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78% मुनाफा घटने के बाद भी एयरटेल शेयर में 5.17% की तेजी, आगे बेहतर है आउटलुक

78 फीसदी मुनाफा कम होने के बाद भी देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल के शेयरों में अच्छी तेजी है।

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नई दिल्ली। 78 फीसदी मुनाफा कम होने के बाद भी देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल के शेयरों में अच्छी तेजी है। बुधवार के कारोबार में एयरटेल का शेयर 5.17 फीसदी की तेजी के साथ 427 रुपए के भाव पर पहुंच गया। वहीं, ग्लोबल फर्म नोमुरा ने शेयर में आगे भी अच्छे रिटर्न की उम्मीद जताई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले की कंपनी का मुनाफा घटा है, लेकिन नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वहीं, जैसे-जैस टेलिकॉम सेक्टर से जुड़ी चिंताएं कम होंगगी, मेजर कंपनियों को फायदा होगा। 

 

 

उम्मीद से बेहतर हैं नतीजे
असल में इस तिमाही के नतीजों को लेकर एक्सपर्ट्स की राय थी कि ओवरऑल पहली बार एयरटेल को घाटा हो सकता है। लेकिन इंडिया बिजनेस में पहली बार घाटा होने के बाद भी चौथी तिमाही में कंपनी को करीब 83 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। जबकि तीसरी तिमाही में एयरटेल का मुनाफा 306 करोड़ रुपए था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2017 की चौथी तिमाही में एयरटेल को 373 करोड़ रुपए मुनाफा हुआ था। ब्रोकिंग फर्म नोमुरा का भी कहना है कि नतीजे उतने बुरे नहीं हैं, जितने अनुमान जताए गए थे। नोमुरा का कहना है कि इंडिया बिजनेस में घाटे के बाद भी नतीजे सरप्राइजिंग हैं।  

 

Airtel

 

तिमाही मुनाफा % में घटा एक साल पहले
Q4 2017 373 करोड़ 71.7% एक साल पहले
Q1 2018 367 करोड़ 75% 1462 करोड़
Q2 2018 343 करोड़ 76% 1461 करोड़
Q3 2018 306 करोड़  39% 504 करोड़
Q4 2018 82.90 करोड़ 78% 373 करोड़

 

5.34 रुपए प्रति शेयर का कुल डिविडेंड
एयरटेल ने फाइनेंशियल ईयर 2018 के लिए 2.5 रुपए प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का एलान किया है। वहीं, कंपनी ने 2.84 रुपए का इंटरिम डिविडेंड दिया। इस लिहाज से फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल डिविडेंड 5.34 रुपए हो गया। बता दें कि डिविडेंड देने वाली कंपनियों के प्रति निवेशकों का रूझान रहता है। ऐसे में अगर आगे के लिए फंडामेंटल बेहतर नजर आते हें तो निवेश बढ़ जाता है। 

 

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का

एक्सपर्ट्स के अनुसार टेलिकॉम इंडस्ट्री बदलाव के दौर में है। भारी छूट की पेशकश करने के बाद दरों में बढ़ोतरी करने से जुड़ा और दूसरा अलग-अलग सेवाओं के मूल्य के आधार पर कॉम्पिटीशन में तेजी से इंडस्ट्री पर दबाव है। इंडस्ट्री में प्रतियोगिता इस तरह से बढ़ गई है कि कंपनियां अभी भी नए-नए आकर्षक प्लान ऑफर कर रही हैं। जिसका मतलब है कि प्राइसिंग वार अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कम से कम 1 साल अभी सेक्टर पर दबाव कम होता नहीं दिख रहा है। नए निवेश या दूसरे मसलों पर आगे सरकार किस तरह के कदम उठाती है, यह देखना भी अहम होगा। 

 

लेकिन आने वाले दिनों में कंसोलिडेशन के बाद सेक्टर में रिकवरी लौटेगी। स्टैलियन एसेट्स डॉट कॉम के सीआईओ अमीत जेसवानी का कहना है कि जैसे-जैसे सेक्टर से जुड़े इश्‍यू कम होंगे, रिकवरी तेज होगी। आने वाले दिनों में इंडस्ट्री में बड़े प्लेयर ही रह जाएंगे, जिसका फायदा एयरटेल जैसी कंपनियों को होगा। फिलहाल लंबी अवधि के लिहाज से एयरटेल, आइडिया जैसी कंपनियों का आउटलुक बेहतर दिख रहा है।  

 

खरीद की सलाह बरकरार 
ब्रोकिंग फर्म नोमुरा ने एयरटेल के शेयरों में खरीद की सलाह बरकरार रखी है। इसके लिए 507 रुपए का लक्ष्‍य रखा है। कंपनी का शेयर मंगलवार को 406 रुपए के भाव पर बंद हुआ था। इस लिहाज से शेयर में आगे भी 25 फीसदी रिटर्न की उम्मीद है। 

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