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एक्सिस बैंक को Q4 में 2189 करोड़ का हुआ घाटा, प्रोविजनिंग 3 गुना बढ़ी

देश के तीसरे बड़े प्राइवेट बैंक एक्सिस बैंक को फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में 2189 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है।

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नई दिल्ली। देश के तीसरे बड़े प्राइवेट बैंक एक्सिस बैंक को फाइनेंशियल ईयर 2018 की चौथी तिमाही में 2189 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। जबकि फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में बैंक को 1225 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। वहीं, तीसरी तिमाही में एक्सिस बैंक का मुनाफा 25 फीसदी बढ़कर 726 करोड़ रुपए रहा था। इस दौरान बैंक की प्रोविजनिंग 2581.25 करोड़ रुपए से बढ़कर 7179.53 करोड़ रुपए हो गई है। 

 

नेट इंटरेस्ट इनकम 4730 करोड़ 
चोथी तिमाही में सालाना आधार पर एक्सिस बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम फ्लैट 4730 करोड़ रुपए  रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम 4728.60 करोड़ रुपए रहा था। 

 

ग्रॉस NPA कुल लोन का 6.77%

चौथी तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए कुल लोन का 6.77 फीसदी होकर 34248.64 करोड़ रुपए हो गया है। तीसरी तिमाही यानी दिसंबर 2017 के अंत में ग्रॉस एनपीए बढ़कर 5.28 फीसदी था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में यह कुल लोन का 5.04 फीसदी था। 

 

नेट NPA 41% बढ़ा

चौथी तिमाही में तिमाही आधार पर नेट एनपीए 41 फीसदी बढ़कर 16591.71 करोड़ रुपए हो गया है। यह कुल लोन का 3.4 फीसदी है। दिसंबर 2017 के अंत में यह कुल लोन का 2.56 फीसदी था। वहीं, मार्च 2017 तक यह कुल लोन का 2.11 फीसदी था। 

 

क्रेडिट रिस्क का पड़ा असर

बैंक की एमडी और सीईओ शिखा शर्मा का कहना है कि क्रेडिट रिस्क ने बैंक के प्रदर्शन को प्रभावित किया है। यह जरूरी है कि एनपीए की सही से पहचान हो सके और हम इस प्रक्रिया के अंतिम स्टेज में हैं। एक बार सभी एनपीहए की पहचान हो जाने पर आगे आसानी होगी। उनका कहना है कि कैश को लेकर दिक्कत नहीं है। हम हेल्छी कैपिटल पोजिशन में हैं और इसमें अगले कुछ सालों में 20 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद है। 

 

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