंज करेगा। 

 

रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़ा
कॉरपोरेट अफेयर मिनिस्ट्री को सोंपे गए डॉक्युमेंट के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2017 में फ्लिपकार्ट इंडिया का रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़ गया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 15569.2 करोड़ रुपए रहा है। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2016 में कंपनी का रेवेन्यू 13177.4 करोड़ रुपए रहा है। 
 

कम किया एक्सपेंस 
कंपनी ने इम्प्लॉई बेनेफिट एक्सपेंस 245.4 करोड़ से घटाकर 166.6 करोड़ रुपए किया, वहीं फाइनेंस कास्ट भी 10.2 करोड़ से घटकर 10 करोड़ रहा है। हालांकि फाइनेंशियल ईयर 2017 के लिए कंपनी ने किसी तरह का डिविडेंड रिकमंड नहीं किया है। 

 

 

 

कानूनी रूप से चुनौती देगा कैट 
वहीं दूसरी तरफ कंफिडरेशन ऑल इंडिया ट्रैडर्स (CAIT) ने फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट डील को कानूनी रूप से सही नहीं माना है और संगठन इस डील को कानूनी रूप से चैलेंज करेगा। संगठन ने एक बयान जारी कर सरकार से आग्रह किया है कि वह इस डील की स्‍क्रूटनी बारीकी से करे, क्‍योंकि इससे देश के खुदरा कारोबारियों का भविष्‍य जुड़ा हुआ है। 

 

 

 

 

वॉलमार्ट ने खरीदी है 77% हिस्सेदारी
हाल ही में अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने भारतीय ई-कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदी है। यह सौदा 1.07 लाख करोड़ रुपए (लगभग 16 अरब डॉलर) का रहा। यह दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील है। इस डील के लिए वॉलमार्ट के चीफ एग्‍जीक्‍यूटि‍व Doug McMillon भारत आए थे। डील के साथ ही फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल अपनी 5.5 फीसदी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेच देंगे और कंपनी को छोड़ देंगे। वहीं बिन्‍नी बंसल कंपनी से जुड़े रहेंगे। इसके अलावा जापानी कंपनी सॉफ्टबैंक भी फ्लिपकार्ट में अपनी पूरी 20 फीसदी हिस्‍सेदारी वॉलमार्ट को बेच देगी। 
 
सौदे के बाद कि‍सका कि‍तना शेयर
सौदे के बाद 77% हि‍स्‍सेदारी वॉलमार्ट की हो गई। इसके बाद बचे 23 फीसदी में टाइगर ग्‍लोबल मैनेजमेंट, टेनसेंट होल्‍डिंग, एस्‍सेल पार्टनर, बि‍न्नी बंसल, माइक्रोसॉफ्ट, कम्रचारी व अन्‍य हैं। 

 

फ्लि‍पकार्ट ने बायबैक कि‍ए 2300 करोड़ के शेयर्स
फ्लि‍पकार्ट ने वॉलमार्ट की ओर से अधि‍कांश हि‍स्‍सेदारी खरीदने से पहले अपनी सिंगापुर स्‍थि‍त पेरेंट कंपनी में 35 करोड़ डॉलर (करीब 2300 करोड़ रुपए) के शेयर्स को वापस खरीद लि‍या है। फ्लि‍पकार्ट ने ऐसा सिंगापुर में खुद को प्राइवेट लि‍मि‍टेड कंपनी दोबारा बनने के लि‍ए कि‍या है। बि‍जनेस इंटेलि‍जेंस प्‍लेटफॉर्म पेपर.वीसी और फ्लि‍पकार्ट की ओर से सिंगापुर अथॉरि‍टीज को दि‍ए दस्‍तावेजों के मुताबि‍क, कंपनी ने 18,95,574 रीडीमएबल प्रीफरेंस शेयर्स और 1,74,319 नॉन रीडीमएबल प्रीफरेंस शेयर्स को इन्‍वेस्‍टर्स से 35.46 करोड़ डॉलर में खरीदा है। यह ट्रांजैक्‍शन 27 अप्रैल को पूरी हुई है।

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.