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अभी और कमजोर होगा रुपया, एक महीने में छू सकता है प्रति डॉलर 67 का लेवल

एक महीने में प्रति डॉलर 67 के लेवल पर पहुंच सकता है रुपया एक महीने में प्रति डॉलर 67 के लेवल पर पहुंच सकता है रुपया
अभी और कमजोर हो सकता है रुपया अभी और कमजोर हो सकता है रुपया

ग्लोबल टेंशन, ट्रेड वार और डॉलर इंडेक्स की मजबूती की वजह से भारतीय रुपया लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। बीते एक महीने में रुपया लगभग 3 फीसदी कमजोर होकर 13 महीने के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बॉन्ड यील्ड बढ़ने, क्रूड की बढ़ती कीमतों और एफआईआई द्वारा लगातार बिकवाली का असर आगे भी रुपए पर दिखेगा। ऐसे में रुपया एक महीने में 67 रुपए के स्तर तक जा सकता है।

moneybhaskar

Apr 24,2018 01:03:00 AM IST

नई दिल्ली. ग्लोबल टेंशन, ट्रेड वार और डॉलर इंडेक्स की मजबूती की वजह से भारतीय रुपया लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। बीते एक महीने में रुपया लगभग 3 फीसदी कमजोर होकर 13 महीने के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बॉन्ड यील्ड बढ़ने, क्रूड की बढ़ती कीमतों और एफआईआई द्वारा लगातार बिकवाली का असर आगे भी रुपए पर दिखेगा। ऐसे में रुपया एक महीने में 67 रुपए के स्तर तक जा सकता है।

इन वजहों से कमजोर होगा रुपया

-केडिया कमोडिटीज के प्रेसिडेंट अजय केडिया ने मनीभास्कर से बातचीत में कहा कि भारत की बॉन्ड यील्ड 2 महीने के हाई पर है। रुपए और बॉन्ड यील्ड का डायरेक्शन अपोजिट रहता है।

- अमेरिका में पॉलिसी संबंधी बदलावों से डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखने को मिल रही है, इसने 90 का लेवल क्रॉस कर लिया है। इसका असर रुपए पर दिख रहा है।

-इंडियन स्टॉक मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं।

-जिओपॉलिटिकल टेंशन कई जगह पर बनी हुई है। इस वजह से दुनिया भर में डॉलर की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है, जो रुपए में कमजोरी की बड़ी वजह है।

-केडिया ने कहा कि ये फैक्टर आगे भी बने रहेंगे, इसलिए रुपए में और कमजोरी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में रुपया 67 के स्‍तर पर आ सकता है। ऊपरी स्तरों की बात करें तो यह डालर के मुकाबले रुपया 30 पैसे से ज्यादा मजबूत नहीं होगा।

महंगे क्रूड ने बढ़ाया प्रेशर

वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। बीते तीन महीनों के दौरान क्रूड में 6 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है।

भारत क्रूड के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है और अपनी अपनी जरूरत का लगभग 80 फीसदी इंपोर्ट करता है। केडिया के मुताबिक ऐसे में भारत को क्रूड के लिए ज्यादा डॉलर चुकाने पड़ेंगे, जिसका असर आगे भी रुपए पर देखने को मिलेगा।

करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ाएगा मुश्किलें

कोटक इकोनॉमिक रिसर्च की हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट (सीएडी) 6 साल के हाई पर पहुंच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक क्रूड के 65 डॉलर प्रति बैरल के प्राइस के हिसाब से CAD 2.4 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकता है। इससे पहले 2013-14 में सीएडी 1.7 फीसदी रहा था। इससे रुपए पर खासा प्रेशर पड़ सकता है।

पिछले 7 दिनों में रुपए की चाल

13 अप्रैल

65.20/डॉलर

16 अप्रैल

65.49/डॉलर

17 अप्रैल

65.64/डॉलर

18 अप्रैल

65.66/डॉलर

19 अप्रैल

65.79/डॉलर

20 अप्रैल

66.12/डॉलर

23 अप्रैल

66.48/डॉलर

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