Home » Market » StocksIndiGo posts Rs 652 cr quarterly loss

क्रूड की महंगाई ने IndiGo को दिया झटका, सितंबर तिमाही में हुआ 652 करोड़ का घाटा

IndiGo: नवंबर, 2015 में लिस्टिंग के बाद ऐसा पहली बार है, जब एविएशन कंपनी ने किसी तिमाही में घाटा दर्ज किया है।

IndiGo posts Rs 652 cr quarterly loss

 

नई दिल्ली. तेल की कीमतें बढ़ने से इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोबल एविएशन को तगड़ा झटका लगा है। बुधवार को जारी कंपनी के नतीजों के मुताबिक, सितंबर 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान इंटरग्लोब एविएशन को 652.1 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। इसकी वजह ऑपरेशनल कॉस्ट में बढ़ोत्तरी और कॉम्पिटीशन रहा है।

 

 

पहली बार इंडिगो को हुआ घाटा

नवंबर, 2015 में लिस्टिंग के बाद ऐसा पहली बार है, जब एविएशन कंपनी ने किसी तिमाही में घाटा दर्ज किया है। 40 फीसदी मार्केट शेयर के साथ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन को एक साल पहले समान अवधि के दौरान 551.60 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ था।

 

 

18 फीसदी बढ़ी टोटल इनकम

रेग्युलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान इंडिगो की टोटल इनकम 18 फीसदी बढ़कर 6,514.2 करोड़ रुपए हो गई। वहीं बीते वित्त वर्ष यानी सितंबर, 2017 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी की कुल इनकम 5,505.60 करोड़ रुपए रही थी।

 

 

इन वजहों से हुआ घाटा

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘ऊंची फ्यूल कॉस्ट, रुपए में कमजोरी और कॉम्पिटीशन बढ़ने से उसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर खासा असर पड़ा।’ सितंबर, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च 58.2 फीसदी बढ़कर 7,502.30 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया।

 

इंडिगो के को-फाउंडर और एंटरिम सीईओ राहुल भाटिया ने कहा कि भारत के एविएशन सेक्टर को ऊंची फ्यूल कॉस्ट, रुपए में कमजोरी, कॉम्पिटीशन में बढ़ोत्तरी आदि के कारण भारी प्रेशर से गुजरना पड़ रहा है, जिससे एयरलाइन की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘मुश्किल हालात के बावजूद लो कॉस्ट स्ट्रक्चर और मजबूत बैलेंसशीट के कारण इंडिगो की स्थिति इंडस्ट्री में बेहतर बनी हुई है।’

 
prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट