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पत्‍नी की लें मदद, बच जाएगा इनकम टैक्‍स

बजट में इनकम टैक्‍स के नियम में बदलाव का प्रस्‍ताव हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो आपकी पत्‍नी इससे बचने में मदद कर सकती है।

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नई दिल्‍ली. सरकार ने इस बजट में इनकम टैक्‍स के नियम में बदलाव का प्रस्‍ताव किया हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो आपकी पत्‍नी इससे बचने में मदद कर सकती है। सरकार ने लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया है। अगले वित्‍त वर्ष से अगर किसी निवेशक को 1 लाख रुपए से ज्‍यादा कैपिटल गेन होता है तो उस पर 10 फीसदी टैक्‍स देना होगा। इस टैक्‍सेबल अर्निग को बचाने का बस एक ही जरिया है कि अपनी पत्‍नी को स्‍मार्ट बनाएं और इस टैक्‍स के बोझ से बचें।

 

 

 

बजट में क्‍या बदले हैं नियम

बजट 2018 में वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसदी टैक्‍स लगाया है। यह टैक्‍स इक्विटी म्‍युचुअल फंड और शेयर्स से होने वाली 1 लाख रुपए से ज्‍यादा की आमदनी पर लगाया गया है। अगर आप चाहते हैं कि इस टैक्‍स के बोझ से बचना है तो आपकी पत्‍नी इसमें मदद कर सकती है, बस जरूरत है कि आप अपनी पत्‍नी को स्‍मार्ट बनाएं।

 

 

कैसे बनेगी पत्‍नी स्‍मार्ट

देश में अभी कामकाजी पत्नियों का प्रतिशत काफी कम है। ऐसा नहीं है कि पत्नियां सक्षम नहीं हैं, लेकिन लोगों की सोच के चलते उनको काम करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इस बजट ने उनके लिए रास्‍ता खोल दिया है। अगर पति चाहते हैं कि उनका इनकम टैक्‍स का बोझ कम हो तो उनको अपनी पत्नियों की मदद लेना ही होगी। लेकिन इस मदद को लेते वक्‍त आपको इनकम टैक्‍स के नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

 

 

 

क्‍या कहता है इनकम टैक्‍स विभाग का नियम

सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार इनकम टैक्‍स विभाग का नियम कहता है कि आप अपनी पत्‍नी को गिफ्ट में अगर पैसा देते हैं, तो इससे होने वाली आमदनी बाद में आपकी ही इनकम में जुड़ जाएगी। इससे आपका इनकम टैक्‍स का बोझ बढ़ जाएगा। लेकिन इनकम टैक्‍स विभाग के नियमों के अनुसार ही आप अपनी पत्‍नी को बिजनेस के लिए लोन दे सकते हैं। ऐसा करने के बाद इससे होने वाली पूरी कमाई अापकी पत्‍नी की मानी जाएगी और आप पर टैक्‍स का बोझ नहीं बढ़ेगा।

 

 

 

कैस मिल सकता है इस नियम का फायदा

आप अपनी को अगर इन्‍वेस्‍टमेंट के बारे में जागरूक करें तो वह एक अच्‍छी निवेशक बन सकती है। लेकिन सिर्फ जानकारी हो जाने से काम नहीं बनेगा। अगर पत्‍नी इन्‍वेस्‍टमेंट के तरीके सीख जाएगी तो उसके पास निवेश के लिए पैसा कहां से आएगा। ऐसे में आप पत्‍नी को उधार पैसे देकर उसका हौसला बढ़ा सकते हैं और उसको आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं।

 

 

 

कैसे दे सकते हैं पत्‍नी को उधार पैसा

अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो आपको बकायदा अपनी पत्‍नी को एक स्‍टांप पेपर में लिख कर पत्‍नी को पैसा उधार देना होगा। इसमें उधार पैसा देने के उदृेश्‍य के अलावा ब्‍याज दरों का भी स्‍पष्‍ट उल्‍लेख होना चाहिए। ब्‍याज दरें आपके और आपके पत्‍नी के बीच का ही मामला नहीं है, इस लिए इनको बाजार के हिसाब से ही तय करना चाहिए। ऐसा न करने पर इनकम टैक्‍स इस पर ऐतराज जता सकता है। इससे बचने के लिए बैंकों की एक साल की FD में जितना ब्‍याज मिल रहा हो उतना रखा जाए इनकम टैक्‍स विभाग इस पर ऐतराज नहीं जता सकता है।

