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इंफोसिस के नतीजे आज: फ्लैट रह सकता है मुनाफा, गाइडेंस स्थिर रहने की उम्मीद

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इंफोसिस के नतीजे फ्लैट रह सकते हैं।

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नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के फाइनेंशियल ईयर 2018 के तीसरी तिमाही के नतीजे आज आने हैं। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इंफोसिस के नतीजे फ्लैट रह सकते हैं। दिसंबर तिमाही कारोबार के लिहाज से कमजोर रहने की वजह से कंपनी का मुनाफा फ्लैट रह सकता है, वहीं, रेवेन्यू में 1 फीसदी ग्रोथ दिख सकती है। डॉलर रेवेन्यू भी इसी रेश्‍यो में रहेगा। वहीं, एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि कंपनी की गाइडेंस स्थिर रह सकती है। 

 

 

अक्टूबर-‍दिसबंर के दौरान कारोबार सुस्त 
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि इंफोसिस के नतीजे पाजिटिव रह सकते हैं। कंपनी के रेवेन्यू और डॉलर आय में ग्रोथ दिख सकती है। हालांकि मुनाफे ज्यादा ग्रोथ रहने की उम्मीद कम है। अक्टूबर से दिसंबर के दौरान आईटी सेक्टर के लिए सुस्त समय रहने का असर कंपनी के मुनाफे पर दिखेगा। साल के अंत की छुट्टियां, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में सुस्ती की वजह से इंफोसिस के रेवेन्यू ग्रोथ पर भी असर दिख सकता है। 

 

गाइडेंस स्थिर रहने का अनुमान

वहीं, कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल का कहना है कि आगे आईटी सेक्टर के लिहाज से आउटलुक बेहतर है, ऐसे में गाइडेंस स्थिर रहने की उम्मीद है। उनका कहना है कि US H1B वीजा का मामला टल गया है। घरेलू मार्केट को लेकर डोमेस्टिक मार्केट अच्छा है। कंपनियां कैश एक्सपेंशन मोर्ड में हैं। यूएस और यूरोप में जहां कंपनी का मुख्‍य बिजनेस है, मार्केट बेहतर है। ऐसे में नए ऑर्डर मिलने में परेशानी नहीं होगी। इस वजह से कंपनी की गाइडेंस स्थिर रह सकती है। 

 

मुनाफा और रेवेन्यू 
कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल का कहना है कि इस तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 0.5 फीसदी तक ग्रोथ दिख सकती है। दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 7 फीसदी बढ़कर 3726 करोड़ रुपए रहा था। कंपनी के रेवेन्यू में 1 फीसदी ग्रोथ देखी जा सकती है। दूसरी तिमाही में कंपनी की आय 3 फीसदी बढ़कर 18450 करोड़ रुपए रही थी। 

 

डॉलर आय 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूसरी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय में 1 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। फाइनेंशियल ईयर 2018 की दूसरी तिमाही में इंफोसिस की डॉलर में होने वाली आय 272.8 करोड़़ रुपए रही थी। जबकि, पहली तिमाही में इंफोसिस की डॉलर आय 265.1 करोड़ डॉलर रही थी। 

 

गाइडेंस 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिस्कल ईयर 2018 के लिए कंपनी का गाइडेंस स्थिर रह सकता है। कंपनी ने पिछली तिमाही के नतीजों में कॉन्सटैंट करंसी रेंवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 6.5-8.5 फीसदी से 5.5-6.5 फीसदी किया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार कंपनी कॉन्सटैंट करंसी रेंवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 5.5-6.5 फीसदी पर स्थिर रख सकती है। 

 

स्टेबिलिटी पर फोकस 
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि कंपनी का फोकस आगे की स्ट्रैटेजी पर रहने की उम्मीद है। असल में कंपनी यह संकेत जरूर देने की कोशिश करेगी कि कारोबारी माहौल में सुधार हुआ है। कंपनी के सेंटीमेंट बेहतर हैं। इस वजह से मैनेजमेंट का फोकस लॉन्ग टर्म के लिए स्टेबिलिटी पर होगा। ऐसे में नंबर से ज्यादा मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी पर मार्केट की नजर होगी। 

 

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1200 के लक्ष्‍य के साथ निवेश की सलाह 


ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक इंफोसिस का आउटलुक बेहतर है और आने वाले दिनों में कंपनी में बेहतर ग्रोथ दिख रही है। फिलहाल ब्रोकरेज हाउस ने शेयर के लिए 1200 रुपए का लक्ष्‍य रखा हे। शेयर की मौजूदा कीमत 1076 रुपए है। इस लिहाज से शेयर में 12 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। 

 

 

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