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इस साल IT सेक्टर में दिखेगी रिकवरी, लंबी अवधि में मिल सकता है 43% तक रिटर्न

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2018 में आईटी सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है।

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नई दिल्ली। आईटी सेक्टर के लिए अर्निंग सीजन की बेहतर शुरुआत हुई है। इंफोसिस के नतीजे बेहतर आए हैं। वहीं, टीसीएस ने भी उम्मीद के मुताबिक नतीजे दिए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही के नतीजों में अक्टूबर-दिसंबर के दौरान सुस्त कारोबार का असर दिखेगा, लेकिन यह भी साफ है कि आईटी में रिकवरी दिखने लगी है। यूएस इकोनॉमी में रिकवरी है, यूएस और यूरोप दोनों जगह टेक्नोलॉजी की डिमांड तेज रहने की उम्मीद है। वहीं, यूएस एच-। बी वीजा को लेकर इश्‍यू भी टल गया है। ऐसे में 2018 में आईटी सेक्टर का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है।

 

 

बेहतर ग्रोथ की उम्मीद 
फॉर्च्युन फिस्कल के डायरेक्टर जगदीश ठक्कर का कहना है कि टीसीएस और इंफोसिस के नतीजों से साफ है कि आईटी सेक्टर पर दबाव कम हो रहा है। इंफोसिस ने पूरे साल के लिए गाइडेंस स्थिर रखी है, जो बेहतर संकेत हैं। पिछले एक साल से ज्यादा समय से सेक्टर अंडरपरफॉर्मर रहा है। तीसरी तिमाही में भी ग्रोथ को लेकर ज्यादा उम्मीद नहीं है। लेकिन आगे सेक्टर से दबाव कम होता दिख रहा है। यूएस और यूरोप की मार्केट भी पहले से बेहतर हुई है। हालांकि अभी निवेशकों को स्टॉक स्पेसिफिक रहने की सलाह है। टीसीएस, इंफोसिस जैसी कंपनियों में कोई इश्‍यू नहीं दिख रहा है। 
 
कंपनियां ट्रेंड बदलने में लगीं 
एसएमसी इन्वेस्टमेंट्स एंड एडवाइजर्स लिमिटेड के रिसर्च हेड सचिन सर्वदे का कहना है कि चौथी तिमाही से कंपनियों में रिकवरी की उम्मीद है। क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटाइजेशन और ऑटोमेशन जैसे ट्रेंड बिजनेस ग्रोथ के लिए इश्‍यू हैं। लेकिन, अब कंपनियां इनपर बेहतर तरीके से काम रही हैं। अगले कुछ दिनों तक ज्यादा रेवेन्यू जेनरेट होने की उम्मीद कम है। लेकिन आगे ग्रोथ स्टोरी फिर शुरू होगी। अभी मिडकैप साइज की आईटी कंपनियों का आउटलुक बेहतर दिख रहा है, जिनका एक्सपोजर अमेरिका में नहीं है। 

 

बढ़ेगी टेक्‍नोलॉजी की डिमांड 
कॉरपोरेट स्कैन डॉट कॉम के सीईओ विवेक मित्तल का कहना है कि आईटी सेक्टर के लिए माहौल सुधरा है। यूएस की ओर से वीजा का मसला फिलहाल टल गया है। अमेरिकी इकोनॉमी में रिकवरी शुरू हो गई है। वहां टेक्‍नोलॉजी की डिमांड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। यूरोप की मार्केट को लेकर भी चिंता कम हुई है। भारतीय कंपनियों का ज्यादातर बिजनेस यूएस और यूरोप में ही हे। ऐसे में आने वाले दिनों में डिमांड बढ़ने का फायदा कंपनियों को होगा। फिलहाल आईटी शेयरों का वैल्युएशन सस्ता है। इस वजह से अच्छे शेयर पोर्टफोलियो को मजबूत कर सकते हैं। 

 

क्या करें निवेशक 
ट्रेड स्विफ्ट के रिसर्च हेड संदीप जैन का कहना है कि वैल्युएशन के मामले में आईटी कंपनियों के शेयर अट्रैक्टिव बने हुए हैं। सेक्टर में कुछ इश्‍यू हैं, मसलन यूएस पॉलिसी। लेकिन इस साल इसमें स्टोरी शुरू होने की उम्मीद है। लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे वैल्युएशन पर आए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में निवेश किया जा सकता है। फिलहाल जिनके पास ऐसे शेयर हैं, उन्हें होल्ड करना चाहिए। गिरावट पर शेयर बढ़ाने की सलाह है। 

 

आगे पढ़ें, किन शेयरों में करें निवेश 


 

टेक महिंद्रा 
एसएमसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के टेक्निकल एनालिस्ट सचिन सर्वदे ने टेक महिंद्रा में 43 फीसदी रिटर्न का अनुमान जताया है। उन्होंने 787 रुपए के लक्ष्‍य के साथ शेयर में निवेश की सलाह दी है। शेयर का करंट प्राइस 550 रुपए है। 

 

इंफोसिस 
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने इंफोसिस में 1200 रुपए के लक्ष्‍य के साथ निवेश की सलाह दी है। शेयर का करंट प्राइस 1078 रुपए है। यानी शेयर में 12 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। 

 

माइंडट्री 
सचिन सर्वदे ने माइंडट्री में 33 फीसदी रिटर्न की उम्मीद जताई है। उन्होंने शेयर के लिए 843 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। शेयर का करंट प्राइस 633 रुपए है। 

 

विप्रो
ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने शेयर में 350 रुपए के लक्ष्‍य के साथ निवेश की सलाह दी है। शेयर का करंट प्राइस 318 रुपए है। 

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