 

 

 

 

पत्‍नी इस पैसे से शुरू करें निवेश

सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार पत्नियों के पास जैसे ही पैसा आ जाएगा वह शेयर्स और म्‍युचुअल फंड में इन्‍वेस्‍टमेंट शुरू कर सकती हैं। इसके बाद इससे होने वाला फायदा उनका होगा। इस फायदे में से वह पतियों को ब्‍याज की रकम चुका कर पैसा जब तक चाहें अपने पास रख सकती हैं, या चाहें तो धीरे धीरे करके वापस भी कर सकती हैं। पत्‍नी की उम्र अगर 60 साल से कम है और उसकी अन्‍य कोई इनकम नहीं है तो वह 2.5 लाख रुपए का लॉंन्‍ग टर्म कैपिटल गेन का भी फायदा उठा सकती हैं। अगर पत्‍नी की उम्र 60 साल से 80 साल के बीच है तो यह फायदा 3 लाख रुपए तक और अगर उम्र 80 साल से ज्‍यादा है तो 5 लाख रुपए का फायदा ले सकती हैं।

 

 

 

पति इस बात का रखें ध्‍यान

पत्नियां जब अपनी पति को ब्‍याज का पैसा वापस करें तो वह इसे अपनी इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल में जरूर दिखाएं, जिससे बाद में उनसे कोई पूछताछ न हो। ऐसा न करने पर इनकम टैक्‍स विभाग पतियों से पूछताछ कर सकता है।

 

 

आगे पढ़ें : कौन से नियम दिलाएगा ज्‍यादा फायदा

 

 

 

किस नियम से मिलेगा ज्‍यादा फायदा

च्‍वॉइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार अगर किसी निवेशक की शेयर बाजार और म्‍युचुअल फंड के अलावा कोई अन्‍य कमाई नहीं है, तो बजट प्रस्‍तावों से भी ज्‍यादा की LTCG की छूट मिल सकती है। उनके अनुसार आयकर के नियमों के अनुसार अगले साल भी थ्रेसहोल्‍ड लिमिट 2.5 लाख रुपए ही है। इस नियम के अनुसार अगर किसी की अगले साल किसी भी स्रोत से इनकम 2.5 लाख रुपए है, तो उस पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा। ऐसे में अगर LTCG से 2.5 लाख रुपए तक की आमदनी होती है तो वह भी पूरी तरह से कर मुक्‍त होगी।

 

 

 

इससे भी ज्‍यादा की मिल सकती है छूट

सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार सीनियर सिटीजन और अति वरिष्‍ठ नागरिकों को इससे भी ज्‍यादा की छूट मिल सकती है। सीनियर सिटीजन की अभी 3 लाख रुपए तक की इनकम टैक्‍स फ्री है। इसके अलावा 80 साल से ज्‍यादा के अति वरिष्‍ठ नागरिकों की 5 लाख रुपए तक की इनकम पूरी तरह से टैक्‍स फ्री है। ऐेसे में सीनियर सिटीजन को होने वाली LTCG से 3 लाख रुपए तक की इनकम पर छूट मिलेगी, जबकि अति वरिष्‍ठ ना्गरिक 5 लाख रुपए के लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन का फायदा ले सकते हैं।

 

 

 

लेकिन LTCG पर नहीं मिलेगी 80C की छूट

सीए और टैक्स सलाहकार पवन कुमार जायसवाल के अनुसार 2.5 लाख से लेकर 5 लाख रुपए की छूट वालों लोगों को अगर छोड़ दिया जाए, तो LTCG की एक लाख रुपए से ज्‍यादा आमदनी पर टैक्‍स देना ही होगा। इस आमदनी को किसी भी प्रकार के निवेश से बचाया नहीं जा सकेगा। अभी PF, PPF और कई तरह के विकल्‍प हैं, जिनमें निवेश करके इनकम टैक्‍स की छूट ली जा सकती है, लेकिन इन निवेश से LTCG की टैक्‍सेबल आमदनी पर छूट नहीं ली जा सकेगी।

 

 

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