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मार्केट में लगातार रैली से बढ़ी चिंता, ग्रोथ का सपोर्ट नहीं मिला तो आ सकती है तेज गिरावट: CEA

नई दिल्ली। पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से स्टॉक मार्केट में देखी जा रही लगातार रैली चिंता का कारण बन गई है। अगर इकोनॉमिक ग्रोथ के सहारे मार्केट को सपोर्ट नहीं मिला तो आगे शेयर मार्केट में तेज गिरावट आ सकती है। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्‍यन ने ये बातें कही हैं।  

 

 

2 फिस्कल ईयर से बनी है तेजी 
बता दें कि साल 2017 में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स में 27 फीसदी ग्रोथ रही है। वहीं, बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 40 फीसदी और स्मालकैप इंडेक्स में 46 फीसदी ग्रोथ रही। यह ग्रोथ इस साल भी जारी है और जनवरी में शेयर बाजार ने नसा रिकॉर्ड कायम किया है। पिछले 2 फाइनेंशियल ईयर से मार्केट में दूसरे प्रमुख बाजारों की तुलना में तेजी रही है। दिसंबर 2015 से अबतक एसएंडपी इंडेक्स में 45 फीसदी और सेंसेक्स में रुपए के टर्म में 52 फीसदी व डॉलर के टर्म में 46 फीसदी की तेजी रही है। 

 

इकोनॉमिक ग्रोथ व अर्निंग का सपोर्ट जरूरी 
सुब्रमण्‍यन का कहना है कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट कम होकर 6.75 फीसदी रहने का अनुमान है, जो फाइनेंशियल ईयर 2017 में 7.1 फीसदी थी। सुब्रमण्‍यन ने कहा कि पिछले एक-दो साल में भारतीय तथा अमेरिकी शेयर मार्केट की प्राइस और अर्निंग रेश्‍यो की प्रवृत्ति एक जैसी रही है, यह समान दिशा की ओर बढ़ रहा है। लेकिन, दोनों देशों की इकोनॉमी अलग-अलग रास्तों को फॉलो करती हैं। ऐसे में मार्केट में तेजी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि इकोनॉमी में ग्रोथ और अर्निंग मौजूदा अनुमान के अनुसार हो। ऐसा नहीं होता है तो मार्केट में तेज गिरावट की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

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