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कर्नाटक इलेक्शन तक मार्केट में रहेगा उतार-चढ़ाव, स्टॉक स्पेसिफिक रहने की सलाह

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कर्नाटक इलेक्शन को लेकर क्लेरिटी आने तक मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

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नई दिल्ली। लगातार 5 हफ्ते बढ़त के साथ बंद होने के बाद पिछले हफ्ते मार्केट गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 10800 की ओर बढ़न के बाद 10600 के लेवल के आस-पास बंद हुआ। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट करेक्टिव मोड में है और कर्नाटक इलेक्शन को लेकर क्लेरिटी आने तक मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। हालांकि इस दौरान निफ्टी को नीचे की ओर से 10450 के लेवल पर सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 10800 के स्तर पर रेजिस्टेंस रहेगा। एक्सपर्ट्स ने अगले कुछ ट्रेडिंग सेशन स्टॉक स्पेसिफिक रहने की सलाह दी है। 

 

 

कर्नाटक चुनाव होगा अहम फैक्टर 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं। अर्निंग सीजन बेहतर भी है, लेकिन इसके बाद भी अगले कुछ दिन मार्केट के लिए कर्नाटक चुनाव अहम फैक्टर होगा। कोटक सिक्युरिटीज की वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च, टीना विरमानी के अनुसार आने वाले कुछ ट्रेडिंग सेशन में मार्केट में उतार-चढ़ाव रहेगा। महंगा क्रूड, रुपए में गिरावट, बॉन्ड यील्ड में मूवमेंट और कर्नाटक चुनाव का असर मार्केट पर रहेगा। लेकिन कर्नाटक चुनाव अहम फैक्टर है। 


मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे का कहना है कि कर्नाटक चुनाव को पॉलिटिकल स्टेबिलिटी के लिए अहम माना जा रहा है और इसे 2019 के आम चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में पॉलिटिकल स्टेबिलिटी को लेकर क्लेरिटी आने तक निवेशकों में स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिलेगा। इस दौरान मार्केट 10450 से 10800 के लेवल में कारोबार करता दिख सकता है। वहीं, अगर रिजल्ट मार्केट की उम्मीदों के मुताबिक रहा तो निफ्टी 10800 का स्तर क्रॉस कर जाएगा। जिसके बाद वह अगले 2 महीनों में 11000 का स्तर दिखा सकता है। 

 

FII द्वारा बिकवाली जारी
अप्रैल के बाद मई में अबतक के सभी ट्रेडिंग सेशन में विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली जारी है। मई में अबतक विदेशी निवेशकों ने 2302 करोड़ रुपए निकाले हैं। वहीं, अप्रैल में विदेशी निवेशकों द्वारा 9620 करोड़ रुपए की बिकवाली की गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिजल्ट में क्लेरिटी आने के बाद ही विदेशी निवेशकों के मार्केट में लौटने की उम्मीद है। वहीं, आने वाले दिनों में एफआईआई द्वारा और बिकवाली की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

 
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नैयर के अनुसार क्रूड की बढ़ती कीमतों, डॉलर में तेजी, बॉन्ड यील्ड में मूवमेंट और जियो पॉलिटिकल टेंशन जैसे फैक्टर अभी बने हुए हैं। जिनका असर मार्केट पर दिखेगा। लेकिन विदेशी निवेशकों द्वारा बाजार से लगातार पैसा निकाले जाना मुख्‍य चिंता है। वहीं, कर्नाटक चुनावों को लेकर भी मार्केट सतर्क है। चौथी तिमाही के नतीजों से स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन देखा जा सकता है। 

 

ये फैक्टर भी महत्वपूर्ण
-VIX: निफ्टी पर वोलैटिलिटी इंडेक्स पिछले कुछ दिनों से अहम लेवल 14 के नीचे 13.7 के लेवल पर बना हुआ है। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि वोलैटिलिटी इंडेक्स के ऊपर पहुंचने के लिए पर्याप्त स्पेस बना हुआ है। ऐसे में इंडेक्स पर मार्केट की निगाहें होंगी। इंडेक्स 14 से ऊपर जाता है तो उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।  
-सरकार शुक्रवार को इंडस्ट्रियल आउटपुट डाटा जारी करेगी। लगातार 4 महीने से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में ग्रोथ 7 फीसदी से ऊपर बनी हुई है, ऐसे में मार्च महीने के लिए आने वाला यह डाटा अहम होगा। 
-क्रूउ की कीमतें 74.90 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं। वहीं, पिछले हफ्ते क्रूड 75.17 का स्तर भी छू चुका है। ऐसे में क्रूड में कोई अपसाइड मूवमेंट सेंटीमेंट कमजोर कर सकता है। 

 

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