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चंदा कोचर के सपोर्ट में ICICI , वीडियोकॉन को 3250cr का लोन गलत तरीके से देने का

वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने की खबरों के बीच आईसीआईसीआई बैंक का बोर्ड चंदा कोच्चर के सपोर्ट में आ गया है।

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नई दिल्ली. वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने की खबरों के बीच आईसीआईसीआई बैंक का बोर्ड अपनी मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ चंदा कोचर के सपोर्ट में आ गया है। बोर्ड ने कोचर पर पूरा भरोसा जताया और वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज दिए जाने से जुड़ी खबरों को ‘दुर्भावनापूर्ण और निराधार अटकलें’ करार दिया।

क्या है आरोप

 

वीडियोकॉन ग्रुप को आईसीआईसीआई बैंक ने अप्रैल 2012 में  3250 करोड़ रुपए का लोन दिया था। कंपनी ने केवल 14 फीसदी लोन चुकाया। जिसकी वजह से लोन अकाउंट को 2017 में एनपीए  घोषित कर दिया गया।  बाद में वीडियोकॉन की मदद से बनी एक कंपनी बनाई गई। जिसे आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की अगुअाई वाले ट्रस्ट के नाम कर दिया गया।

 

क्रेडिट अप्रूवल की प्रक्रिया खासी मजबूत

प्राइवेट सेक्टर के लेंडर ने एक रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा कि आईसीआईसीआई बैंक बोर्ड ने क्रेडिट अप्रूवल के लिए बैंक की आंतरिक प्रक्रिया की समीक्षा भी की और उसे खासा मजबूत पाया। हाल में एक वेबसाइट पर आई रिपोर्ट में वीडियोकॉन को लोन देने में कोचर और उनके फैमिली मेंबर्स की लिप्पता के आरोप लगाए गए थे। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि कोचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य को भी भेजी गई है।

 

नहीं हुई कोई धांधलीः बोर्ड

बैंक ने कहा, ‘बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि किसी लेनदेन/मिलीभगत/हितों के टकराव का कोई सवाल ही नहीं उठता, जैसा कई अटकलबाजी में आरोप लगाए गए हैं। बोर्ड का बैंक की एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर पूरा भरोसा है।’

 

आईसीआईसीआई सिर्फ कंसोर्टियम का हिस्सा भर

यह भी कहा गया कि बैंक और उसके टॉप मैनेजमेंट की छवि बिगाड़ने के लिए ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। वीडियोकॉन ग्रुप को कर्ज के संबंध में बैंक ने कहा कि बैंक का कर्ज एक कंसोर्टियम अरेंजमेंट का हिस्सा भर है।  बैंक ने कहा, ‘आईसीआईसीआई बैंक इस कंसोर्टियम का लीड बैंक नहीं है और बैंक ने सिर्फ इसके सिर्फ एक हिस्से के लिए मंजूरी दी थी, जो लगभग 3,250 करोड़ रुपए है। अप्रैल, 2012 में दिए गए कुल कर्ज यह 10 फीसदी से भी कम है।’

 

 

 

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