Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

बिज़नेस न्यूज़ » Market » Stocksवोलैटिलिटी इंडेक्स 15 महीनों के टॉप पर, बाजार में और गिरावट मुमकिन, ऐसे बनाएं स्ट्रैटेजी

वोलैटिलिटी इंडेक्स 15 महीनों के टॉप पर, बाजार में और गिरावट मुमकिन, ऐसे बनाएं स्ट्रैटेजी

नई दिल्ली। मंगलवार को शेयर मार्केट में अबतक की 7वीं सबसे बड़ी गिरावट रही है। निफ्टी का वोलैटिलिटी इंडेक्स 44 फीसदी बढ़कर 23.15 के लेवल पर पहुंच गया था, जो नवंबर 2016 के बाद सबसे ज्यादा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डोमेस्टिक लेवल पर मार्केट पहले से महंगा था, वहीं LTCG से सेंटीमेंट खराब हुए। वहीं, ग्लोबल स्तर पर दुनियाभर के बाजारों से निगेटिव संकेत मिल रहे हैं। बाजार में मौजूदा स्तर से भी गिरावट मुमकिन है। निफ्टी में 10200 का स्तर फिर दिख सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स निवेशकों को वेट एंड वाच की स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह दे रहे हैं। 

 

 

VIX 15 महीनों के टॉप पर
मंगलवार को ट्रेडिंग के अंत में निफ्टी पर वोलैटिलिटी इंडेक्स सिर्फ एक दिन में 44 फीसदी बढ़कर 23.15 के लेवल पर पहुंच गया। सोमवार को इंडेक्स 16.01 के स्तर पर बंद हुआ था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वोलैटिलिटी इंडेक्स में इतनी बड़ी गिरावट कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से हुआ है। इंडेक्स का यह लेवल इस बात के संकेत हें कि मार्केट में अभी और उतार-चढ़ाव होना है।

 

बॉन्ड यील्ड की तेजी का दबाव, LTCG भी कंसर्न 
दुनियाभर के कई बाजारों में बॉन्ड यील्ड में उछाल दिखा है। भारत में भी 10 साल के बॉन्ड की यील्ड बढ़ी है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 4 साल के टॉप लेवल पर है। फॉर्च्यून फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि बॉन्ड यील्ड बढ़ने से महंगाई बढ़ने का खतरा है। महंगाई बढ़ने पर ब्याज दरें बढ़ेगी। वहीं फॉरेन इन्वेस्टर्स भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट से पैसे निकालकर अमेरिकी बॉन्ड में लगाएंगे। इससे भारतीय बाजार में गिरावट हावी है। उनका कहना है कि फिलहाल निवेशकों को बाजार संभलने का इंतजार करना चाहिए। 

 

-बॉन्ड यील्ड बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न होता है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने का मतलब बॉन्ड से ज्यादा कमाई होना है। असल में ब्याज दरें बढ़ने से शेयर महंगे और बॉन्ड अट्रैक्टिव लगते हैं। वहीं, ब्याज दरें बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ती है। ऐसे में उनके मार्जिन और मुनाफे पर दबाव बन सकता है। 

 

- वहीं घरेलू स्तर पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाए जाने और फिस्कल डेफिसिट बढ़ने से निवेशकों का सेंटीमेंट्स बिगड़ा है  जिससे बाजार में बिकवाली हो रही है।

 

शेयर मार्केट में गिरावट के बीच गोल्ड 14 महीने के हाई लेवल पर

 

वेट एंड वाच की स्ट्रैटेजी अपनाएं निवेशक 
ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के डायरेक्टर संदीप जैन ने कहा कि फिलहाल बाजार में निवेश करने की स्थिति नहीं है। निवेशकों को वेट एंड वाच की स्ट्रैटेजी अपनानी चाहिए। फिलहाल निफ्टी का 10400 के स्तर के पार होकर बंद रहना मार्केट के लिए पॉजिटिव है। यहां से मार्केट संभलने की उम्मीद बन रही है। लेकिन अगर निफ्टी मंगलवार के लो लेवल 10274 के स्तर को ब्रेक करता है तो इसमें 200 अंकों की और गिरावट बन सकती है। 

 

उनका कहना है कि मार्केट के स्थिर होने पर निवेशकों को आईटी और मेटल शेयरों में निवेश करने की सलाह होगी। आईटी कंपनियों के लिए कोई बुरी खबर नहीं है। वहीं, बाजार में करेक्शन का असर आईटी शेयरों पर पड़ा है जिससे इसका वैल्यू अच्छा हो गया है।

 

लंबी अवधि में लौटेगी तेजी
जगदीश ठक्कर का कहना है कि बाजार में गिरावट ड्यू थी। बजट के पहले वैल्युएशन महंगा हो चुका था। मिडकैप और स्मालकैप में स्पेस ना के बराबर थी। ऐसे में यह गिरावट निवेशकों को नए मौके देगी। लंबी अवधि में मार्केट को बजट और रिफॉर्म्स का सपोर्ट मिलेगा। ग्लोबल मार्केट से बेहतर संकेत आने के साथ ही मार्केट में रिकवरी दिखने लगेगी। लंबी अवधि के नजरिए से ज्यादा चिंता नहीं है। लेकिन मार्केट के संभलने पर ही पोर्टफोलियो बनाने की जरूरत है। रूरल और ऑटो सेक्टर से जुड़े शेयर आगे अच्छा परफॉर्म करेंगे।

 

Get Live Update on Auto Expo 2018

 

आगे पढ़ें, बजट के बाद कितना गिरा बाजार


 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.