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TCS-इंफोसिस के नतीजों से IT सेक्टर में टर्नअराउंड के संकेत, इस साल तेज ग्रोथ की उम्मीद

नई दिल्ली। टीसीएस, इंफोसिस जैसी लार्जकैप कंप‍नियों और माइंडट्री, साइंट जैसी मिडकैप कंपनियों के नतीजों से आईटी सेक्टर में पॉजिटिव ट्रेंड नजर आने लगा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्‍योरेंस सेक्टर में मंदी के बाद अब यूएस में रिकवरी दिखने लगी है। डिजिटल सेग्मेंट में बड़ी डील हासिल करने से साफ है कि कंपनियां नई टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ा रही हैं। वहीं, घरेलू बाजार पर फोकस मिडकैप कंपनियों में लगातार ग्रोथ आ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2019 में आईटी सेक्टर से जुड़ी चिंताएं कम हो जाएंगी। सभी वर्टिकल में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। 

 

TCS: 3 वर्टिकल में 2 अंकों की ग्रोथ 
टीसीएस ने पिछले महीने डिजिटल वर्टिकल में बड़ी डील हासिल कर साफ किया है कि नई टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ेगा। सभी वर्टिकल में डिजिटल की डिमांड मजबूत भी रही है, जिससे चौथी तिमाही में प्रदर्शन बेहतर रहा है। BFSI  को छोड़कर सभी वर्टिकल में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर दिखा है। 3 वर्टिकल में ग्रोथ डबल डिजिट में रही है। एनर्जी व यूटिलिटीज में 33.7 फीसदी का अपसाइड रहा है, वहीं ट्रैवल में 25.4 फीसदी और लाइफ साइंस एंड हेल्थकेयर में 12.6 फीसदी की ग्रोथ रही। वहीं, 6 वर्टिकल में कंपनी के औसत से ज्यादा ग्रोथ रही है। 

 

इंफोसिस: जनवरी-मार्च में 10 डील हासिल हुई
इंफोसिस के लिए जनवरी से मार्च 2018 का समय बेहतर रहा है। इस दौरान कंपनी को 90.50 करोड़ डॉलर वैल्यू की 10 नई डील हासिल हुई है और पूरे साल में कंपनी ने 300 करोड़ डॉलर की डील हासिल की है।  इसका फायदा आगे होगा। कंपनी की डॉलर आय बढ़ी है और कंपनी ने डॉलर इनकम गाइडेंस 7 से 9 फीसदी रखा है। नतीजों और मैनेजमेंट कमेंट्री में भी साफ है कि कंपनी तेजी से बदल रही टेक्नोलॉजी को अडॉप्ट करने के लिए निवेश बढ़ा रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि नई टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ाने की स्ट्रैटेजी की वजह से कंपनी ने गाइडेंस सॉफ्ट रखा है। रिटेल बिजनेस में कुछ चिंताएं हैं, लेकिन इसके जल्द दूर होने की उम्मीद है। 

 

माइंडट्री: डिजिटल फोकस रहने का फायदा
कंपनी अपने ट्रेथ्‍डशनल बिजनेस को नई टेक्नोलॉजी की ओर शिफ्ट कर रही है, जिसका फायदा हो रहा है। डिजिटल कारोबार पर फोकस और कंपनी पर ग्राहकों को बढ़ते भरोसे से ही चौथी तिमाही में प्रदर्शन बेहतर रहा है। कंपनी के 338 एक्टिव क्लाइंट हो चुके हैं। कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर में 100 करोड़ डॉलर से ज्यादा का नया कांट्रैक्ट साइन किया है। 
 
तेज होगी सेक्टर में रिकवरी
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि यूएस में वीजा कंसर्न के बाद भी लॉर्जकैप कंपनियों में  स्टेबिलिटी दिख रही है। टीसीएस के नतीजे बेहतर और इंफोसिस के नतीजे उम्मीद के अनुसार रहे हैं। नतीजों से साफ है कि यूएस में चिंताएं कम हुई हैं। कंपनियां अब नई टेक्नोलॉजी को अपनाने में पीछे नहीं हैं। वहीं, क्लाइंट बेस मजबूत हो रहा है। नए निवेश की वजह से अगली तिमाही में मुनाफे पर भले दबाव दिखे, आगे अच्छी ग्रोथ रहने की उम्मीद है। 


मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे का कहना है कि बेस छोटा रहने का फायदा मिडकैप कंपनियों को होगा। लॉर्जकैप में थोड़ा बहुत कंसर्न अभी यूएस में है। लेकिन मिडकैप कंपनियां ज्यादा घरेलू बाजार पर फोकस हैं, जहां कोई चिंता नहीं दिख रही है। इस साल मिडकैप आईटी सेक्टर का परफॉर्मेंस बेहतर रहेगा। मिडकैप कंपनियों को मार्केट को लेकर चिंता नहीं है। वहीं, ये कंपनियां भी नए-नए मार्केट तलाश रही हैं। 

 

दुनियाभर के बाजारों में बढ़ी डिमांड 
ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि चौथी तिमाही से कंपनियों में रिकवरी दिख रही है। दुनियाभर के बाजारों में आईटी सेक्टर से डिमांड बढ़ने लगी है। क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटाइजेशन और ऑटोमेशन जैसे ट्रेंड पर कंपनियां बेहतर तरीके से काम रही हैं, जिसका फायदा कंपनियों को मिल रहा है। हालांकि एच-1बी वीजा को लेकर कुछ चिंता जरूर है। 

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